Voice Of America: ट्रंप प्रशासन को कोर्ट से झटका, संघीय न्यायाधीश ने वॉयस ऑफ अमेरिका को बंद करने से रोका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट से झटका लगा है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश रॉयस लैम्बर्थ ने वॉयस ऑफ अमेरिका को बंद करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले को रोक दिया है। साथ ही ट्रंप प्रशासन को आदेश दिया कि VOA और अमेरिकी एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया द्वारा संचालित दो स्वतंत्र प्रसारण नेटवर्क- रेडियो फ्री एशिया और मिडिल ईस्ट ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क को फिर बहाल किया जाए, जब तक कि इस मुकदमे का निपटारा नहीं हो जाता।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को कोर्ट से झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने मंगलवार को वॉयस ऑफ अमेरिका (VOA) को बंद करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले पर रोक लगा दी। वॉयस ऑफ अमेरिका 83 साल पुरानी अंतरराष्ट्रीय समाचार सेवा है, जिसे कांग्रेस ने शुरू किया था।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश रॉयस लैम्बर्थ ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने वॉयस ऑफ अमेरिका को अवैध रूप से संचालन बंद करने के लिए मजबूर किया। द्वितीय विश्व युद्ध के समय से VOA की स्थापना के बाद यह पहली बार हुआ है।
VOA के वकीलों की मांग पर जताई सहमति
VOA के कर्मचारियों और ठेकेदारों के वकीलों ने न्यायाधीश से अनुरोध किया कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फंड में कटौती करने से पहले जैसी स्थिति थी, उसे फिर से बहाल किया जाए ताकि वो फिर से प्रसारण कर सके। न्यायाधीश लैम्बर्थ ने वकीलों की इस मांग पर सहमति जताई। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को आदेश दिया कि VOA और अमेरिकी एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया द्वारा संचालित दो स्वतंत्र प्रसारण नेटवर्क- रेडियो फ्री एशिया और मिडिल ईस्ट ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क को फिर बहाल किया जाए, जब तक कि इस मुकदमे का निपटारा नहीं हो जाता। हालांकि, न्यायाधीश ने दो अन्य स्वतंत्र नेटवर्क- रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी और ओपन टेक्नोलॉजी फंड की ऐसी ही अपील को खारिज कर दिया।
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26 मार्च को दायर की गई थी याचिका
वॉयस ऑफ अमेरिका को बंद करने के मामले को लेकर 26 मार्च को अदालत में याचिका दायर की गई थी। वादी के वकीलों ने कहा था कि VOA के लगभग 1,300 कर्मचारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है, जबकि 500 ठेकेदारों को बताया गया कि मार्च के अंत में उनके अनुबंध खत्म कर दिए जाएंगे।
ट्रंप ने 14 मार्च को जारी किया था कार्यकारी आदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 मार्च को एक कार्यकारी आदेश जारी किया। इसके तुरंत बाद वॉयस ऑफ अमेरिका बंद हो गया। इसके अलावा, एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया और छह अन्य सरकारी संस्थाओं को दिए जाने वाले फंड में कटौती की गई। ट्रंप के कार्यकारी आदेश ने एसोसिएटेड प्रेस सहित समाचार एजेंसियों के साथ VOA के अनुबंधों को भी खत्म कर दिया।
नाजी प्रचार का जवाब देने के लिए हुई VOA की शुरुआत
बता दें कि वॉयस ऑफ अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ही सत्तावादी देशों में समाचार प्रसारित करता रहा है, जहां स्वतंत्र प्रेस नहीं है। इसकी शुरुआत नाजी प्रचार का जवाब देने के लिए हुई थी। VOA ने साम्यवाद के प्रसार को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार के शीत युद्ध के प्रयासों में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी।
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ट्रंप का आरोप- अमेरिकी समर्थक मूल्यों को नहीं दिखाता VOA
ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों ने आरोप लगाया है कि VOA 'वामपंथी पूर्वाग्रह' रखता है। यह अपने दर्शकों को अमेरिकी समर्थक मूल्यों को नहीं दिखाता। वहीं, वादी के वकीलों का कहना है कि VOA समाचारों को सत्यतापूर्वक, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठता से प्रसारित करता है। यह दुनिया भर में उन लोगों के लिए जरूरी हैं, जिनके पास स्वतंत्र खबरों का कोई दूसरा स्रोत नहीं है।
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