Fuel crisis: कई देशों में ईंधन संकट गहराया, पाकिस्तान, थाईलैंड, बांग्लादेश, वियतनाम ने उठाए ये कदम
मध्य पूर्व संकट और बढ़ती तेल कीमतों के बीच कई देश ईंधन बचत के कदम उठा रहे हैं। थाईलैंड ने सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया, जबकि पाकिस्तान ने वेतन कटौती, स्कूल बंद और सरकारी खर्च कम करने जैसे कड़े उपाय घोषित किए हैं।
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वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों और मध्य पूर्व में जारी संकट जारी है। इसे देखते हुए कई देश ईंधन बचाने के लिए अलग-अलग प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान के बाद थाईलैंड ने भी ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दे दिया है। थाई प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने आज यह ऐलान किया।
घर से काम करने के अलावा और भी कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरे पर भी रोक, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने का सलाह दी गई है। मध्य पूर्व संकट के कारण ईंधन की खपत कम करने की मंशा करने के साथ ये कदम उठाए गए हैं।
इससे पहले पाकिस्तान ने भी अपना ईंधन बचाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल कीमतों को देखते कटौती करने का योजना बनाई। इसमें सांसदों-मंत्रियों के वेतन में कटौती से लेकर बच्चों के स्कूल बंद रखने तक की घोषणा की गई। सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरे रोके गए हैं। मंत्री दो महीने वेतन नहीं मिलेगा, साथ ही सांसद की सैलरी को 25 प्रतिशत काटा जाएगा। दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50 फीसदी कम ईंधन मिलेगा। 60 फीसदी सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20 फीसदी की कटौती करेंगे। आधे कर्मचारियों का घर से काम करने का नियम बैंक, अस्पताल, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों जैसी आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा।
पाकिस्तान में सरकारी दफ्तर को चार दिन खोला जाएगा। आधे लोग घर से काम करेंगे। इसे हफ्ते के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहने का एलान किया गया है। डॉन अखबार के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सख्त मितव्ययिता उपायों की घोषणा की है।
वहीं, वियतनाम ने भी लोगों से ईंधन बचाने के लिए घर से काम करने और गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है, जबकि बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए विश्वविद्यालयों को पहले ही बंद करने का ऐलान कर दिया था और ईद-उल-फितर की छुट्टियां आगे बढ़ा दी हैं।