Pakistan: रूस से भारत जैसे व्यापार की पाकिस्तान को चाहत, इशाक डार ने कहा- मॉस्को से खरीदना चाहते हैं तेल
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान रूस से तेल खरीदने पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, लेकिन यह कीमत कम या भारत के बराबर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत तेल खरीद रहा है तो पाकिस्तान को उसी सुविधा से क्यों रोका जाना चाहिए।
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हाल ही में अमेरिका का दौरा करके वापस देश लौटे पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान देश में लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए भारत की तर्ज पर रूस से तेल खरीदने के लिए तैयार है। इशाक डार ने कहा कि वे रूस से उस दर पर तेल खरीदने के लिए तैयार हैं जिस दर पर वो भारत को तेल का निर्यात कर रहा है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसाक डार ने यह भी कहा कि अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने रूस से तेल खऱीदने की अपनी मंशा को जाहिर किया था, और अमेरिका ने कोई भी विरोध नहीं किया।
रूस से तेल खरीदने के विकल्प पर कर रहे विचार
उन्होंने पाकिस्तान में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि पाकिस्तान रूस से तेल खरीदने पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, लेकिन यह कीमत कम या भारत के बराबर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत तेल खरीद रहा है तो पाकिस्तान को उसी सुविधा से क्यों रोका जाना चाहिए। इशाक डार ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हाल ही में आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारण पाकिस्तान की वित्तीय कठिनाई के मद्देनजर पश्चिम को भी रियायती ईंधन आयात करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।
इशाक डार बोले- हम चुनौतियों का सामना करेंगे
इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान को अपने दायित्वों का भुगतान करने के लिए लगभग 34 बिलियन अमरीकी डालर की आवश्यकता है। इसमें चालू वर्ष के दौरान ऋण चुकाने के लिए लगभग 24 बिलियन अमरीकी डालर शामिल हैं। उन्होंने सम्मेलन में वादा किया कि तमाम चुनौतियों का पाकिस्तान सामना करेगा। उन्होंने कहा कि और देश अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि मैं पहले ही कह चुका हूं कि हम अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार हाल ही में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक स्थिरता महत्वपूर्ण है और सभी को अर्थव्यवस्था के चार्टर पर सहमत होना होगा।
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। हालांकि भारत ने पश्चिमी देशों की आलोचनाओं के बावजूद, यूक्रेन पर हमले के बाद रूस के खरीदे जाने वाले तेल की मात्रा को और बढ़ा दिया है।