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चेतावनी: विशेषज्ञों ने कहा- गृहयुद्ध के कगार पर है पाकिस्तान

Sun, 23 May 2021 12:50 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, इस्लामाबाद
एजेंसी, इस्लामाबाद Published by: देव कश्यप Updated Sun, 23 May 2021 12:50 AM IST
सार

  • एशिया टाइम्स ने लिखा, 73 साल बाद भी अपना मकसद नहीं पा सका पाक

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Experts said Pakistan facing economic crisis, terrorism and violence conditions like civil war being created
पाकिस्तान में हिंसक झड़पें (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

विशेषज्ञों ने कहा है कि पाकिस्तान एक तरफ आर्थिक संकट से जूझ रहा है और दूसरी तरफ देश में आतंकवाद और हिंसा को देखते हुए गृहयुद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बांग्लादेश का जन्म गृहयुद्ध का ही नतीजा रहा है। एशिया टाइम्स में इरफान राजा ने कहा है कि जब तक असमानता और अन्याय की वृद्धि पाक में अनियंत्रित रहेगी, इस देश के टूटने की संभावना अधिक रहेगी।

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इरफान राजा ने कहा कि पाकिस्तान में कुशासन, भ्रष्टाचार और गरीबी निश्चित रूप से ऐसे हालात में हैं जो किसी भी समाज में घृणा और हिंसा को भड़का सकते हैं। इसके अलावा असमानता और अन्याय भी देश को दूसरे गृहयुद्ध की आग में धकेल सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सामंती समाज के कामकाज और शिक्षा व बौद्धिक विकास को आम लोगों से दूर रखना भी इसके कारण गिनाए।
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एशिया टाइम्स ने कहा कि आजादी के 73 साल बाद भी पाकिस्तान अपने अस्तित्व के उद्देश्य को पाने में नाकाम रहा है। यह न तो इस्लामी कल्याणकारी देश है और न ही लोकतांत्रिक उदार राष्ट्र बन पाया है। इरफान राजा ने कहा कि इसके बजाय यह देश एक असहिष्णु देश बनकर रह गया है, क्योंकि लोग जैसे ही नीति निर्माताओं से सवाल पूछते हैं उन्हें विदेशी एजेंट या देशद्रोही करार दे दिया जाता है।
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शिक्षा प्रणाली पर दोष मढ़ा
एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाक में पुलिस हिरासत में यातना और मौत के चौंकाने वाले आंकड़े रखे हैं, लेकिन नेताओं, नौकरशाहों, जनरल और उद्योगपतियों पर इसका कोई फर्क तक नहीं पड़ा। पत्रकार तारिक अली ने बताया कि हुक्मरानों ने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को आकार दिया जो अभिजात्य वर्ग के हितों की रक्षा करे और विचारकों की जगह अंधे व बहरे नागरिक पैदा करे।

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