फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   famous economists asked G20 countries to take action against Russian oligarchs as well as tax haven countries

अर्थशास्त्रियों की मांग: रूसी ऑलिगार्क्स के साथ ही अब चले टैक्स हैवेंस पर डंडा

Thu, 21 Apr 2022 04:10 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 21 Apr 2022 04:10 PM IST
सार

अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि टैक्स हैवेंस में धन जमा किए जाने के कारण गैर-बराबरी बढ़ रही है। इसकी वजह से सबसे गरीब तबकों के लोग और गरीब हो रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था कर चोरों के पक्ष में झुकी हुई है, जिसमें तुरंत सुधार की जरूरत है...

विज्ञापन
famous economists asked G20 countries to take action against Russian oligarchs as well as tax haven countries
पुतिन के साथ रूसी कुलीन वर्ग - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

दुनिया के 14 मशहूर अर्थशास्त्रियों ने जी-20 देशों से कहा है कि रूसी ऑलिगार्क्स (अवैध धन इकट्ठा कर कुलीन बने लोगों) के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ ही अब टैक्स हैवेंस (कर चोरी के अड्डों) पर कार्रवाई की जाए। यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिमी देशों ने बहुत से रूसी ऑलिगार्कों के धन को जब्त कर लिया है। इन अर्थशास्त्रियों की मांग का सार है कि अगर रूसी ऑलिगार्क्स के धन पर कार्रवाई संभव है, तो ऐसा सभी देशों के टैक्स चोरों के खिलाफ किया जा सकता है।

विज्ञापन

अर्थशास्त्रियों ने लिखा पत्र

मशहूर अर्थशास्त्रियों ने जी-20 में शामिल सभी 20 देशों के वित्त मंत्रियों के नाम खुला पत्र लिखा है। इसमें उनसे एक ग्लोबल रजिस्टर (वैश्विक पंजी) बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस रजिस्टर में मौजूद सभी कंपनियों, संपत्तियों, और उनके स्वामित्व के ढांचे को दर्ज किया जाए। इससे कर चोरी को रोकना संभव हो जाएगा। ये सभी अर्थशास्त्री कर चोरी रोकने के मकसद से बनाए गए थिंक टैंक- इंडिपेंडेन्ट कमीशन फॉर रिफॉर्म ऑफ इंटरनेशनल कॉरपोरेट टैक्सेन (आसीआरआईसीटी) के सदस्य हैं। इनमें नोबेल पुरस्कार विजेता जोसेफ स्टिग्लिट, थॉमस पिकेटी, और गैब्रिएल जुकमैन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

विज्ञापन


इन अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि टैक्स हैवेंस में धन जमा किए जाने के कारण गैर-बराबरी बढ़ रही है। इसकी वजह से सबसे गरीब तबकों के लोग और गरीब हो रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था कर चोरों के पक्ष में झुकी हुई है, जिसमें तुरंत सुधार की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके पहले आईसीआईसीटी ने अपने एक अध्ययन में पाया था कि कोरोना महामारी के दौरान दुनिया के सबसे धनी लोगों की संपत्ति दोगुनी हो गई। इससे अमीरों और गरीब जनता के बीच खाई और चौड़ी हो गई है। यूक्रेन संकट ने गरीब जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की तेजी से बढ़ी महंगाई के कारण गरीब समुदायों की जिंदगी और मुश्किल हो गई है।

चोरी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा

पत्र में कहा गया है कि दुनिया भर के धनी लोग अपने धन को टैक्स हैवेंस में रखे हुए हैं। टैक्स चोरी से बचने का उन्होंने विस्तृत ढांचा बना रखा है। भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से कमाए गए धन को भी इसी तरह सुरक्षित रखा जा रहा है। मौजूदा विश्व वित्तीय व्यवस्था के कारण कर चोरी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा मिला है।

अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी ऑलिगार्क्स पर हुई कार्रवाई से यह बेनकाब हो गया है कि धनी-मानी लोग किस तरह छिपा कर धन रखने में सफल हो जाते हें। पत्र में कहा गया है- ‘यूक्रेन युद्ध ने दिखा दिया है कि हमें टैक्स हैवेंस पर कार्रवाई करने की जरूरत है। पारदर्शिता के उपायों को वहां तुरंत लागू किया जाना चाहिए। इसके तहत सभी देशों के ऑलिगार्क्स और टैक्स हैवेंस में छिपाए गए सभी प्रकार के धन को निशाना बनाया जाना चाहिए।’



आईसीआईसीटी से जुड़े अर्थशास्त्रियों की राय है कि इसके पहले टैक्स चोरी रोकने के जो कदम उठाए गए हैं, उनमें राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। इसलिए उन्होंने जी-20 देशों से कहा है कि अब उन्हें इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि इस मसकद से जी-20 का एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन आयोजित होना चाहिए। उन्होंने कहा है- ‘अब ऐसा ना करने का कोई बहाना नहीं चलेगा।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed