EU: ट्रंप ने बदला रुख तो जेलेंस्की के पक्ष में लामबंद हुए यूरोपीय देश, रूस पर दबाव बनाए रखने का लिया संकल्प
यूक्रेन के प्रमुख यूरोपीय सहयोगी यानी कोएलिशन ऑफ द विलिंग की इस मामले में रविवार को एक बैठक भी होने वाली है। जेलेंस्की की सोमवार को ट्रंप से होने वाली मुलाकात से ठीक पहले यह बैठक वर्चुअली आयोजित की जाएगी, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर करने वाले हैं।
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में बैठक के बाद जिस तरह अपना रुख बदला है, वो यूरोपीय देशों को ज्यादा रास नहीं आया है। ऐसे में यूरोपीय देश पूरी तरह यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के पक्ष में लामबंद हो गए हैं। उन्होंने एक साझा बयान जारी करके यूक्रेन को समर्थन जारी रखने और यूक्रेन में युद्ध खत्म होने तक रूस पर दबाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
यूक्रेन के प्रमुख यूरोपीय सहयोगी यानी कोएलिशन ऑफ द विलिंग की इस मामले में रविवार को एक बैठक भी होने वाली है। जेलेंस्की की सोमवार को ट्रंप से होने वाली मुलाकात से ठीक पहले यह बैठक वर्चुअली आयोजित की जाएगी, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर करने वाले हैं। इस साल के शुरू यह ग्रुप संघर्षविराम की स्थिति में यूक्रेन को ठोस सुरक्षा गारंटी दिलाने के लिए गठित किया गया था।
ये भी पढ़ें: Russian Factory Fire: रूस की इलास्टिक फैक्ट्री में विस्फोट के बाद आग, 11 लोगों की मौत; 130 से ज्यादा घायल
अब जब ट्रंप के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि जेलेंस्की पर दबाव बढ़ सकता तो सहयोगी देश एकजुट होकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। इससे पहले, ईयू नेताओं की तरफ से जारी एक साझा बयान के मुताबिक, यूक्रेन को अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अचूक सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए। यूरोपीय नेता त्रिपक्षीय शिखर वार्ता के लिए ट्रंप और जेलेंस्की के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। यूरोपीय नेताओं ने साफ किया कि यूक्रेन की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।
जेलेंस्की ने वार्ता में यूरोपीय नेताओं को शामिल करने पर दिया जोर
जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत को बेहद सार्थक बताया। साथ ही वार्ता प्रक्रिया में यूरोप को शामिल करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा, यह जरूरी है कि अमेरिका के साथ मिलकर विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय नेता हर स्तर पर शामिल हों। हमने यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अमेरिकी पक्ष की भागीदारी पर भी चर्चा की है।
यूक्रेन पर डोनबास क्षेत्र को छोड़ने का बढ़ेगा दबाव
ट्रंप ने जेलेंस्की के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलनी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत यूरोपीय देशों के कई नेताओं से बात की है। इन फोन वार्ताओं के बारे में जानकारी रखने वाले दो वरिष्ठ यूरोपीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं से कहा कि उनका मानना है कि अगर जेलेंस्की डोनबास क्षेत्र के बाकी हिस्सों को रूस को सौंपने के लिए सहमत हो जाते हैं, तो एक त्वरित शांति समझौते पर बातचीत हो सकती है। यहां तक, उन क्षेत्रों को भी जिन पर रूसी सैनिकों का कब्जा नहीं है।
ये भी पढ़ें: Pakistan: असीम मुनीर ने राष्ट्रपति जरदारी को हटाने की बात को किया खारिज, कहा- राजनीतिक अराजकता फैलाने की साजिश
पुतिन बोले-वार्ता सार्थक रही, यूक्रेन की सुरक्षा पर ट्रंप से सहमत
पुतिन से साथ वार्ता के लिए तैयार होने के संकेत देते हुए जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, यूक्रेन शांति स्थापित करने के लिए अधिकतम प्रयास के साथ काम करने को तत्पर है। हालांकि, पुतिन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेलेंस्की के साथ बैठक को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। उनके सहयोगी यूरी यूस्कोव ने रूसी मीडिया को बताया कि त्रिपक्षीय बैठक पर कोई चर्चा नहीं हुई। पुतिन ने जंग को लेकर रूस की स्थिति में किसी तरह के बदलाव के संकेत भी नहीं दिए। लेकिन कहा कि ट्रंप की इस बात से सहमत हैं कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। पुतिन ने यह भी कहा कि बैठक सार्थक रही है और सही समय पर हुई है।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.