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कौन हैं 20 साल बाद गिरफ्तार 'माफिया'?

Wed, 14 Aug 2013 12:33 AM IST
Updated Wed, 14 Aug 2013 12:33 AM IST
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italy mafia arrest

इटली के सिसिली में ट्रैबिया एक ख़ुशनुमा जगह है। साल के इस वक्त यहां अकसर सैलानी आते हैं। लेकिन यहां दीवारों के पीछे चौकस आंखें हैं।

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ये कोसा नोस्त्रा (माफिया के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) की घुमावदार संकरी गलियां हैं। और 90 के दशक के शुरुआती सालों में यहां डोमेनिको रैंकाडोर का राज चलता था।
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इटली के एक कानूनी अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि ब्रिटेन में गिरफ्तार डोमेनिको रैंकाडोर 'बड़े माफिया बॉस' हैं।

डोमेनिको रैंकाडोर को लंदन के ऑक्सब्रिज इलाके से एक यूरोपीय वॉरंट के तहत गिरफ्तार किया गया है।

डोमेनिको को इटली प्रत्यर्पित किया जाएगा जहां उन्हें सात साल की सज़ा हो सकती है।

हमने जब एक आदमी को रोक कर पूछा तो उसका कहना था कि ‘रैंकाडोर खेल-कूद के शिक्षक थे। जिनकी इटली के एक राजनयिक की बेटी से शादी हुई। वो अच्छा पढ़ाते थे। अच्छे आदमी थे।’
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हालांकि लोग यहां सच जानते हैं। सभी जानते हैं कि रैंकाडोर का खेल-कूद का काम सिर्फ छिपाने के लिए था। आज भी 19 साल बाद ऑमर्ता- अधिकारियों को जानकारी न देने का नियम- लागू है।

'रैंकाडोर जानते हैं अहम राज़'
लेकिन वो कानूनी अधिकारी जिन्होंने रैंकाडोर के मामलों पर काम किया है वो हम से मिलने को राज़ी हुए और हमें रैंकाडोर के बारे में बताया।

हम एक गुप्त जगह पर मिले, जहां हथियारबंद पुलिस वाले तैनात थे।

वित्तोरिया तेरेसी नाम के ये अधिकारी रैंकाडोर को निजी रूप से जानते हैं। दोनों ट्रैबिया में साथ-साथ बढ़े हुए थे। लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए।

एक की नियति थी ‘माफिया गैंगस्टर’ बनना। और दूसरे की नियति थी माफिया विरोधी अभियोजक बनना।

तेरेसी का कहना है कि हमें ये पक्का पता है कि रैंकाडोर के पास अहम जानकारी है। वो उस वक्त के टॉप बॉस में से एक थे। उन्हें राज़ पता है।”

तेरेसी कहते हैं कि रैंकाडोर “जिस गिरोह के लिए वो काम कर रहे थे वो बहुत मज़बूत गिरोह था। वो कॉर्लियोनी, गॉडफादर, के करीब थे और वो भी उस ग्रुप की सीधे सरकार को निशाना बनाने की रणनीति साझा करते थे।”

तेरेसी का कहना है कि “जिस लड़के को मैं मिम्मो के नाम से जानता था उससे यही कहूंगा कि घर आ जाओ, इस प्रत्यर्पण के खिलाफ मत लड़ो, अपनी पत्नी और बच्चों को कुछ प्रतिष्ठा दो।”

तेरेसी का कहना है कि रैंकाडोर की “पत्नी ऐन ज़रूर उनकी असली पहचान जानती होगी। वो ये भी जानती होंगी कि रैंकाडोर क्यों देश छोड़ना चाहते थे, क्यों उन्हें अचानक परिवार छोड़ने की ज़रूरत पड़ी और उन्हें ये भी पता होगा कि वो दोषी पाए गए हैं।”

तेरेसी को सफलता तब मिली जब 2009 में रैंकाडोर के पिता गंभीर रूप से बीमार हो गए।

तेरेसी का कहना है “हमें लगा कि वो परिवार के संपर्क में आएंगे या इटली लौटने की कोशिश करेंगे। हमने परिवार पर निगरानी बढ़ा दी। फ़ोन टैपिंग से हमारा संदेह पुख़्ता हुआ। वो ऑक्सब्रिज में रह रहे थे। उन्हें पेंशन मिलती थी और शायद माफ़िया से भी पैसा मिल रहा था।”


ट्रैबिया पर 1980 और 1990 के दशक में रैंकाडोर का राज चलता था। करीब 50 लोग उनका आदेश मानते थे। वो ‘जबरन वसूली और ठगी में शामिल’ थे।

तेरेसी के मुताबिक रैंकाडोर के गिरोह ने कई बड़े सरकारी ठेके भी हथिया लिए थे।

अब तक क्यों नहीं पकड़ा?
लेकिन अगर ब्रिटेन पुलिस को ये पता था कि रैंकाडोर उनके यहां हैं तो उन्होंने 2013 तक उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया?

तेरेसी का कहना है कि “दोनों देशों में सांस्कृतिक रूप से बड़े अंतर हैं, कानूनी तंत्र अलग-अलग हैं”।

माफ़िया कैसे काम करता है इसके बारे में सटीक जानकारी एदवर्दो ज़फुतो भी रखते हैं।

ज़फुतो एडियो पिज़्ज़ो के लिए काम करते हैं। एडियो पिज़्ज़ो ग्रुप उन साहसी सिसिलियन कारोबारियों को कानूनी मदद देता है जो माफ़िया को पैसा देने से इनकार कर देते हैं।

ज़फुतो का कहना है कि “इस बारे में शायद सबूत न हों कि रैंकाडोर ने किसी की हत्या करवाई। लेकिन अगर माफ़िया को किसी को मरवाना होगा तो उन्हें रैंकाडोर की इजाज़त की ज़रूरत होगी। हो सकता है उन्होंने हत्या का आदेश न दिया हो लेकिन इजाज़त दी होगी। ”

तेरिसो का कहना है कि हो सकता है कि रैंकाडोर ब्रिटेन में छिपे इकलौते माफ़िया न हों।

बीबीसी संवाददाता क्रिस्टियन फ्रेजर की रिपोर्ट

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