ईरान परमाणु डील: तुरंत वियना वार्ता फिर शुरू होने की संभावना नहीं, लेकिन ब्रसेल्स में बातचीत के लिए राजी
परमाणु वार्ता दोबारा शुरू करने के मकसद से इन वार्ताओं के लिए ईयू के को-ऑर्डिनेटर एनरिके मोरा बीते गुरुवार को तेहरान पहुंचे थे। वहां उनकी ईरान के उप विदेश मंत्री अली बाघेरी कानी से बातचीत हुई। ईरान में रईसी की सरकार बनने के बाद से ईरान और ईयू के बीच ये पहली सीधी वार्ता थी...
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यूरोपियन यूनियन (ईयू) का एक दल ईरान सरकार को परमाणु डील की वियना वार्ता में तुरंत लौटने पर मनाने में नाकाम रहा। इससे इस डील के पुनर्जीवित हो सकने की संभावना को तगड़ा झटका लगा है। ईयू के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू से कहा- ‘वे अभी वियना वार्ता में फिर से शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं।’ लेकिन खबरों के मुताबिक ईरान ईयू अधिकारियों से ब्रसेल्स में बातचीत करने के लिए राजी हो गया है। वियना में परमाणु वार्ता का आखिरी दौर पिछले जून में हुआ था। तब से बातचीत ठहरी हुई है।
ईयू के अधिकारियों का कहना है कि ब्रसेल्स में ईरान के नए प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने में कोई नुकसान नहीं है। वहां समझौते के सभी प्रस्तावों पर बारीकी से चर्चा होगी। अगर ईरान के मन में कुछ सवाल हैं, तो उन पर वहां स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
बीते जून में कट्टरपंथी समझे जाने वाले मौलवी इब्राहिम रईसी ईरान के राष्ट्रपति चुने गए। तभी से परमाणु वार्ता ठहरी हुई है। रईसी ने अगस्त में राष्ट्रपति का पद संभाला। रईसी सरकार ने कई बार कहा है कि वह बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके लिए तारीख तय करने में उसने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इससे पश्चिमी राजधानियों में आशंकाएं गहराई हैं।
परमाणु वार्ता दोबारा शुरू करने के मकसद से इन वार्ताओं के लिए ईयू के को-ऑर्डिनेटर एनरिके मोरा बीते गुरुवार को तेहरान पहुंचे थे। वहां उनकी ईरान के उप विदेश मंत्री अली बाघेरी कानी से बातचीत हुई। ईरान में रईसी की सरकार बनने के बाद से ईरान और ईयू के बीच ये पहली सीधी वार्ता थी। लेकिन इस दौरान ईरान ने वियना वार्ता में तुरंत लौटने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद वियना में बातचीत शुरू हुई थी, ताकि परमाणु समझौते में अमेरिका लौट सके। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जमाने में अमेरिका इस करार से निकल गया था।
खबरों के मुताबिक जब से वार्ता ठहरी है, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम की गति तेज कर दी है। वह अधिक ऊंचे स्तर तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ईरान उस स्थिति में है, जब वह चाहे तो कुछ महीनों की तैयारी के साथ परमाणु बम बना सकता है।
पिछले हफ्ते वाशिंगटन में इस्राइल के विदेश मंत्री यायर लेपिड से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकेन ने कहा था- ‘हम उस बिंदु के करीब पहुंच गए हैं, जहां परमाणु डील पर अमल भर से इस समझौते के लाभ हमें नहीं मिल पाएंगे। इसकी वजह यह है कि अभी की अवधि का इस्तेमाल ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है।’
लेकिन अब ईयू अधिकारियों को भरोसा है कि ईरान ने वियना वार्ता में लौटने का मन बना लिया है। उनके मुताबिक ब्रसेल्स में बातचीत के बाद ऐसा होगा। ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस इस कोशिश में हैं कि अमेरिका परमाणु डील में वापस आ जाए। लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस रास्ते में अभी कई रुकावटें हैं।