फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   France President Emmanuel Macron looking for Women Vote to get another tenure in upcoming Presidential Elections news in hindi

फ्रांस: राष्ट्रपति चुनाव में महिला मतदाताओं के रुझान पर टिकी निगाहें, पांच साल के काम गिना वोट हासिल करने की कोशिश में मैक्रों

Sat, 09 Apr 2022 02:47 PM IST
Atul Sinha Atul Sinha
Updated Sat, 09 Apr 2022 02:47 PM IST
सार

मैक्रों का मुख्य मुकाबला धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ली पेन से है। ली पेन भी खुद को फेमिनिस्ट (नारीवादी) बताती हैं। जबकि मैक्रों ने कहा है कि ली पेन के दक्षिणपंथी विचार महिला आजादी के खिलाफ हैं।

विज्ञापन
France President Emmanuel Macron looking for Women Vote to get another tenure in upcoming Presidential Elections news in hindi
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : Social Media

विस्तार

फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान से पहले अपनी आखिरी बड़ी चुनाव सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संकेत दिया कि उनकी खास उम्मीद महिला मतदाताओं के समर्थन पर टिकी है। उन्होंने कहा- ‘लैंगिक समानता हासिल करना मेरे दूसरे कार्यकाल का एक बड़ा उद्देश्य होगा।’ पर्यवेक्षकों की राय है कि मैक्रों ने पांच साल के अपने पहले कार्यकाल में ऐसे कदम उठाए, जिनसे महिलाओं की जिंदगी आसान हुई है। इनमें 25 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को फ्री गर्भनिरोधक देना, गर्भपात के लिए समयसीमा बढ़ाना, पैटरनिटी लीव (बच्चे के जन्म पर पिता को मिलने वाली छुट्टी) की अवधि बढ़ाना, और लेस्बियन महिलाओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था करना शामिल है।
विज्ञापन


महिलाओं पर हिंसा के खिलाफ अभियान चलाने वाली संस्था ऑल ऑफ अस की सदस्य मेली नोयर ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘हम इस बात से इनकार नहीं करते कि प्रगति हुई है। लेकिन छिटपुट नीतियों पर अमल तब तक कामयाब नहीं होगा, जब तक गहरे सुधार लागू नहीं होते। इनमें न्याय व्यवस्था में सुधार भी शामिल है।’ महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घरेलू हिंसा के मामलों को न्याय व्यवस्था गंभीरता से नहीं लेती।
विज्ञापन


महिला संगठनों को एतराज इस बात पर रहा है कि मैक्रों ने 2020 में धुर दक्षिणपंथी नेता जेराल्ड दारमां को गृह मंत्री बना दिया, जबकि उस समय उन पर बलात्कार के आरोप में जांच चल रही थी। दारमां की पहल पर ‘अलगाववाद’ के खिलाफ एक कानून बनाया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस कानून का मकसद मुस्लिम महिलाओं को परेशान करना है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक दारमां के गृह मंत्री बनने के पहले महिला मतदाताओं में मैक्रों के लिए काफी समर्थन था। लेकिन अब मैक्रों को यह समर्थन वापस हासिल करने के लिए काफी जोर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैक्रों का मुख्य मुकाबला धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ली पेन से है। ली पेन भी खुद को फेमिनिस्ट (नारीवादी) बताती हैं। जबकि मैक्रों ने कहा है कि ली पेन के दक्षिणपंथी विचार महिला आजादी के खिलाफ हैं। वैसे ली पेन ने बढ़ती महंगाई को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बना रखा है। लेकिन उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का वादा नहीं किया है। जबकि मैक्रों की पार्टी ने न्यूनतम मजदूरी में 25 यूरो मासिक बढ़ोतरी करने का वादा किया है। फ्रांस के वर्क फोर्स में 59 फीसदी महिलाएं हैं। अनुमान है कि इस वादे से कामकाजी महिलाओं में मैक्रों के प्रति झुकाव बढ़ सकता है। वैसे न्यूनतम मजदूरी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी का वादा वामपंथी उम्मीदवार ज्यां लुक मेलेन्शॉं ने किया है। 


फ्रांस में रविवार यानी दस अप्रैल को राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले दौर का मतदान होगा। अगर इसमें किसी उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले, तो पहले दो नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार दूसरे चरण के मतदान में उतरेंगे। दूसरे चरण का मतदान 24 अप्रैल को होगा। तमाम अनुमानों के मुताबिक पहले चरण में मैक्रों का पहले स्थान पर रहना तय है। जबकि ली पेन के दूसरे स्थान पर रहने की संभावना है। हालांकि मेलेन्शॉं के समर्थन में हाल में तेजी से वृद्धि हुई है, इसलिए एक राय यह भी है कि सबको चौंकाते हुए वे दूसरे दौर में पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed