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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व से आतंकवाद और क्षेत्रीय मुद्दों पर की चर्चा
Sat, 21 Sep 2019 05:37 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 21 Sep 2019 05:37 PM IST
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विदेश मंत्री एस जयशंकर, फिनलैंड में
- फोटो : Twitter
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विदेश मंत्री एस जयशंकर फिनलैंड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। यहां उन्होंने राष्ट्रपति सॉली निनिस्तो, डिप्टी स्पीकर तुला हाताइनेन, विदेश मंत्री हाविस्तो सहित फिनलैंड के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाक़ात की। उन्होंने फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर लंबी चर्चा की। गौरतलब है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह बातचीत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के भारत के कदम को पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाए जाने की कोशिशों की पृष्ठभूमि में हुई है।
जयशंकर फिनलैंड के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। वर्तमान में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष फिनलैंड ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े तमाम मुद्दों पर प्रधानमंत्री एंटी रिने और फिनलैंड के विदेश मंत्री पेक्का हाविस्तो से शुक्रवार को बात की।
विदेश मंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि 'विदेश मंत्री हाविस्तो के साथ आतंकवाद पर सार्थक चर्चा” की और दोनों नेताओं ने हरित प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।' उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की।
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कश्मीर में स्थिति पर मंगलवार को यूरोपीय संसद की पूर्ण सत्र में विशेष चर्चा के दौरान यूरोपीय सांसदों रसजार्ड जारनेकी और फुल्वियो मार्तुससिएलो ने आतंकवादियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की थी।
यूरोपीय संघ की संसद और पोलैंड में यूरोपीय कंजर्वेटिव्स एंड रिफॉर्मिस्ट ग्रुप के सदस्य जारनेकी ने भारत को ‘दुनिया का बड़ा लोकतंत्र’ बताया था और कहा था कि भारत में हमले करने वाले आतंकवादी चांद से नहीं आए थे।
इससे पहले जयशंकर ने फिनलैंड की संसद का दौरा किया और डिप्टी स्पीकर तुला हाताइनेन से बात की। जयशंकर फिनलैंड के राष्ट्रपति सॉली निनिस्तो से भी मिले।
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जयशंकर फिनलैंड के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। वर्तमान में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष फिनलैंड ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े तमाम मुद्दों पर प्रधानमंत्री एंटी रिने और फिनलैंड के विदेश मंत्री पेक्का हाविस्तो से शुक्रवार को बात की।
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विदेश मंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि 'विदेश मंत्री हाविस्तो के साथ आतंकवाद पर सार्थक चर्चा” की और दोनों नेताओं ने हरित प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।' उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की।
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Productive meeting with Foreign Minister @Haavisto. Reviewed bilateral relationship with special focus on green technologies. Exhanged notes on regional issues. Long discussion on terrorism. Compared our development assistance experience in Africa. pic.twitter.com/alEBwmC8Le
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 20, 2019
कश्मीर में स्थिति पर मंगलवार को यूरोपीय संसद की पूर्ण सत्र में विशेष चर्चा के दौरान यूरोपीय सांसदों रसजार्ड जारनेकी और फुल्वियो मार्तुससिएलो ने आतंकवादियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की थी।
यूरोपीय संघ की संसद और पोलैंड में यूरोपीय कंजर्वेटिव्स एंड रिफॉर्मिस्ट ग्रुप के सदस्य जारनेकी ने भारत को ‘दुनिया का बड़ा लोकतंत्र’ बताया था और कहा था कि भारत में हमले करने वाले आतंकवादी चांद से नहीं आए थे।
इससे पहले जयशंकर ने फिनलैंड की संसद का दौरा किया और डिप्टी स्पीकर तुला हाताइनेन से बात की। जयशंकर फिनलैंड के राष्ट्रपति सॉली निनिस्तो से भी मिले।