{"_id":"69db3ea838bdbaba9201f9a6","slug":"esmail-baghaei-says-diplomacy-never-ends-us-iran-peace-talks-islamabad-west-asia-conflict-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Peace Talks: 'कूटनीति कभी खत्म नहीं होती', US के साथ शांति वार्ता बेनतीजा रहने पर बोला ईरान; किया बड़ा इशारा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Peace Talks: 'कूटनीति कभी खत्म नहीं होती', US के साथ शांति वार्ता बेनतीजा रहने पर बोला ईरान; किया बड़ा इशारा
Sun, 12 Apr 2026 12:11 PM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:11 PM IST
सार
पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को खत्म करने के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इसके बेनतीजा रहने से पश्चिम एशिया में जारी युद्धविराम पर संकट के बादल गहरा गए हैं। इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक ताजा बयान देकर शांति वार्ता के लिए बड़ा संदेश दे दिया है।
विज्ञापन
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता से कोई नतीजा नहीं निकला है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती।
उन्होंने कहा, ''ये वार्ताएं 40 दिनों के थोपे गए युद्ध के बाद हुईं और अविश्वास और संदेह के माहौल में आयोजित की गईं। यह स्वाभाविक है कि हमने शुरू से ही एक ही बैठक में समझौते पर पहुंचने की उम्मीद नहीं की थी।'' उन्होंने कहा कि किसी ने भी इसकी उम्मीद नहीं की थी।
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: अमेरिका के लिए शांति वार्ता से हटना क्यों नहीं आसान? विशेषज्ञ कुगेलमैन ने बताई असल वजह
विज्ञापन
कुछ मुद्दों पर बनी सहमति, लेकिन कुछ पर मतभेद
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता अमेरिकी पक्ष द्वारा रखी गई अत्यधिक मांगों के कारण बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। वार्ता के बारे में बघाई ने कहा कि ईरान और अमेरिका कई मुद्दों पर एक समझौते पर पहुंच गए थे और दो-तीन महत्वपूर्ण मामलों पर मतभेद हैं।
शांति वार्ता जारी रहेगी या नहीं?
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती है। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक साधन है। राजनयिकों को युद्ध और शांति दोनों समय में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।" बघाई ने आगे कहा कि किसी भी स्थिति में राजनयिक तंत्र को ईरानी लोगों के अधिकारों और हितों का पालन करना चाहिए।"
ये भी पढ़ें: प. एशिया में फिर छिड़ेगी जंग?: US-ईरान शांति वार्ता बेनतीजा, अधर में युद्धविराम का भविष्य; जानें कहां फंसा पेच
ईरान बोला- समझौता तेहरान के हितों पर निर्भर
बघाई ने कहा कि वार्ता की सफलता विपक्षी पक्ष की गंभीरता और सद्भावना के साथ ईरान के वैध अधिकारों और हितों की स्वीकृति पर निर्भर करती है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मुद्दों की जटिलता की ओर भी इशारा करते हुए कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे कुछ नए मुद्दे इन वार्ताओं में शामिल किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी जटिलताएं हैं।"
अन्य वीडियो
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ''ये वार्ताएं 40 दिनों के थोपे गए युद्ध के बाद हुईं और अविश्वास और संदेह के माहौल में आयोजित की गईं। यह स्वाभाविक है कि हमने शुरू से ही एक ही बैठक में समझौते पर पहुंचने की उम्मीद नहीं की थी।'' उन्होंने कहा कि किसी ने भी इसकी उम्मीद नहीं की थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: अमेरिका के लिए शांति वार्ता से हटना क्यों नहीं आसान? विशेषज्ञ कुगेलमैन ने बताई असल वजह
विज्ञापन
कुछ मुद्दों पर बनी सहमति, लेकिन कुछ पर मतभेद
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता अमेरिकी पक्ष द्वारा रखी गई अत्यधिक मांगों के कारण बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। वार्ता के बारे में बघाई ने कहा कि ईरान और अमेरिका कई मुद्दों पर एक समझौते पर पहुंच गए थे और दो-तीन महत्वपूर्ण मामलों पर मतभेद हैं।
शांति वार्ता जारी रहेगी या नहीं?
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती है। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक साधन है। राजनयिकों को युद्ध और शांति दोनों समय में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।" बघाई ने आगे कहा कि किसी भी स्थिति में राजनयिक तंत्र को ईरानी लोगों के अधिकारों और हितों का पालन करना चाहिए।"
ये भी पढ़ें: प. एशिया में फिर छिड़ेगी जंग?: US-ईरान शांति वार्ता बेनतीजा, अधर में युद्धविराम का भविष्य; जानें कहां फंसा पेच
ईरान बोला- समझौता तेहरान के हितों पर निर्भर
बघाई ने कहा कि वार्ता की सफलता विपक्षी पक्ष की गंभीरता और सद्भावना के साथ ईरान के वैध अधिकारों और हितों की स्वीकृति पर निर्भर करती है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मुद्दों की जटिलता की ओर भी इशारा करते हुए कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे कुछ नए मुद्दे इन वार्ताओं में शामिल किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी जटिलताएं हैं।"
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन