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France: राष्ट्रपति मैक्रों बोले- हैती को स्वतंत्रता के लिए चुकानी पड़ी बड़ी कीमत, यह बहुत ही अन्यायपूर्ण
Fri, 18 Apr 2025 03:16 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 18 Apr 2025 03:16 AM IST
सार
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि करीब 200 साल पहले हैती को स्वतंत्रता के लिए फ्रांस को भारी कीमत चुकानी पड़ी। उसके ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अन्यायपूर्ण था। मैक्रों ने साझा इतिहास की जांच करने और संबंधों का आकलन करने के लिए एक संयुक्त आयोग के गठन की घोषणा की।
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इमैनुएल मैक्रों
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि हैती के साथ अतीत में बहुत गलत किया गया था। करीब 200 साल पहले, जब हैती ने फ्रांस से आजादी पाई, तो उसे बदले में फ्रांस को बहुत बड़ी कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया गया था। यह बहुत ही अन्यायपूर्ण था। इस दौरान मैक्रों ने साझा इतिहास की जांच करने और संबंधों का आकलन करने के लिए एक संयुक्त फ्रांसीसी-हैती ऐतिहासिक आयोग के गठन की घोषणा की। हालांकि, मैक्रों ने हैती की लंबे समय से चली आ रही क्षतिपूर्ति की मांगों को सीधे संबोधित नहीं किया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने एक बयान में कहा, 'फ्रांस ने हैती के लोगों को भारी वित्तीय क्षतिपूर्ति के अधीन कर दिया। इस निर्णय ने एक युवा राष्ट्र की स्वतंत्रता पर एक कीमत लगाई, जो इस प्रकार अपने आरंभ से ही इतिहास की अन्यायपूर्ण ताकत का सामना कर रहा था।'
राजा चार्ल्स के दस्तावेज की 200वीं वर्षगांठ पर दिया बयान
राष्ट्रपति मैक्रों ने यह बात फ्रांस के राजा चार्ल्स एक्स द्वारा जारी 17 अप्रैल, 1825 के दस्तावेज की 200वीं वर्षगांठ पर कही। इसमें हैती की स्वतंत्रता को मान्यता दी गई, लेकिन बदले में फ्रांस ने हैती पर 150 मिलियन सोने के फ्रैंक का ऋण लगाया। हालांकि, बाद में इसे 90 मिलियन कर दिया गया, लेकिन ऋण ने कैरेबियाई राष्ट्र को पंगु बना दिया और उसे 1947 तक फ्रांसीसी और अमेरिकी बैंकों के माध्यम से इसका भुगतान करना पड़ा।
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हैती में पनप रहे गिरोह
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि यह आज के अरबों डॉलर के बराबर है। उनका कहना है कि आज हैती जो गरीबी और समस्याओं से जूझ रहा है, उसका एक बड़ा कारण यही अन्याय है। पश्चिमी गोलार्ध के सबसे गरीब देश में गिरोह पनप रहे हैं। लोगों को भोजन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है।
राजधानी के 85 फीसदी हिस्से पर गिरोहों का कब्जा
हैती में पिछले साल से जारी हिंसा में वृद्धि हुई है। राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के 85 फीसदी हिस्से पर गिरोहों का कब्जा है। इसके अलावा, वह अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण करने के प्रयास में हर दिन नए इलाकों पर हमला कर रहे हैं। पिछले साल 5,600 से अधिक लोगों के मारे जाने की सूचना मिली थी, जबकि हाल के वर्षों में गिरोह हिंसा के कारण 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।
ये भी पढ़ें: US: अमेरिका-यूरोप टैरिफ तनाव के बीच ट्रंप-मेलोनी ने व्यापार पर जताया भरोसा; रोम में वेंस से मिलेंगी इतावली PM
इतिहास की सच्चाई को स्वीकार करना जरूरी: मैक्रों
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि इतिहास की सच्चाई को स्वीकार करना जरूरी है। हमें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और न ही मिटाना चाहिए। मैक्रों ने कहा कि नए आयोग में दोनों देशों के इतिहासकार शामिल होंगे। ये इतिहासकार दोनों देशों की सरकारों को सुझाव देंगे ताकि भविष्य में बेहतर रिश्ते बन सकें।
पिछले कुछ सालों में फ्रांसीसी सरकारों ने गुलामी की गलती को स्वीकारा
2017 में पदभार ग्रहण करने के बाद से, मैक्रों अल्जीरिया, कैमरून और रवांडा सहित पिछले औपनिवेशिक संघर्षों में फ्रांस की भूमिका पर बात कर चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में, फ्रांसीसी सरकारों ने हैती और अन्य पूर्व उपनिवेशों में गुलामी की गलती को स्वीकार किया है, लेकिन अब तक फ्रांस ने हैती या किसी और देश को कोई मुआवजा नहीं दिया है।
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राष्ट्रपति मैक्रों ने एक बयान में कहा, 'फ्रांस ने हैती के लोगों को भारी वित्तीय क्षतिपूर्ति के अधीन कर दिया। इस निर्णय ने एक युवा राष्ट्र की स्वतंत्रता पर एक कीमत लगाई, जो इस प्रकार अपने आरंभ से ही इतिहास की अन्यायपूर्ण ताकत का सामना कर रहा था।'
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राजा चार्ल्स के दस्तावेज की 200वीं वर्षगांठ पर दिया बयान
राष्ट्रपति मैक्रों ने यह बात फ्रांस के राजा चार्ल्स एक्स द्वारा जारी 17 अप्रैल, 1825 के दस्तावेज की 200वीं वर्षगांठ पर कही। इसमें हैती की स्वतंत्रता को मान्यता दी गई, लेकिन बदले में फ्रांस ने हैती पर 150 मिलियन सोने के फ्रैंक का ऋण लगाया। हालांकि, बाद में इसे 90 मिलियन कर दिया गया, लेकिन ऋण ने कैरेबियाई राष्ट्र को पंगु बना दिया और उसे 1947 तक फ्रांसीसी और अमेरिकी बैंकों के माध्यम से इसका भुगतान करना पड़ा।
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हैती में पनप रहे गिरोह
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राजधानी के 85 फीसदी हिस्से पर गिरोहों का कब्जा
हैती में पिछले साल से जारी हिंसा में वृद्धि हुई है। राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के 85 फीसदी हिस्से पर गिरोहों का कब्जा है। इसके अलावा, वह अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण करने के प्रयास में हर दिन नए इलाकों पर हमला कर रहे हैं। पिछले साल 5,600 से अधिक लोगों के मारे जाने की सूचना मिली थी, जबकि हाल के वर्षों में गिरोह हिंसा के कारण 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।
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पिछले कुछ सालों में फ्रांसीसी सरकारों ने गुलामी की गलती को स्वीकारा
2017 में पदभार ग्रहण करने के बाद से, मैक्रों अल्जीरिया, कैमरून और रवांडा सहित पिछले औपनिवेशिक संघर्षों में फ्रांस की भूमिका पर बात कर चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में, फ्रांसीसी सरकारों ने हैती और अन्य पूर्व उपनिवेशों में गुलामी की गलती को स्वीकार किया है, लेकिन अब तक फ्रांस ने हैती या किसी और देश को कोई मुआवजा नहीं दिया है।
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