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महिला हैकर ने लगाई 10 करोड़ के डाटा में सेंध, ऑनलाइन फोरम पर डींगें हांकते वक्त गिरफ्तार

Wed, 31 Jul 2019 01:52 AM IST
Avdhesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Avdhesh Kumar Updated Wed, 31 Jul 2019 01:52 AM IST
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Female hacker burgle in 10 crores of data
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
प्रमुख अमेरिकी बैंक ‘कैपिटल वन’ से डाटा चोरी का बड़ा सामने आया है। एक महिला हैकर ने अमेरिका और कनाडा के बैंक ग्राहकों की सूचना रखने वाले सर्वर को हैक कर 10 करोड़ से ज्यादा लोगों के क्रेडिट कार्ड से जुड़े डाटा चुरा लिए। एफबीआई ने वाशिंगटन से महिला हैकर पेजी ए थॉम्पसन को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह एक ऑनलाइन फोरम पर अपने इस कारनामे की डींगें हांक रही थी।
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हालांकि केपिटल वन का कहना है कि जो डाटा चोरी हुआ है उसमें लोगों के नाम, पते और फोन नंबर हैं, लेकिन हैकर की पहुंच क्रेडिट कार्ड खातों तक नहीं हो पाई है। लेकिन सच्चाई यह है कि सूचनाओं में सेंध लगाने की यह घटना बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी वारदात है। एफबीआई ने थॉम्पसन को सिएटल की जिला कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है। 
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छापेमारी में थॉम्पसन के घर से एफबीआई ने इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस बरामद किया है, जिसमें चोरी किए गए डाटा की कॉपी मौजूद है। थॉम्पसन ऑनलाइन बातचीत के दौरान ‘इरेटिक’ उपनाम का इस्तेमाल करती थी। 
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अदालती दस्तावेज और कैपिटल वन के मुताबिक, थॉम्पसन ने 1,40,000 सामाजिक सुरक्षा नंबर और 80 हजार बैंक खातों के नंबरों की चोरी की। इसकी वजह से अमेरिका में दस करोड़ और कनाडा में करीब 60 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बैंक ने कहा कि महिला हैकर ने 2005 से 2019 के बीच क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों के न केवल डाटा चुराए, बल्कि इसके आधार पर धोखाधड़ी भी की।

महिला अमेजन वेब सर्विस में कर चुकी है काम

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 33 वर्षीय थॉम्पसन पहले अमेजन वेब सर्विस के लिए काम कर चुकी है, जिसके पास कैपिटल वन का डाटा बेस था। उसने इसी डाटा बेस में सेंधमारी की। उसने अपने इस काम को मीट अप ग्रुप पर शेयर किया। मीट अप ग्रुप एक ऐसा सोशल नेटवर्क है, जिसमें हैकिंग, प्रोग्रामिंग, क्रैकिंग आदि को पसंद करने वाले लोग शामिल हैं।

गिटहब यूजर की सतर्कता से उठा परदा

अधिकारियों के अनुसार, पूरा घपला वेब एप्लीकेशन फायरवाल के मिस कॉन्फिगर होने की वजह से हुआ। जिसकी वजह से डाटा एक्सेस हो सका। 17 जुलाई 2019 को एक गिटहब यूजर ने डाटा चोरी के अलर्ट का एक पोस्ट देखा, जिसके बाद उसने वर्जीनिया स्थित कैपिटल वन बैंक से इस बारे में संपर्क किया था। डाटा चोरी की पुष्टि होने के बाद बैंक ने एफबीआई से संपर्क किया। 
 
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