France Stabbing: पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया; राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया इस्लामी चरमपंथियों का हमला
फ्रांस में हुई चाकूबाजी की वारदात को राष्ट्रपति मैक्रों ने इस्लामी चरमपंथ बताया है। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध हमलावर की पहचान 37 वर्षीय अल्जीरियाई नागरिक के रूप में हुई है। पुलिस ने अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है।
विस्तार
अल्जीरिया का नागरिक है हमलावर, मानसिक रोग से पीड़ित
हिरासत में लिए गए चार हमलावरों में एक संदिग्ध की पहचान 37 साल के अल्जीरियाई नागरिक- ब्राहिम ए के रूप में हुई है। मानसिक रोग- सिजोफ्रेनिया से पीड़ित इस शख्स को फ्रांसिसी गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने इस्लामी चरमपंथी बताया है। पूरे घटनाक्रम पर अभियोजन पक्ष ने बताया है कि संदिग्ध हमलावर के अलावा उसके परिवार के दो सदस्यों और उसे शरण देने वाले व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। हमलावर के पास से चाकू के अलावा एक स्क्रू ड्राइवर भी बरामद किया गया है।
11 साल पहले फ्रांस आया संदिग्ध ब्राहिम , हमास के हमले पर आतंकवाद का महिमंडन किया
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक हमलावर ब्राहिम 2014 में फ्रांस पहुंचा था। अक्तूबर, 2023 में इसे इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के आधार पर आतंकवाद का महिमामंडन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस चिंताजनक वारदात के बाद विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि उनकी सरकार आगामी बुधवार को विशेष बैठक करेगी। इसमें 19 देशों से जुड़े आव्रजन नियमों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यूरोप-1 रेडियो पर एक बातचीत के दौरान इस टिप्पणी में देशों का नाम लिए बिना कहा, 'सरकार विशेष रूप से उन 19 देशों का अध्ययन करेगी, जहां बिना कागजात के लोगों को फ्रांस से वापस भेजने में सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।'
गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने इस वारदात के संबंध में कहा कि संदिग्ध हमलावर की जांच के दौरान उसकी सिजोफ्रेनिक प्रोफाइल (मानसिक रोग) के बारे में जानकारी मिली। 2023 में आतंकवाद के महिमामंडन का दोषी ठहराए जाने के बाद के कई महीनों तक जेल की सजा हुई। ब्राहिम को घर में नज़रबंद रखा गया। उसे अधिकारी उसे अल्जीरिया वापस भेजना चाहते थे, लेकिन उत्तरी अफ्रीकी देश के विरोध के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। फ्रांस सरकार ने इसकी कड़ी आलोचना भी की।
राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया आतंकवादी कृत्य
इस वारदात को लेकर आई शुरुआती रिपोर्ट्स अभियोजन पक्ष से जारी बयान के मुताबिक एक व्यक्ति ने शनिवार दोपहर मुलहाउस शहर में स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर धार्मिक नारेबाजी करते हुए हमला कर दिया था। एक राहगीर ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। मैक्रों ने वार्षिक फ्रेंच फार्म शो के दौरान इस वारदात के संबंध में कहा, 'यह नि:संदेह इस्लामी आतंकवाद का कृत्य है।
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