फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   EU and former Soviet leaders meet amid Russian tensions

शिखर सम्मेलन: रूसी तनाव के बीच ईयू व पूर्व सोवियत नेताओं की मुलाकात, रिश्ते मजबूत करने का लिया संकल्प

Fri, 17 Dec 2021 12:57 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, ब्रुसेल्स।
एजेंसी, ब्रुसेल्स। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 17 Dec 2021 12:57 AM IST
सार

शिखर सम्मेलन की अंतिम घोषणा के अनुसार, बैठक का मकसद समान मूलभूत मूल्यों पर आधारित रणनीतिक, महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी साझेदारी के लिए ‘मजबूत प्रतिबद्धता’ की पुष्टि करना है।

विज्ञापन
EU and former Soviet leaders meet amid Russian tensions
यूरोपीय संघ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

रूस के साथ तनाव बढ़ने के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने यूक्रेन और चार अन्य पूर्व सोवियत गणराज्यों के प्रमुखों से मुलाकात कर राजनीतिक, व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक रिश्तों पर चर्चा की। ईयू के ‘पूर्वी साझेदारों’ में शामिल आर्मेनिया, अजरबैजान, जॉर्जिया, मोल्दोवा और यूक्रेन के नेताओं ने आपसी रिश्ते गहरे करने का संकल्प भी लिया। 

विज्ञापन

शिखर सम्मेलन की अंतिम घोषणा के अनुसार, बैठक का मकसद समान मूलभूत मूल्यों पर आधारित रणनीतिक, महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी साझेदारी के लिए ‘मजबूत प्रतिबद्धता’ की पुष्टि करना है। ईयू के पूर्वी साझेदारों में बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको इस मंच का बहिष्कार कर रहे हैं क्योंकि पिछले साल उनके पुन: निर्वाचन में कथित धोखाधड़ी को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की खबरों के बाद यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाए थे। 
विज्ञापन


बेलारूस का झंडा शिखर सम्मेलन की मेज पर उस जगह लगा है, जहां लुकाशेंको बैठने वाले थे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, कमरे में एक कुर्सी खाली है और मुझे उम्मीद है कि यह कुर्सी जल्द ही एक वैध, लोकतांत्रिक रूप से चुने गए बेलारूसी नेता से भर जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूरोपीय संघ की चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यूरोपीय संघ के नेताओं ने यूक्रेन पर आक्रमण करने पर रूस को भारी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

2008 में हुई थी स्थापना
‘पूर्वी साझेदार संगठन’ की स्थापना 2008 में रूस द्वारा जॉर्जिया में सैनिकों को भेजे जाने के बाद की गई थी, इस कदम से पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। साझेदारी का उद्देश्य छह देशों के बीच संबंधों को सुधारना और गहरा करना है, इनमें से अधिकांश रूस के साथ सीमा साझा करते हैं और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊर्जा के गढ़ हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed