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G20 FM Meet: 'भू-राजनैतिक मुद्दों का रचनात्मक समाधान जरूरी'; जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की दो टूक
Thu, 22 Feb 2024 03:26 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियो डि जेनेरियो (ब्राजील)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियो डि जेनेरियो (ब्राजील)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 22 Feb 2024 03:26 PM IST
सार
जी-20 देशों की अध्यक्षता अब ब्राजील कर रहा है। रियो डि जेनेरियो में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत ने दो-टूक संदेश दिया है। भारत ने कहा कि भू-राजनैतिक मुद्दों का समाधान रचनात्मक तरीके से किया जाना चाहिए।
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केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
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विस्तार
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने ब्राजील में आयोजित जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में स्पष्ट संदेश दिया। भारत ने साफ किया कि दुनिया के कई देशों को प्रभावित करने वाले भू-राजनैतिक मुद्दों का समाधान रचनात्मक तरीके से किया जाना चाहिए। बता दें कि कुछ महीने पहले भारत की अध्यक्षता में जी-20 देशों का सम्मेलन आयोजित हुआ था। अब इसकी अध्यक्षता ब्राजील कर रहा है। भारत ने विदेश मंत्रियों की बैठक में दो टूक कहा, 'दुनियाभर में टकराव की कई घटनाएं चिंता पैदा कर रही हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि भू-राजनैतिक मुद्दों का समाधान काफी रचनात्मक तरीके से किया जाए।' भारत ने जी-20 देशों के मंत्रियों की बैठक में जटिल मुद्दों पर आम सहमति बनाने पर भी जोर दिया।
गौरतलब है कि भारत ने ब्राजील को जी-20 देशों की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2023 को सौंपी। रियो डि जेनेरियो में जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित की गई। बुधवार को उद्घाटन के बाद पहली मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
अंतरराष्ट्रीय तनाव से निपटने में जी-20 देशों की भूमिका पर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने संघर्ष के कई बिंदुओं पर बात की। उन्होंने भारत की स्थिति साफ करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास हिंसक संघर्ष, फलस्तीन मुद्दे का भी जिक्र किया। मुरलीधरन ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति पर तत्काल अमल करने पर भरोसा करता है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है। बकौल विदेश राज्यमंत्री, पश्चिम एशिया में संघर्ष को और अधिक फैलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
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लाल सागर में समुद्री जहाजों पर हमलों का जिक्र करते हुए विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन ने कहा, व्यापारिक रास्तों की अत्यधिक सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बात को भी दोहराया कि आर्थिक मंच के रूप में जी-20 देशों को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और जलवायु परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान जी-20 देशों के सम्मेलन को भारत की तरफ से 'दृढ़ समर्थन' देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, विदेश मंत्रियों की बैठक की थीम 'बिल्डिंग ए जस्ट वर्ल्ड एंड ए सस्टेनेबल प्लैनेट' भारत के विजन से अच्छी तरह मेल खाती है। भारत ने 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की थीम के तहत जी-20 समिट का सफल आयोजन किया था।
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गौरतलब है कि भारत ने ब्राजील को जी-20 देशों की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2023 को सौंपी। रियो डि जेनेरियो में जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित की गई। बुधवार को उद्घाटन के बाद पहली मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
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अंतरराष्ट्रीय तनाव से निपटने में जी-20 देशों की भूमिका पर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने संघर्ष के कई बिंदुओं पर बात की। उन्होंने भारत की स्थिति साफ करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास हिंसक संघर्ष, फलस्तीन मुद्दे का भी जिक्र किया। मुरलीधरन ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति पर तत्काल अमल करने पर भरोसा करता है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है। बकौल विदेश राज्यमंत्री, पश्चिम एशिया में संघर्ष को और अधिक फैलने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
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लाल सागर में समुद्री जहाजों पर हमलों का जिक्र करते हुए विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन ने कहा, व्यापारिक रास्तों की अत्यधिक सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बात को भी दोहराया कि आर्थिक मंच के रूप में जी-20 देशों को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और जलवायु परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान जी-20 देशों के सम्मेलन को भारत की तरफ से 'दृढ़ समर्थन' देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, विदेश मंत्रियों की बैठक की थीम 'बिल्डिंग ए जस्ट वर्ल्ड एंड ए सस्टेनेबल प्लैनेट' भारत के विजन से अच्छी तरह मेल खाती है। भारत ने 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' की थीम के तहत जी-20 समिट का सफल आयोजन किया था।