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मेगन और प्रिंस हैरी की शाही शादी के तीन आम मेहमान

Sat, 19 May 2018 04:00 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Sat, 19 May 2018 04:00 PM IST
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Three general guests of prince harry and meghan markle royal wedding 

ब्रिटेन की आबादी है 6 करोड़ 60 लाख। और राजकुमार हैरी की शाही शादी में न्योता दिया जाना था केवल 1200 लोगों को। ये काम आसान नहीं था। प्रिंस हैरी की शादी में आने वालों की फेहरिस्त में पहले नंबर पर आते हैं फिलिप गिलेस्पी।

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फिलिप ने शादी के दिन की पूरी प्लानिंग कर रखी है। वो अपना नीला थ्री पीस सूट पहनेंगे, जो उन्होंने इससे पहले सिर्फ एक बार अपने एक दोस्त की शादी में पहना था। सूट के साथ फिलिप भूरे रंग के जूते पहनेंगे। अपनी सेना की रेजीमेंट वाली लाल-हरी धारी वाली टाई लगाएंगे। और अपने सेना के मेडल भी वो लगाएंगे।
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तीस बरस के फिलिप, प्रिंस हैरी की शादी में, पहली बार सेना की नौकरी के दौरान मिले मेडल पहनने वाले हैं। 2013 में उन्हें सेना से छुट्टी दे दी गई थी। फिलिप के लिए सेना की नौकरी छोड़ना बहुत मुश्किल काम था।
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असल में फिलिप के साथ एक हादसा हुआ था। फिलिप को उनके दोस्त बार्ने के नाम से बुलाते हैं। उस वक्त बार्ने तीसरी बार अफगानिस्तान गए थे, अपनी ड्यूटी निभाने। अफगानिस्तान में हालात बेहतर हो रहे थे। सड़कें दुरुस्त हो रही थीं। लड़ाई भी काफी कम हो गई थी।

लेकिन 9 जनवरी, 2011 को भयंकर हादसा हुआ। अफगानिस्तान में पैदल गश्त पर निकले फिलिप का पांव एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया था। धमाके से उनका दाहिना पैर उड़ गया। बाएं पैर में भी काफी चोटें आई थीं। मौके पर ही सेना के डॉक्टरों की टीम ने उनका शुरुआती इलाज किया। उस वक़्त फिलिप पूरे होश में थे। बाद में उन्हें हेलीकॉप्टर से सेना के एक अस्पताल लाया गया।

ये हैं शाही शादी के तीन आम मेहमान




इस घटना के बारे में बात करते हुए फिलिप जरा भी जज्बाती नहीं होते, जबकि इस हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। फिलिप कहते हैं, 'मैं बड़ी आसानी से उस हादसे के बारे में बात कर लेता हूं। मैंने अपनी नियति को मंजूर कर लिया और जिंदगी के सफर में आगे बढ़ चला।'

फिलिप के मुताबिक, तालिबान ने उनका एक पैर जरूर छीन लिया था, मगर फिलिप उन्हें अपनी जिंदगी नहीं छीनने देना चाहते थे। वो कहते हैं, 'अगर मैं अपनी जिंदगी जीना छोड़ देता, तो वो उसे भी छीन लेने में कामयाब हो जाते।' इस दुर्घटना के बाद के कुछ हफ्तों में फिलिप और उनके परिजनों के लिए कई जज्बाती और तकलीफदेह मौके आए।

जब उनके पिता के घर पर दस्तक देकर उन्हें बताया गया कि आपके बेटे ने एक पैर गंवा दिया है। फिर जब फिलिप की बर्मिंघम के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में अपने पिता से मुलाकात हुई, तो वो बहुत भावुक हो गए थे।

फिलिप कहते हैं, 'कोई भी अपने पिता के सामने रोकर खुद को कमजोर नहीं दिखाना चाहेगा। मैंने बमुश्किल अपने आंसू रोके थे।' लेकिन, हादसे के बाद कई चौंकाने वाले खुशी के पल भी आए। मसलन, जब वो बस में अफगानिस्तान से लौटे और अपने साथियों से मिले।

ये मुलाकात फिलिप के साथ हुए हादसे के महज दो महीने बाद हुई थी। इस दौरान उन्हें बनावटी पैर लगा दिया गया था। फिलिप अब बैसाखी की मदद से खड़े हो पाते थे। उस मुलाकात को याद करते हुए फिलिप कहते हैं, 'वो मुझे देखकर चौंक गए। उन्होंने जब मुझे आखिरी बार देखा था, तो मैं खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ था। मेरा एक पैर उड़ गया था।'

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