नाराजगी: AUKUS की नई साझेदारी से भड़का फ्रांस, अमेरिका के साथ रद्द किया कार्यक्रम
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने हमारे साथ सौदा रद्द किया, ये एक तरह से पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
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अमेरिका-ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया का त्रिगुट बनने से फ्रांस नाराज है। उसने अपनी नाराजगी जताने के लिए वाशिंगटन में अपने दूतावास में होने वाला एक कार्यक्रम भी रद्द कर दिया है। दरअसल, फ्रांस की नाराजगी की वजह है ऑस्ट्रेलिया के साथ उसकी परमाणु पनडुब्बियों के सौदे को लेकर हो रही बातचीत का आगे ना बढ़ पाना। कारण कि बीते गुरुवार को ही अमेरिका-ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने त्रिगुट बनाने का एलान किया है।
इसके तहत ऑस्ट्रेलिया को परमाणु पनडुब्बियों के लिए अमेरिका और ब्रिटेन से तकनीकी मदद मिलने वाली है। ऐसे में फ्रांस के साथ चल रही उसकी बातचीत अंजाम तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई। फ्रांस ने ऑस्ट्रेलिया को पारंपरिक पनडुब्बियों की बिक्री के लिए 90 अरब डॉलर के सौदे पर बातचीत कर रहा था। फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया ने 2016 में फ्रांसीसी निर्मित पारंपरिक पनडुब्बियों के बेड़े के लिए सहमति व्यक्त की थी और 2019 में एक उत्पादन अनुबंध पर हस्ताक्षर भी किए गए थे।
France cancels a gala at its embassy in Washington to protest US & UK's announcement of a deal to help Australia get nuclear-powered submarines, that resulted in scrapping of a submarine deal between France & Australia, reports AFP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 16, 2021
ये पीठ में छुरा घोंपने जैसा: विदेश मंत्री ड्रियन
समझौते पर नाराजगी जताते हुए फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने कहा कि फ्रांस जैसे यूरोपीय सहयोगी और साझेदार को बाहर करने का अमेरिकी विकल्प अफसोसजनक रहा, ये बेहद खराब फैसला है जो हमें ट्रंप की याद दिलाता है। साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के साथ भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने हमारे साथ सौदा रद्द किया, ये एक पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
फ्रांस के शीर्ष नौसैनिक अधिकारी ने कहा कि वह मूल रूप से शुक्रवार के लिए निर्धारित कार्यक्रम के लिए वाशिंगटन आए थे अब पेरिस लौट रहे हैं, लेकिन युद्ध की सालगिरह के लिए होने वाले कार्यक्रम दुनिया के अन्य हिस्सों में जारी रहेंगे। साथ ही एक अन्य फ्रांसीसी अधिकारी ने कहा कि ऑकस समझौते के बाद अमेरिका और फ्रांस के बीच संबंधों का जश्न मनाने वाला एक कार्यक्रम का आयोजन हास्यास्पद होता इसलिए इसे रद्द करना ही ठीक था।