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Nepal New Govt: नेपाल की नई सरकार के साथ भारत को बरतनी होगी सतर्कता, चीन ने दी 'प्रचंड' को बधाई

Mon, 26 Dec 2022 09:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 26 Dec 2022 09:08 PM IST
सार

सीपीएन-यूएमएल नेता केपी शर्मा ओली को बड़े पैमाने पर चीन के समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है। गौरतलब है कि फरवरी 2018 और जुलाई 2021 के बीच जब ओली नेपाल के प्रधानमंत्री थे तब भारत और नेपाल के बीच संबंध कुछ तनाव में आ गए थे।

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Foreign policy experts gave opinion to India regarding relations with Nepal New Govt
भारत-नेपाल - फोटो : iStock

विस्तार

नाटकीय घटनाक्रम के बाद सीपीएन-माओइस्ट सेंटर के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने तीसरी बार नेपाल की सत्ता संभाल ली है। नए प्रधानमंत्री के लिए रविवार को उनके नाम का एलान किया गया था। जिसके बाद आज सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री का कार्यभार भी संभाल लिया। पूर्व माओवादी नेता पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' द्वारा नेपाल में नई सरकार बनाने के बाद विदेश नीति के विशेषज्ञों ने भारत नेपाल संबंधों को लेकर प्रतिक्रिया दी  है। विदेश मामलों के विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि नेपाल में नई सरकार बनने के बाद भारत को नेपाल के घटनाक्रमों पर सावधानी से नजर रखनी होगी। साथ ही समग्र संबंधों को आगे बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने भी पुष्प कमल दहल ''प्रचंड'' को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है। 

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पूर्व नेपाली विदेश मंत्री रमेश नाथ पांडे ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत-नेपाल संबंधों के लिए वर्तमान हालात उत्साहजनक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि "वर्तमान नेताओं" के कारण अतीत में संबंधों में खटास पैदा हो चुकी है। 
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वहीं, नेपाल में भारत के पूर्व राजदूत रंजीत राय ने कहा कि यह निश्चित रूप से भारत नेपाल संबंधों के लिए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम है क्योंकि नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले पांच दलों का गठबंधन इस बात पर आम सहमति नहीं बना सका कि पहले प्रधानमंत्री कौन होगा।
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दरअसल, सीपीएन-यूएमएल नेता केपी शर्मा ओली को बड़े पैमाने पर चीन के समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है। गौरतलब है कि फरवरी 2018 और जुलाई 2021 के बीच जब ओली नेपाल के प्रधानमंत्री थे तब भारत और नेपाल के बीच संबंध कुछ तनाव में आ गए थे।

नए पीएम प्रचंड को चीन ने दी बधाई 
 चीन ने नेपाल के नये प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' को सोमवार को बधाई दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि नेपाल के पारंपरिक मित्र और पड़ोसी के रूप में, चीन नेपाल के साथ अपने संबंधों को गहराई से महत्व देता है। हम मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और सहयोग का विस्तार करने और उन्हें और गहरा करने, उच्च गुणवत्ता वाले रोड सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नई नेपाली सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। हमारी रणनीतिक सहकारी साझेदारी में विकास और समृद्धि के लिए चिरस्थायी मित्रता शामिल है। 


 गौरतलब है कि चीन समर्थक रुख के लिए जाने जाने वाले पूर्व प्रधान मंत्री के पी शर्मा ओली के समर्थन से बनी नई नेपाली सरकार ने चीन के साथ संबंधों में काफी दिलचस्पी दिखाई है। पिछले साल ओली की सरकार गिराने वाले प्रचंड के भी पूर्व में चीन के साथ घनिष्ठ और वैचारिक संबंध रहे हैं।

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