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EU: ईरानी महिलाओं के समर्थन में आईं यूरोपीय संघ की सांसद, अबीर अल सहलानी ने संसद में काटे अपने बाल

Wed, 05 Oct 2022 08:32 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 05 Oct 2022 08:32 PM IST
सार

ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में 13 सितंबर को तेहरान में ईरान की नैतिकता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 22 वर्षीय महसा अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान की स्कूली छात्राओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिजाब को हटाकर और अपने बालों को काटकर प्रदर्शन किया है।

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EU lawmaker Abir Al Sahlani cuts off her hair in support of Iran protests
यूरोपीय संघ की सांसद ने काटे अपने बाल। - फोटो : ANI

विस्तार

ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद हिजाब को लेकर शुरू हुआ हिजाब का विरोध यूरोपीय संघ तक पहुंच गया है। हिजाब को लेकर देश में चल रहे विरोध के बीच ईरानी महिलाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धिता को जताते हुए संसद में बहस के दौरान एक यूरोपीय सांसद ने अपने बाल काट दिए। 

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स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी ने काटे बाल
संसद में अपने बाल काटने के बाद स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी ने कहा कि यूरोपीय संघ के लोगों और यूरोप के नागरिकों की मांग है कि ईरान में पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ सभी तरह की हिंसा को बिना शर्त तत्काल रोक दिया जाए। 
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स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी एक वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है। इसमें वह यूरोपीय संसद के सदस्यों के सामने अपने बाल काटती दिख रही हैं। इस दौरान उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि 'जब तक ईरान की महिलाएं स्वतंत्र नहीं हैं, हम आपके साथ खड़े रहेंगे।'
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ईरानी धर्मगुरुओं के हाथ खून से सने हुए
यूरोपीय संसद की सदस्य अबीर अल-सहलानी ने कहा कि ईरान की महिलाओं ने तीन सप्ताह तक लगातार साहस दिखाया है। वे  स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन के साथ अंतिम कीमत चुका रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में बोलने से अब काम नहीं चलेगा, यह कार्रवाई करने का समय है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान में धर्मगुरुओं की हुकूमत के हाथ खून से सने हैं। न तो इतिहास और न ही सर्वशक्तिमान ईश्वर उनको मानवता के खिलाफ किए गए उन अपराधों के लिए माफ करेगा जो वे अपने ही लोगों के खिलाफ कर रहे हैं। 


13 सितंबर को हुई थी महसा अमीनी की मौत
गौरतलब है कि ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में 13 सितंबर को तेहरान में ईरान की नैतिकता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 22 वर्षीय महसा अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान की स्कूली छात्राओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिजाब को हटाकर और अपने बालों को काटकर प्रदर्शन किया है। नॉर्वे के एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के मुताबिक, कथित रूप से ईरान पुलिस द्वारा महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। 

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने जताई थी चिंता
बीते सप्ताह, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ईरान में प्रदर्शनों में बढ़ती मौत की खबरों के बारे में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने ईरान के सुरक्षा बलों से अनावश्यक बल प्रयोग को बंद करने का आह्वान किया था। वहीं, महिलाओं के विरोध पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने सोमवार को देश में चल रहे विरोध के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को दोषी ठहराया था। 

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