{"_id":"5f49bbc06995c1126e26d6a7","slug":"famous-harry-potter-novel-series-writer-jk-rowling-returned-human-rights-award-to-group-that-denounces-her-trans-views","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसजेंडर मुद्दों पर अपने विचारों की आलोचना को लेकर लेखिका जेके रोलिंग ने सम्मान लौटाया","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ट्रांसजेंडर मुद्दों पर अपने विचारों की आलोचना को लेकर लेखिका जेके रोलिंग ने सम्मान लौटाया
Sat, 29 Aug 2020 07:55 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, लंदन
पीटीआई, लंदन
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 29 Aug 2020 07:55 AM IST
विज्ञापन
जेके रोलिंग
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रांसजेंडर समुदाय पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर लोगों की आलोचना झेलने के बाद हैरी पॉटर सीरिज की मशहूर लेखिका जेके रोलिंग ने रॉबर्ट एफ कैनेडी ह्यूमन राइट्स संगठन (आरएफकेएचआर) से मिला 'रिपल ऑफ होप' सम्मान लौटा दिया है।
विज्ञापन
रोलिंग को दिसंबर 2019 में बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था लुमोस के साथ किए गए उनके काम के लिए सम्मानित किया गया था। इस साल जून में रोलिंग ने “वो लोग जिन्हें मासिक धर्म होता है” वाक्यांश वाले एक लेख की आलोचना की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
विज्ञापन
'हैरी पॉटर' की लेखिका जेके रोलिंग ने पिछले दिनों एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि "जिन लोगों को पीरियड होते हैं। निश्चित ही उन लोगों का कोई नाम होता है। कोई मदद करे। बढ़िया सा कुछ नाम होता है वुंबेन, विम्पंड, वूमड?" उनके इस ट्वीट पर काफी बवाल मचा था।
विज्ञापन
इस महीने की शुरुआत में, आरएफकेएचआर की अध्यक्ष केरी कैनेडी ने एक बयान जारी कर रोलिंग के ट्वीट और बयान पर निराशा व्यक्त की थी। कैनेडी के इस बयान के बाद रोलिंग ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि “मेरे बयान का गलत अर्थ निकालकर मुझे ट्रांसफोबिक (ट्रांसजेंडर लोगों से नफरत करने वाली) या उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली मान लिया गया।”
उन्होंने लिखा कि “मैं लंबे समय से एलजीबीटी समुदाय से जुड़ी संस्थाओं की मदद करती आ रही हूं और मैं ट्रांसजेंडर लोगों को आजादी से जीने के अधिकारों की पक्षधर हूं। मुझ पर ट्रांसजेंडर लोगों से नफरत करने और उनका बुरा चाहने के आरोप लगाना सरासर गलत हैं। महिला अधिकारों के लिए खड़े होने का मतलब ट्रांसजेंडर समुदाय को हानि पहुंचाना या उनसे भेदभाव करना नहीं है।”