फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   dolphin call

एक दूसरे को नाम से बुलाती हैं डॉल्फिन

Wed, 24 Jul 2013 04:07 PM IST
Updated Wed, 24 Jul 2013 04:07 PM IST
विज्ञापन
dolphin call

डॉल्फिन इंसान की दोस्त मानी जाती हैं लेकिन एक नए शोध से पता चला है कि वे इंसानों की तरह एक-दूसरे को नाम से भी बुलाती हैं।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों का कहना है कि ये समुद्री स्तनपायी एक दूसरे की पहचान जानने के लिए अलग-अलग तरह की सीटी बजाती हैं।

स्कॉटलैंड के सेंट एंड्रूज विश्वविद्यालय के अनुसंधान दल के मुताबिक जब डॉल्फिनों को लगता है कि उनका नाम पुकारा जा रहा है तो वो इस पर प्रतिक्रिया देती हैं।

ये शोध प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेज में प्रकाशित हुआ है।

व्यवस्था

विश्वविद्यालय की समुद्री स्तनपायी शोध इकाई के डॉक्टर विंसेंट जानिक ने कहा, “डॉल्फिन समुद्र में त्रिआयामी माहौल में रहती हैं जहां कोई निश्चित चिन्ह या सीमा नहीं होती है। ऐसे में उन्हें एक समूह में एक दूसरे के संपर्क में रहने के लिए एक सुगम व्यवस्था की जरूरत होती है।”
विज्ञापन


लंबे समय से ये माना जाता रहा है कि डॉल्फिन एक-दूसरे को पुकारने के लिए एक विशेष प्रकार की सीटी बजाती हैं। ठीक वैसे ही जैसे हम एक-दूसरे को नाम से पुकारते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


dolphin













पहले किए गए शोधों से ये बात सामने आई है कि डॉल्फिन निरंतर सीटी बजाती रहती हैं और एक ही समूह की डॉल्फिन इस ध्वनि को सीखती हैं और कॉपी करती हैं।

लेकिन पहली बार नाम से पुकारे जाने पर इन जीवों की प्रतिक्रिया पर शोध किया गया है।

प्रयोग

इसके लिए वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक वातावरण में रहने वाली बॉटलनोज़ डॉल्फिनों की ध्वनि को रिकॉर्ड किया। इसके बाद उन्होंने पानी के नीचे स्पीकर लगाकर इस रिकॉर्ड को बजाया।

डॉक्टर जानिक ने कहा, “हमने एक समूह की विशेष सीटी बजाई, उनकी दूसरी तरह की आवाज़े भी बजाई और फिर दूसरे समूहों की विशेष सीटियां बजाई। दूसरे समूहों से ये डॉल्फिन कभी नहीं मिली थीं।”

dolphinअनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि डॉल्फिनों ने केवल उन्हीं आवाज़ों पर प्रतिक्रिया दी जिनमें उन्हें पुकारा गया था। अपने नाम की पुकार पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए सीटी बजाई।

शोध दल का मानना है कि डॉल्फिन इंसान की तरह व्यवहार करती हैं और नाम पुकारे जाने पर जवाब देती हैं।

क्षमता

डॉक्टर जानिक का कहना है कि संभवतः विशाल समुद्र में एक साथ रहने की जरुरत के कारण डॉल्फिनों ने ये क्षमता विकसित की है।

उन्होंने कहा, “अधिकांश समय वे एक-दूसरे को देख नहीं पाती हैं। वे पानी से नीचे सूंघने की क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं जो कि जीवों को एक दूसरे को पहचानने की अहम ताकत होती है। साथ ही वे लंबे समय तक एक ही स्थान पर नहीं रह सकती हैं। उनके पास कोई घोंसला या बिल नहीं होता है जहां वे लौटकर जा सकें।”


अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि पहली बार किसी जीव में ऐसी अद्भुत क्षमता का पता चला है। हालांकि दूसरे शोधों से पता चला है कि संभवतः तोते की कुछ प्रजातियां अपने समूह में दूसरों की पहचान के लिए ध्वनि का इस्तेमाल करती हैं।

डॉक्टर जानिक ने कहा कि ऐसे शोध से इंसान में आपसी संपर्क के विकास को समझने में मदद मिलेगी।

रेबेका मोरेल/विज्ञान संवाददाता, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed