फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   G4 countries expressed concern for not getting no concrete results on reforms in UNSC

यूएनएससी में सुधारों पर ठोस नतीजे नहीं निकलने पर जी4 के सदस्य देशों ने जताई चिंता

Thu, 26 Sep 2019 11:15 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 26 Sep 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
G4 countries expressed concern for not getting no concrete results on reforms in UNSC
विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

भारत और जी4 के अन्य सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में मौजूदा अंतरसरकारी बातचीत में जरूरी खुलापन नहीं है, यह त्रुटिपूर्ण कार्यशैली से जूझ रही है।

विज्ञापन


जी4 में शामिल भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री अर्नेस्टो अराउजो, जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशीमित्सू ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें सत्र से इतर मुलाकात की।
विज्ञापन


बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य के अनुसार जी4 के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अंतरसरकारी वार्ता (आईजीएन) में हाल ही में किए गए प्रयासों की समीक्षा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें कहा गया, ‘उन्होंने इस तथ्य के मद्देनजर अपनी चिंता व्यक्त की कि आईजीएन शुरू होने के 10 साल से ज्यादा बाद अफ्रीकी साझा रुख बेहतर तरीके से जरूर झलका है, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।’

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि आईजीएन के हालिया सत्र में एक बार फिर यह बात प्रदर्शित हुई कि वार्ता प्रक्रिया में जरूरी खुलेपन और पारदर्शिता की कमी है और यह त्रुटिपूर्ण कार्यशैली से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकतर सदस्य सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार के पक्षधर हैं तथा आईजीएन को और अधिक परिणामोन्मुखी प्रक्रिया बनाने की अपेक्षा रखते हैं। महज सामान्य वक्तव्यों पर आधारित बहसों को पीछे छोड़ने का समय आ गया है।

मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद के जल्द और व्यापक सुधार के लिए अपनी पुरजोर प्रतिबद्धता जताई। इस बारे में 2005 में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में भी सरकार प्रमुखों और शासनाध्यक्षों ने विचार किया था।


बयान के अनुसार जी4 के विदेश मंत्रियों ने समकालीन वास्तविकताओं को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में सुधार करने और इसकी प्रमुख नीति निर्णायक इकाइयों को उन्नत बनाने के प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed