Bangladesh: 'यह आपका काम नहीं', खालिदा जिया की पार्टी BNP ने अंतरिम सरकार में किए जा रहे सुधारों पर उठाए सवाल
Bangladesh: बांग्लादेश में बीएनपी ने अंतरिम सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों पर सवाल उठाया। वहीं, एनसीपी ने आरोप लगाया कि कुछ दल चुनाव से पहले सुधारों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी ने शुक्रवार को अंतरिम सरकार में किए जा रहे 'सुधारों' की वैधता पर सवाल उठाए। वहीं, छात्रों के नेतृत्व वाले दल एनसीपी ने आरोप लगाया कि कुछ दल तत्काल चुनाव कराने के लिए सुधार की प्रक्रिया को नजरअंदाज करने का प्रयास कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के प्रवक्ता अमीर खासरू महमूद चौधरी ने चटगांव में पार्ट के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, माफ कीजिए, यह (सुधार) आपका काम नहीं है। चौधरी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की उसी नीति को दोहरा रही है, जिसने विकास के नाम पर निष्पक्ष चुनावों से जनता को वंचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी सुधारों के नाम पर उसी रास्ते पर चल रही है।
ये भी पढ़ें : Bangladesh: यूनुस ने जल प्रबंधन के लिए चीन से मांगा 50 साल का मास्टर प्लान, समुद्री सहयोग बढ़ाएंगे दोनों देश
चौधरी ने कहा कि जनता की आजादी सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका निष्पक्ष चुनाव है, लेकिन सुधारों के बहाने इस प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है। बीएनपी इस समय बांग्लादेश की प्रमुख सियासी पार्टी है, क्योंकि पांच अगस्त 2024 को हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद अधिकांश नेता जेल में हैं या फरार हैं या देश छोड़कर चले गए हैं। शेख हसीना तब से भारत में ही रह रही हैं।
बीएनपी प्रवक्ता की ओर से टिप्पणी ऐसे समय में आई जब राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपी) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने शुक्रवार को कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में चुनी गई सरकार सुधार प्रक्रिया को जारी रखेगी। नाहिद इस्लाम हाल तक यूनुस प्रशासन के सलाहकार थे। बीएनपी और अन्य दलों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए नाहिद ने कहा, कई दल सुधार के एजेंडे को दरकिनार कर चुनाव की ओर बढ़ना चाहते हैं।
ये भी पढ़ें : Bangladesh: बीजिंग में मिले मोहम्मद यूनुस और शी जिनपिंग, कर्ज के ब्याज को कम कराने पर हो सकती है बात
सिराजगंज में एक रैली के दौरान नाहिद इस्लाम ने कहा, अगर हम जुलाई (2024) में हुए विद्रोह से जुड़े मुकदमों के निपटारे से पहले चुनाव कराते हैं, यह सुनिश्चित नहीं होगा कि नई सरकार सुधार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा, हम चाहते हैं कि सुधार और मुकदमेबाजी मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर जल्द से जल्द पूरे हों।
संबंधित वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.