Israel-Iran War: ईरान के पूर्व राष्ट्रपति की हवाई हमले में मौत का दावा, जानें कौन थे महमूद अहमदीनेजाद
Former Iran President Killed: ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के इस्राइली एयरस्ट्राइक में मारे जाने की खबरों ने पश्चिम एशिया के युद्ध को और गंभीर बना दिया है। तेहरान में हुए हमले में उनके सहयोगियों और सुरक्षा कर्मियों की भी मौत बताई जा रही है। ईरान ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। आइए जानते हैं कि कौन थे महमूद अहमदीनेजाद।
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद इस्राइली हवाई हमले में मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि तेहरान में उनके ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भारी तबाही देखी गई।
हमला कैसे हुआ और क्या दावा किया गया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को इस्राइली वायुसेना ने तेहरान में एक इमारत पर एयरस्ट्राइक की। इसी इमारत में पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद अपने सलाहकारों और सुरक्षा कर्मियों के साथ मौजूद थे। हमले में उनके कई करीबी सहयोगी और बॉडीगार्ड भी मारे गए। बताया गया कि सुरक्षा में तैनात कुछ लोग ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी से जुड़े थे।
मेयर से राष्ट्रपति बनने तक का सफर
- वर्ष 2003 में तेहरान के मेयर बने।
- धार्मिक और सख्त नीतियों के कारण चर्चा में आए।
- 2005 के राष्ट्रपति चुनाव में 62 प्रतिशत वोट हासिल कर ईरान के छठे राष्ट्रपति बने।
- 2005 से 2013 तक लगातार दो कार्यकाल राष्ट्रपति रहे।
- कंजर्वेटिव गठबंधन अलायंस ऑफ बिल्डर्स ऑफ इस्लामिक ईरान के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।
राष्ट्रपति कार्यकाल क्यों रहा विवादों में?
- अहमदीनेजाद अपने आक्रामक राजनीतिक रुख और विदेश नीति के कारण दुनिया भर में चर्चित रहे।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बड़े समर्थक थे।
- इस्राइल, अमेरिका और पश्चिमी देशों के खिलाफ कड़े बयान देते रहे।
- आर्थिक नीतियों और मानवाधिकार मुद्दों को लेकर देश और विदेश में आलोचना हुई।
- 2007 में पेट्रोल राशनिंग योजना लागू की।
- 2009 में दोबारा चुनाव जीतने के बाद ईरान में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए।
राष्ट्रपति पद के बाद क्या करते रहे?
- 2013 में हसन रूहानी के राष्ट्रपति बनने के बाद अहमदीनेजाद सक्रिय राजनीति में बने रहे।
- 2017, 2021 और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की कोशिश की।
- लेकिन गार्जियन काउंसिल ने उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी।
- सरकार की नीतियों की सार्वजनिक आलोचना भी करते रहे।
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तेहरान में कितना नुकसान हुआ?
बताया जा रहा है कि अहमदीनेजाद का आवास तेहरान के उत्तर-पूर्वी नरमक इलाके में स्थित था। एयरस्ट्राइक के बाद इलाके में भारी नुकसान हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमारतों के मलबे और आग दिखाई दी। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले में दो छात्रों की भी मौत हुई। हालांकि आधिकारिक स्तर पर सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जारी है।
खाड़ी क्षेत्र में क्यों बढ़ा तनाव?
ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई समेत कई स्थानों पर हमले किए जाने की भी खबरें हैं, जिनमें जानमाल का नुकसान हुआ। खाड़ी देशों ने इन घटनाओं की आलोचना करते हुए संयम बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय देशों को युद्ध से दूर रखा जाना चाहिए।
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