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S Jaishankar: भारत-पनामा के बीच बढ़ रहा व्यापार, जयशंकर बोले- विकसित देशों को कोविड टीकों की आपूर्ति की
Tue, 25 Apr 2023 06:57 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, पनामा
एएनआई, पनामा
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 25 Apr 2023 06:57 AM IST
सार
भारत और पनामा के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा, राजनीतिक रूप से पनामा में होना बहुत खुशी की बात है क्योंकि भारत और पनामा पारंपरिक रूप से मजबूत करीबी दोस्त रहे हैं।
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पनामा में भारतीयों से मिले विदेश मंत्री जयशंकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पनामा के विदेश मंत्री जनैना तेवाने से सोमवार को स्वास्थ्य और व्यापार से संबंधित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। बाद में दोनों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और पनामा के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। साथ ही भारतीय फार्मास्यूटिकल्स को पनामा में स्थापित कराने को लेकर भी बातचीत हुई। जयशंकर ने कहा, पिछले तीन वर्षों में भारतीय फार्मेसी ने दुनिया में एक बदलाव किया है। कोविड में हमने टीकों की आपूर्ति की और अधिकांश विकसित देशों को दवाइयां सप्लाई की।
दोनों देशों के बीच बढ़ रहा व्यापार
जयशंकर ने कहा कि भारत लैटिन अमेरिका को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में देखता है जो बहुत दूर नहीं है क्योंकि व्यापार 50 बिलियन डॉलर की ओर बढ़ रहा है। हमारी कंपनियां लैटिन अमेरिका में बड़ी परियोजनाएं स्थापित कर रही हैं, हमारे पास भारतीय कंपनियों का बड़ा संचालन है और क्षमता निर्माण है। हमारे यहां बड़ी संख्या में प्रवासी हैं। भारत और पनामा के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा, राजनीतिक रूप से पनामा में होना बहुत खुशी की बात है क्योंकि भारत और पनामा पारंपरिक रूप से मजबूत करीबी दोस्त रहे हैं। उन्होंने कहा, हम लोकतंत्र, बाजार, अर्थव्यवस्था और बहुलवादी समाजों की विशेषताओं को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, हमारा विश्व दृष्टिकोण भी बहुत समान है, क्योंकि हम बड़े दक्षिण-दक्षिण सहयोग का हिस्सा हैं, समझ और दोस्ती का एक बहुत अच्छा आधार है।
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कोलंबिया और डोमिनिकन गणराज्य जाएंगे विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर पनामा सिटी पहुंचे। पनामा के उप विदेश मंत्री व्लादिमीर फ्रांकोस ने जयशंकर की अगवानी की। इससे पहले जयशंकर ने गुयाना में ओशन-गोइंग पैसेंजर-कम-कार्गो फेरी, एमवी मा लिशा के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए कहा कि यह फेरी दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता का प्रमाण है। वह 21 से 24 अप्रैल तक गुयाना के दौरे पर थे। पनामा से विदेश मंत्री 25 अप्रैल को कोलंबिया की यात्रा पर जाएंगे। यहां वे सरकार, व्यापार और नागरिक समाज के कई शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि उनकी कोलंबिया यात्रा देश की पहली विदेश मंत्री स्तर की यात्रा होगी। जयशंकर और कोलंबिया के समकक्ष अल्वारो लेवा डुरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, कोलंबिया की अपनी यात्रा के बाद, जयशंकर डोमिनिकन गणराज्य जाएंगे।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पनामा शहर के सिनको डे मेयो स्क्वायर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा प्रणाली और भारतीय समुदाय के सदस्यों से पनामा में मिलकर खुशी हुई। वे हमारे राष्ट्रों के बीच जीवित पुल हैं।
भारत-गुयाना के संबंधों में आई नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता : जयशंकर
गुयाना को भारत का ‘बेहद खास सहयोगी’ बताते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां भारतीय समुदाय से कहा कि दोनों देश ऐसी साझेदारी बना रहे हैं जो समकालीन दौर के उद्देश्य के लिए उपयुक्त है। पहली यात्रा पर यहां आए जयशंकर ने भारतीय समुदाय को गुयाना के नेतृत्व से बातचीत होने की जानकारी दी और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधो में नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता आई है।
उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करने के बाद ट्वीट किया, हमारे साथ बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति भरत जगदेव और स्पीकर मंजूर नादिर का शुक्रिया। उन्हें बताया, हम एक साझेदारी बना रहे हैं जो समकालीन दौर के उद्देश्य के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि गुयाना के साथ भारत के करीबी, गहरे और भावनात्मक संबंध हैं तथा देश की राजधानी में उसकी मौजूदगी इसकी एक अभिव्यक्ति है। विदेश मंत्री ने कहा, कुछ चीजें बेहतरी के लिए बदल गई हैं।
भारत निर्मित नौका बेड़े में शामिल
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली के साथ भारत निर्मित नौका एम.ए. लिशा को बेड़े में शामिल करने के कार्यक्रम में भाग लिया। इस नौका से देश के सुदूर अंदरुनी क्षेत्रों में संपर्क बढ़ेगा और आर्थिक अवसर मिलेंगे। नौका को कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने बनाया है।
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मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और पनामा के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। साथ ही भारतीय फार्मास्यूटिकल्स को पनामा में स्थापित कराने को लेकर भी बातचीत हुई। जयशंकर ने कहा, पिछले तीन वर्षों में भारतीय फार्मेसी ने दुनिया में एक बदलाव किया है। कोविड में हमने टीकों की आपूर्ति की और अधिकांश विकसित देशों को दवाइयां सप्लाई की।
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दोनों देशों के बीच बढ़ रहा व्यापार
जयशंकर ने कहा कि भारत लैटिन अमेरिका को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में देखता है जो बहुत दूर नहीं है क्योंकि व्यापार 50 बिलियन डॉलर की ओर बढ़ रहा है। हमारी कंपनियां लैटिन अमेरिका में बड़ी परियोजनाएं स्थापित कर रही हैं, हमारे पास भारतीय कंपनियों का बड़ा संचालन है और क्षमता निर्माण है। हमारे यहां बड़ी संख्या में प्रवासी हैं। भारत और पनामा के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा, राजनीतिक रूप से पनामा में होना बहुत खुशी की बात है क्योंकि भारत और पनामा पारंपरिक रूप से मजबूत करीबी दोस्त रहे हैं। उन्होंने कहा, हम लोकतंत्र, बाजार, अर्थव्यवस्था और बहुलवादी समाजों की विशेषताओं को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, हमारा विश्व दृष्टिकोण भी बहुत समान है, क्योंकि हम बड़े दक्षिण-दक्षिण सहयोग का हिस्सा हैं, समझ और दोस्ती का एक बहुत अच्छा आधार है।
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कोलंबिया और डोमिनिकन गणराज्य जाएंगे विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर पनामा सिटी पहुंचे। पनामा के उप विदेश मंत्री व्लादिमीर फ्रांकोस ने जयशंकर की अगवानी की। इससे पहले जयशंकर ने गुयाना में ओशन-गोइंग पैसेंजर-कम-कार्गो फेरी, एमवी मा लिशा के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए कहा कि यह फेरी दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता का प्रमाण है। वह 21 से 24 अप्रैल तक गुयाना के दौरे पर थे। पनामा से विदेश मंत्री 25 अप्रैल को कोलंबिया की यात्रा पर जाएंगे। यहां वे सरकार, व्यापार और नागरिक समाज के कई शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि उनकी कोलंबिया यात्रा देश की पहली विदेश मंत्री स्तर की यात्रा होगी। जयशंकर और कोलंबिया के समकक्ष अल्वारो लेवा डुरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, कोलंबिया की अपनी यात्रा के बाद, जयशंकर डोमिनिकन गणराज्य जाएंगे।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पनामा शहर के सिनको डे मेयो स्क्वायर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा प्रणाली और भारतीय समुदाय के सदस्यों से पनामा में मिलकर खुशी हुई। वे हमारे राष्ट्रों के बीच जीवित पुल हैं।
भारत-गुयाना के संबंधों में आई नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता : जयशंकर
गुयाना को भारत का ‘बेहद खास सहयोगी’ बताते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यहां भारतीय समुदाय से कहा कि दोनों देश ऐसी साझेदारी बना रहे हैं जो समकालीन दौर के उद्देश्य के लिए उपयुक्त है। पहली यात्रा पर यहां आए जयशंकर ने भारतीय समुदाय को गुयाना के नेतृत्व से बातचीत होने की जानकारी दी और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधो में नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता आई है।
उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करने के बाद ट्वीट किया, हमारे साथ बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति भरत जगदेव और स्पीकर मंजूर नादिर का शुक्रिया। उन्हें बताया, हम एक साझेदारी बना रहे हैं जो समकालीन दौर के उद्देश्य के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि गुयाना के साथ भारत के करीबी, गहरे और भावनात्मक संबंध हैं तथा देश की राजधानी में उसकी मौजूदगी इसकी एक अभिव्यक्ति है। विदेश मंत्री ने कहा, कुछ चीजें बेहतरी के लिए बदल गई हैं।
भारत निर्मित नौका बेड़े में शामिल
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली के साथ भारत निर्मित नौका एम.ए. लिशा को बेड़े में शामिल करने के कार्यक्रम में भाग लिया। इस नौका से देश के सुदूर अंदरुनी क्षेत्रों में संपर्क बढ़ेगा और आर्थिक अवसर मिलेंगे। नौका को कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने बनाया है।