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पाकिस्तान: पहली बार आठ साल के हिंदू बच्चे पर ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला?

Tue, 10 Aug 2021 11:46 AM IST
प्रशांत झा कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: प्रशांत झा कुमार झा Updated Tue, 10 Aug 2021 11:46 AM IST
सार

पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मासूम पर ईशनिंदा कानून का आरोप लगा है। पंजाब प्रांत में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के बाद मासूम पर इस कानून के तहत मामला दर्ज किया है, इसमें बच्चे को मौत की भी सजा हो सकती है।

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First time case registered against an eight year old child under the blasphemy law in Pakistan
पाकिस्तान पुलिस - फोटो : social Media

विस्तार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के कारण आठ साल के बच्चे पर  पुलिस ने ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।  पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किसी मासूम पर ईशनिंदा कानून का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान पुलिस ने बच्चे को हिरासत में ले लिया। ईशनिंदा के आरोपों के तहत बच्चे को मौत की सजा भी हो सकती है। 
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बच्चे की रिहाई के बाद मंदिर में तोड़फोड़
आठ साल के बच्चे पर आरोप है कि उसने एक मदरसे की लाइब्रेरी में जाकर कालीन पर पेशाब कर दिया था। वहां पर कई पवित्र पुस्तकें रखी हुई थीं। इसके बाद स्थानीय मौलानाओं बच्चे पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने बच्चे को हिरासत में लिया, हालांकि, सात दिन बाद बच्चा जमानत पर जेल से बाहर है। बच्चे की रिहाई के बाद कट्टरपंथी भड़क गए और सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा होकर एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की। यहां तक कि मंदिर को आगे हवाले कर दिया।
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बच्चे ने नहीं किया कोई अपराध- पीड़ित परिवार
वहीं, एक अंग्रेजी न्यूज पेपर ने बच्चे के परिवार के  सदस्यों से बात की है। परिवार ने कहा, "बच्चे को ईशनिंदा कानून की कोई जानकारी नहीं है। उसपर झूठा आरोप लगाया गया है। उसे अभी भी समझ नहीं आया कि आखिर उसका अपराध क्या था और उसे एक हफ्ते के लिए जेल में क्यों रखा गया था। हम डरे और सहमे हैं। हमने अपना घर भी छोड़ दिया है हमें नहीं लगता कि दोषियों के खिलाफ या यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। 
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