दूसरे ब्रेग्जिट जनमत संग्रह की याचिका पर 30 लाख से अधिक ने किए हस्ताक्षर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विलियम ओलिवर हीले द्वारा ब्रेग्जिट पर दूसरे जनमत संग्रह के लिए शुरू की गई याचिका पर रविवार तक 30 लाख से ज्यादा लोगों ने हस्ताक्षर किए। यह याचिका सिर्फ 48 घंटे पहले शुरू की गई थी। यूके की संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर रविवार की सुबह तक 30 लाख 48 हजार लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं।
हाउस ऑफ कॉमन्स में किसी विषय पर चर्चा के लिए जरूरी एक लाख हस्ताक्षर के आंकड़े को यह याचिका पार कर चुकी है। कंजर्वेटिव सांसद बेन होवलेट ने ट्विटर पर इस बात की पुष्टि की कि मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में सेलेक्ट कमेटी इस याचिका पर चर्चा करेगी।
याचिका पर हस्ताक्षर करने वालों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए लेबर सांसद डेविड लैमी ने साथी संासदों से अपील की कि वे शुक्रवार को हुए जनमत संग्रह के नतीजों को नजरअंदाज करें। वह सिर्फ एक सलाह थी। ट्विटर पर उन्होंने कहा कि हम इस उतावलेपन को रोक सकते हैं और संसद में वोट के जरिए इस संकट का समाधान कर सकते हैं।
हमारी संसद में अब इस बात पर मतदान की जरूरत है कि हमें यूरोपीय संघ से बाहर होना चाहिए या नहीं। यह जनमत संग्रह सिर्फ एक एडवाइजरी थी, एक ऐसा जनमत संग्रह जिससे हम बंधे नहीं हैं।
दरअसल, यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में वोट देने वाले ज्यादातर मतदाता अब अपने निर्णय पर पश्चाताप कर रहे हैं और दोबारा बने रहने के पक्ष में वोट करना चाहते हैं।
ब्रिटेन की लेबर पार्टी में उठापटक
टेन की विपक्षी लेबर पार्टी में रविवार को विद्रोह देखने को मिला। यह विद्रोह जेरेमी कोरबिन द्वारा अपने विदेश सचिव को हटाने और शैडो कैबिनेट के तीन वरिष्ठ सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद नजर आया।
वरिष्ठ सोशलिस्ट नेता द्वारा ईयू जनमत संग्रह को ठीक तरीके से संचालित नहीं करने के बाद पार्टी के भीतर ही मतभेद उत्पन्न हुए।
कोरबिन के नेतृत्व पर से भरोसा उठने की बात करने के बाद शैडो विदेश सचिव हिलेरी बेन को हटा दिया गया। इसके ठीक बाद, उनके सहकर्मी शैडो स्वास्थ्य सचिव हेइडी एलेक्जेंडर ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे की घोषणा की।
अब जो इस्तीफा देने वाले हैं उनमें युवा मामलों के शैडो मंत्री ग्लोरिया डी पिएरो और स्कॉटलैंड के शैडो मंत्री इयान मुरे शामिल हैं।
भारत पर नहीं होगा ब्रेग्जिट का असर : मुख्य आर्थिक सलाहकार
वहीं केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने रविवार को कहा कि ब्रेग्जिट एक दुखद घटनाक्रम है लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति मजबूत होने के कारण भारत इससे प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ब्रेग्जिट एक दुखद घटनाक्रम है इससे यूके और यूरोप दोनों प्रभावित होंगे।
Published By Rahul Sankrityayan