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बीमारी जिसका नाम आपके डॉक्टर ने भी नहीं सुना होगा

Tue, 19 Mar 2013 01:06 PM IST
बीबीसी हिंदी/फिलिपा रॉक्सबी
बीबीसी हिंदी/फिलिपा रॉक्सबी Updated Tue, 19 Mar 2013 01:06 PM IST
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your doctor also will not hear name of such disease

उनकी छुट्टियों को खत्म हुए पांच बरस बीत गए हैं पर उसे अब भी ऐसा लगता है कि वह बीच पानी के बीच जहाज पर है। समंदर ने उन्हें जाने कैसा रोग दे दिया था।

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मिशेल मैरी रॉबर्ट्स अपने पति व दोनों बेटों के साथ दो हफ्ते की छुट्टियां मनाने पानी के जहाज़ से हवाई गई थी।

तब उन्हें जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि जमीन पर वापस लौटेते उसकी जिंदगी इस कदर बदल जाएगी।

मिशेल ने अपनी तकलीफ कुछ यूं बयान की, “मैं जैसे ही जहाज से जमीन पर उतरी और बस गिर पड़ी। मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। मैंने घर आने के लिए फ़्लाइट वापस ली और दुकानों में भटकने लगी।”
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सफ़र का असर
उन्होंने कहा, “मेरी आवाज़ कांप रही थी और एक मौके पर तो सब्ज़ी काटते वक्त मैं बेहोश होकर गिर पड़ी।”

मिशेल की वह छुट्टी जनवरी, 2008 में ही खत्म हो चुकी हैं लेकिन आज भी उन्हें लगता है कि वह पानी के जहाज पर हैं।

वह पिछले पांच साल से एक तरह के समुद्री रोग से जूझ रही हैं।

मिशेल की तकलीफ़ जब बढ़ती हैं तो उन्हें लेटने से भी राहत नहीं मिलती।

मिशेल की बीमारी को ‘माल डे डिबार्क्वमेंट सिंड्रोम’ के नाम से जाना जाता है।

इसके मामले बहुत ही कम देखने में आते हैं। यह समुद्री रोग क्यों होता है और इसका इलाज क्या है, इसकी बेहद कम जानकारी उपलब्ध है।

‘माल डे डिबार्क्वमेंट सिंड्रोम’
यहां तक कि ज़्यादातर डॉक्टरों ने इस बीमारी का नाम तक नहीं सुना है।

बर्कशायर की रहने वाली मिशेल मैरी को एमआरआई स्कैन और त्वचा समेत दूसरी विकृतियों की जांच के लिए कई तरह के टेस्ट से गुजरना पड़ा।

जहाज के सफर के तकरीबन छह महीने बाद रॉयल बर्कशायर हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मिशेल की तकलीफ को आखिरकार समझ लिया।

हालांकि सभी पीड़ित इतने खुशनसीब नहीं होते। बहुत से लोगों को अपनी बीमारी की पहचान के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है।

मिशेल की तकलीफ़ को समझना बहुत मुश्किल है। बीमार रहना और हर लम्हें ऐसा लगना कि वह गति कर रही है। बीमारी का असर मिशेल की शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ा।

तलाक के बाद नौकरी की तलाश
दो ऑटिस्टिक बच्चों की देख-भाल और फिर से पति से तलाक। मिशेल को इस बीमारी के बावजूद एक जमाने बाद 49 साल की उम्र में नौकरी खोजनी पड़ी।

लंबी कोशिशों के बाद मिशेल ने यह महसूस किया कि जब वह गति में होती हैं तो उन्हें बेहतर महसूस करती हैं।

वह ड्राइविंग, तैराकी या ऐसी चीजों में खुद को व्यस्त रखती हैं जिनमें वह गति में हों। पर समंदर से अपने गहरे लगाव के बावजूद मिशेल कभी वापस पानी के पास नहीं जा पाएंगी।

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