अफगानिस्तान: उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने खुद को घोषित किया कार्यवाहक राष्ट्रपति, संकट के बीच बड़ा एलान
अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता हासिल करने के बीच यहां की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। देश के पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने मंगलवार की शाम को देश के संविधान का हवाला देते हुए खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया।
विस्तार
20 साल तक अफगानिस्तान की सत्ता से बेदखल रहने के बाद तालिबान ने एक बार फिर यहां का नियंत्रण हासिल कर लिया है। लेकिन, अफगानिस्तान में चल रहे सत्ता परिवर्तन के इस संकट के बीच मंगलवार की शाम को देश के पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने बड़ा एलान किया है। सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है। उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी नेताओं से उनके सहयोग और समर्थन के लिए संपर्क कर रहा हूं।
अमरुल्लाह सालेह ने एक ट्वीट में लिखा, अफगानिस्तान के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, उनके देश से भागने, इस्तीफे या मृत्यु की स्थिति में पहला उप राष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति होता है। मैं इस समय देश में ही हूं और वैध कार्यवाहक राष्ट्रपति हूं। मैं सभी नेताओं के पास उनके समर्थन और सहयोग के लिए पहुंच रहा हूं। उल्लेखनीय है कि अभी तक अमरुल्लाह सालेह की इस घोषणा पर तालिबान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Clarity: As per d constitution of Afg, in absence, escape, resignation or death of the President the FVP becomes the caretaker President. I am currently inside my country & am the legitimate care taker President. Am reaching out to all leaders to secure their support & consensus.
विज्ञापन विज्ञापन— Amrullah Saleh (@AmrullahSaleh2) August 17, 2021
चीन-पाकिस्तान बनाएंगे तालिबान के साथ नए सिरे से संबंध
अफगानिस्तान में 20 साल लंबे चले अमेरिकी मिशन के खत्म होने के ऐलान के साथ ही कई देशों ने काबुल स्थित अपने दूतावासों से राजनयिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया। जहां कई अधिकारियों ने अफगानिस्तान में नई सत्ता से जल्द दोबारा रिश्ते बहाल होने पर शक जताया है, वहीं कुछ और देशों ने तालिबानी शासन की तारीफ के साथ उसके साथ नए सिरे से संबंध स्थापित करने का ऐलान भी किया है। इस लिस्ट में सबसे पहले नाम पाकिस्तान और चीन के हैं।