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भारत-कनाडा: आतंकी निज्जर की हत्या के आरोपों से शुरु हुआ विवाद, राजनयिक निकाले जाने से अब तक क्या-क्या हुआ?

Fri, 22 Sep 2023 01:57 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 22 Sep 2023 01:57 PM IST
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सार
India Canada Row Timeline: इस पूरे विवाद की जड़ में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामला है। दरअसल, निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 18 सितंबर को निज्जर की हत्या को लेकर कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने वहां की संसद में भारत पर आरोप लगा दिए।
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From allegations of Nijjar's murder to expelling diplomats, here is the timeline of India Canada dispute
भारत-कनाडा संबंध। - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा और भारत आमने-सामने हैंI कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले दिनों निज्जर की हत्या को लेकर भारत की तरफ इशारा किया। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इसी बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने फिर कहा कि कनाडा आतंकियों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है और उन्हें अपनी छवि की चिंता करनी चाहिए। 


आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच बहुत कुछ हो चुका है। इनमें राजनयिकों को निकालने से लेकर वीजा आवेदन बंद करने तक जैसे निर्णय शामिल हैं। आखिर भारत और कनाडा के बीच विवाद कब शुरू हुआ? इसके बाद क्या-क्या हुआ? दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं? अभी क्या स्थिति है? आगे क्या होगा? आइये जानते हैं...

खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या का मामला
खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या का मामला - फोटो : twitter
ऐसे शुरू हुआ भारत-कनाडा के बीच विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामला है। निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे कनाडा में ब्रिटिश कोलंबिया के सरी स्थित गुरुनानक सिख गुरुद्वारा के पास दो अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी। निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख था और भारत में एक घोषित आतंकवादी था। 



इसी सोमवार यानी 18 सितंबर को निज्जर की हत्या को लेकर कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने वहां की संसद में भारत पर आरोप लगा दिए। ट्रूडो ने कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों के पास यह मानने के कारण है कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की। कनाडाई एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत की साजिश की संभावनाओं की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा की धरती पर कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है। 

भारत-कनाडा में तनाव
भारत-कनाडा में तनाव - फोटो : अमर उजाला
कनाडा ने भारतीय राजनयिक को निकाला 
भारत पर लगाए आरोपों के बाद कनाडा ने भारतीय राजनयिक को देश से निष्कासित कर दिया। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि कनाडा में भारतीय अधिकारी को निष्कासित कर दिया गया है। वहां की सरकार का आरोप था कि भारतीय राजनयिक हत्याकांड की जांच में हस्तक्षेप कर रहे थे और वह भी तब जब कनाडाई एजेंसी मामले की जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

कनाडा ने जारी की संशोधित ट्रैवल एडवायजरी 
निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच संबंध तनावपूर्ण होते चले गए। इस बीच 18 सितंबर को कनाडा ने अपने नागरिकों को भारत के कुछ राज्यों की यात्रा करने से बचने की बेतुकी सलाह दे डाली। कनाडा की अपडेटेड ट्रैवल एडवाइजरी में कहा गया, 'अप्रत्याशित सुरक्षा स्थिति के कारण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की यात्रा से बचें। आतंकवाद, उग्रवाद, नागरिक अशांति और अपहरण का खतरा है। इस एडवाइजरी में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख या उसके भीतर यात्रा शामिल नहीं है।'

MEA spokesperson Arindam Bagchi
MEA spokesperson Arindam Bagchi - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@ANI
भारत ने पहली बार प्रतिक्रिया दी 
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार (19 सितंबर) को कनाडा के आरोपों का पहली प्रतिक्रिया दी। एमईए ने ट्रूडो के दावों को बेतुका और पूर्वाग्रह से ग्रसित बताते हुए इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि इस तरह के आरोप सिर्फ उन खालिस्तानी आतंकी और कट्टरपंथियों से ध्यान हटाने के लिए जिन्हें लंबे समय से कनाडा में शरण दी जा रही है और जो भारत की क्षेत्रीय एकता और अखंडता के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
इसके साथ ही जवाबी कार्रवाई में कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को भी भारत ने निष्कासित कर दिया। इस राजनयिक को पांच दिन के अंदर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया। 

Canada High Commission
Canada High Commission - फोटो : सोशल मीडिया
आरोपों पर नाराजगी जताने के लिए उच्चायुक्त को भी तलब किया 
19 सितंबर को ही कनाडा की ओर से निज्जर की हत्या के आरोपों पर भारत ने नाराजगी जाहिर की। विदेश मंत्रालय ने कनाडा की ओर से राजनयिक को निकाले जाने के फैसले का विरोध करते हुए कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया। साथ ही उन्हें कनाडा के एक वरिष्ठ उच्चायुक्त को निष्कासित किए जाने की जानकारी दी। 

एमईए ने कहा कि यह फैसला हमारे आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर भारत सरकार की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो। - फोटो : सोशल मीडिया
भारत के एतराज के बाद ट्रूडो ने बदल लिए सुर 
भारत की नाराजगी के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सुर नरम पड़ गए। ट्रूडो ने मंगलवार (19 सितंबर) को कहा, 'कनाडा सिख अलगाववादी नेता की हत्या से जुड़े होने को लेकर भारत को उकसाने की कोशिश नहीं कर रहा है। हम चाहते हैं कि नई दिल्ली इस मुद्दे को ठीक से देखे और गंभीरता से ले।' उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लेने की जरूरत है। कनाडा उकसाने या इसे आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत ने भी जारी की एडवाइजरी 
पूरे विवाद के बीच 20 सितंबर (बुधवार) को कनाडा में रह रहे भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर दी। खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की धमकी के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा में रहने वाले भारतीयों और वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए यह एडवाइजरी जारी की। 

भारत ने बंद किया वीजा आवेदन 
ताजा फैसले में भारत ने कनाडा में भारतीय वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। गुरुवार (21 सितंबर) को कनाडा में भारत के लिए वीजा सेवाएं मुहैया कराने वाली एजेंसी ने परिचालन कारणों से कुछ समय के लिए इस सुविधा को निलंबित कर दिया। बीएलएस इंटरनेशनल की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि ऑपरेशन कारणों से तत्काल प्रभाव से यानी 21 सितंबर 2023 से कनाडा में भारतीय वीजा सेवाओं को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।

इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आप कनाडा में हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावासों द्वारा सामना किए जा रहे सुरक्षा खतरों से अवगत हैं। इससे उनका सामान्य कामकाज बाधित हो गया है। हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास अस्थायी रूप से वीजा आवेदनों पर काम करने में असमर्थ हैं। हम नियमित आधार पर स्थिति की समीक्षा करेंगे।

canada flag
canada flag - फोटो : social media
कनाडा के कुछ राजनयिक वापस जाएंगे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कनाडा के राजनयिक ज्यादा संख्या में भारत में है, जबकि भारत के राजनयिक उतनी संख्या में कनाडा में नहीं हैं। ऐसे में कनाडा के और राजनयिक वापस जाएंगे, जिससे ये संख्या बराबर हो सके। 

कनाडा से कोई विशेष जानकारी नहीं मिली
भारत-कनाडा विवाद पर बागची ने कहा है कि हमें उपलब्ध कराई गई किसी भी विशिष्ट जानकारी पर गौर करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी तक हमें कनाडा से कोई विशेष जानकारी नहीं मिली है। जबकि हमारी ओर से कनाडा में रहकर कुछ लोगों के द्वारा आपराधिक गतिविधियों के बारे में विशिष्ट सबूत कनाडा के साथ साझा किए गए हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की गई है।

हिंदू कनाडाई लोगों के खिलाफ पोस्ट किए जा रहे वीडियो पर नाराजगी जाहिर की
इस बीच, कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विभाग ने हिंदू कनाडाई लोगों के खिलाफ पोस्ट किए जा रहे वीडियो पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कनाडा सरकार ने कहा कि 'वीडियो का प्रसार आक्रामक और घृणास्पद है और यह सभी कनाडाई लोगों और हमारे मूल्यों का अपमान है'। सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार ने लिखा कि 'आक्रामकता, नफरत, डराने-धमकाने या डर पैदा करने वाली कार्रवाइयों का इस देश में कोई स्थान नहीं है।' बता दें कि बीते दिनों खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नूं ने एक वीडियो संदेश जारी कर कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को भारत चले जाने की धमकी दी थी। 
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