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चीन अमेरिका की सूचना और आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा: एफबीआई
Fri, 10 Jul 2020 03:35 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 10 Jul 2020 03:35 AM IST
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संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने कहा है कि चीन अमेरिका की आर्थिक व सूचना सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। एफबीआई ने कहा कि चीन की सरकार वैश्विक सुपर पावर बनने की चाह में चोरी और अमेरिका को बदनाम करने का अभियान चला रही है।
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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर व्रे ने थिंकटैंक हडसन इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम में कहा कि चीन का काउंटर इंटेलिजेंस और आर्थिक जासूसी हमारे देश की बौद्धिक संपदा और आर्थिक सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक खतरा बन गया है।
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उन्होंने कहा कि चीन कई क्षेत्रों से अमेरिका को उकसाने की लड़ाई को संचालित कर रहा है। इसमें राजनीतिक, उड्डयन, आर्थिक, कृषि, रोबोटिक्स और स्वास्थ्य मोर्चे शामिल हैं। कोरोना महामारी और हांगकांग के मुद्दे भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने का मुख्य जरिया बन गए हैं।
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चीन के खिलाफ हर 10 घंटे में नई जांच शुरू होती है
व्रे ने कहा, एफबीआई हर दस घंटे में चीन के काउंटर इंटेलिजेंस के खिलाफ एक नई जांच शुरू करता है। इसके अलावा हमारे करीब आधे से अधिक लगभग 5000 चालू मामले चीन के खिलाफ हैं। एफबीआई के 56 विभागों में चीनी कंपनियों द्वारा अमेरिकी तकनीक को चुराने के मामले दर्ज हैं।
चीन से स्थिर संबंधों के लिए ट्रंप की पारस्परिक नीति अधिक यथार्थवादी
आलोचकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के पास एक सुसंगत चीन नीति नहीं है। लेकिन अगर इसे पारस्परिकता के आधार पर देखें तो यह दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशाें के बीच संबंधों को स्थिर रखने के लिए सबसे अधिक प्रभावी हो सकती है। वाशिंगटन द्वारा चीनी विमानन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाना इसका उदाहरण है।
इस घोषणा के अगले ही दिन बीजिंग ने अमेरिकी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था। इस तरह स्पष्ट है कि चीन को उसकी जुबान में ही जवाब देने के लिए ट्रंप प्रशासन सही काम कर रहा है।