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G7 Summit: पीएम मोदी से मिलने दौड़े-दौड़े आए अमेरिकी राष्ट्रपति, पीछे से कंधे पर हाथ रखा, वीडियो वायरल
Mon, 27 Jun 2022 08:37 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, बर्लिन
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 27 Jun 2022 08:37 PM IST
सार
मोदी जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बात कर रहे थे, तभी बाइडन उनसे मिलने खुद चलकर आए। बाइडन के रास्ते में कई विश्व राजनेता दिखे लेकिन वे पीएम मोदी की तरफ ही बढ़ते रहे।
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जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जी-7 शिखर सम्मेलन 2022 की मेजबानी इस समय जर्मनी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसकी बैठक में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी के दौरे पर हैं। इस दौरान आज एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे भारत के बढ़ते कद के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन आज पीएम मोदी से हाथ मिलाने के लिए उनके पीछे-पीछे दौड़े आए।
मोदी जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बात कर रहे थे, तभी बाइडन उनसे मिलने खुद चलकर आए। बाइडन के रास्ते में कई विश्व राजनेता दिखे लेकिन वे पीएम मोदी की तरफ ही बढ़ते रहे। उन्होंने पीछे से मोदी के कंधे पर हाथ रखा तो मोदी ने भी हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
बाइडन और मोदी की मुलाकात का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसे भारत के वैश्विक कद का प्रतीक बताया जा रहा है।
क्या है जी-7
ग्रुप ऑफ सेवन यानि जी7 प्रमुख औद्योगिक देशों का एक समूह है जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। इस समूह में वो देश शामिल हैं जो आजादी, मानवाधिकार, लोकतंत्र और विकास के सिद्धांत पर चलते हैं। इस वर्ष जर्मनी जी-7 की मेजबानी कर रहा है।
जी7 प्रतिवर्ष शिखर सम्मेलन आयोजित करता है जिस दौरान हितों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होती है। इस सम्मेलन में अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाती है और उसका समाधाना ढूंढने का प्रयास किया जाता है। जी7 की स्थापना 1975 में हुई थी और इसी वर्ष इस समूह की पहली बैठक आयोजित की गई थी। पहली बैठक में दुनियाभर में बढ़े आर्थिक संकट और उसके समाधान पर चर्चा की गई थी। साल 1976 में कनाडा इस ग्रुप से जुड़ा। जी7 के देशों के अलावा दूसरे देशों के प्रतिनिधियों को भी इस सम्मेलन में आमंत्रित किया जाता है।
विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते के शुरुआत में कहा था कि प्रधानमंत्री सम्मेलन के दो सत्रों में पर्यावरण, उर्जा, जलवायु, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और लोकतंत्र जैसे विषयों पर अपनी बात रखते हैं। वह भाग लेने वाले कुछ देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
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मोदी जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से बात कर रहे थे, तभी बाइडन उनसे मिलने खुद चलकर आए। बाइडन के रास्ते में कई विश्व राजनेता दिखे लेकिन वे पीएम मोदी की तरफ ही बढ़ते रहे। उन्होंने पीछे से मोदी के कंधे पर हाथ रखा तो मोदी ने भी हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
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#WATCH | US President Joe Biden walked up to Prime Minister Narendra Modi to greet him ahead of the G7 Summit at Schloss Elmau in Germany.
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(Source: Reuters) pic.twitter.com/gkZisfe6sl — ANI (@ANI) June 27, 2022
बाइडन और मोदी की मुलाकात का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसे भारत के वैश्विक कद का प्रतीक बताया जा रहा है।
क्या है जी-7
ग्रुप ऑफ सेवन यानि जी7 प्रमुख औद्योगिक देशों का एक समूह है जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। इस समूह में वो देश शामिल हैं जो आजादी, मानवाधिकार, लोकतंत्र और विकास के सिद्धांत पर चलते हैं। इस वर्ष जर्मनी जी-7 की मेजबानी कर रहा है।
जी7 प्रतिवर्ष शिखर सम्मेलन आयोजित करता है जिस दौरान हितों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होती है। इस सम्मेलन में अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाती है और उसका समाधाना ढूंढने का प्रयास किया जाता है। जी7 की स्थापना 1975 में हुई थी और इसी वर्ष इस समूह की पहली बैठक आयोजित की गई थी। पहली बैठक में दुनियाभर में बढ़े आर्थिक संकट और उसके समाधान पर चर्चा की गई थी। साल 1976 में कनाडा इस ग्रुप से जुड़ा। जी7 के देशों के अलावा दूसरे देशों के प्रतिनिधियों को भी इस सम्मेलन में आमंत्रित किया जाता है।
विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते के शुरुआत में कहा था कि प्रधानमंत्री सम्मेलन के दो सत्रों में पर्यावरण, उर्जा, जलवायु, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और लोकतंत्र जैसे विषयों पर अपनी बात रखते हैं। वह भाग लेने वाले कुछ देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।