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ट्रंप प्रशासन छोड़ेंगे एलन मस्क: अमेरिका में चार महीने में क्या बदला, कितने वादे निभाए-कौन से तोड़े? जानें

Thu, 29 May 2025 03:19 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 29 May 2025 03:19 PM IST
सार

बीते एक साल में डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के रिश्ते कैसे रहे हैं? ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से एलन मस्क की सरकार में कितनी भूमिका रही और उन्होंने सरकारी खर्चों में कटौती के वादों को कितना पूरा किया? इसके अलावा मस्क के सरकार में शामिल होने से उनके बिजनेस- टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स पर क्या असर पड़ा है? आइये जानते हैं...

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Elon Musk leave President Donald Trump Administration know what Changed in US Promises Kept effect on Business
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एक्स@whiteaglesoarng
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विस्तार

दुनिया के सबसे अमीर शख्स और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में दक्षता विभाग संभालने वाले अरबपति एलन मस्क ने एलान किया है कि वह अब अपनी जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं। एक्स पर एक पोस्ट में मस्क ने यह घोषणा करते हुए डोज (DOGE) की जिम्मेदारी देने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। इसी के साथ व्हाइट हाउस अब विशेष सरकारी कर्मी के तौर पर नियुक्त हुए मस्क से जिम्मेदारी लेने की शुरुआत कर चुका है। बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन में उनकी भूमिका अस्थायी थी और ऐसे में यह तय था कि वह कुछ महीनों में अपना पद छोड़ देंगे। 
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हालांकि, एलन मस्क की तरफ से ट्रंप प्रशासन में जिम्मेदारी छोड़ने के एलान की टाइमिंग पर गौर करना जरूरी है। दरअसल, मस्क का कार्यकाल 31 मई तक के लिए ही निश्चित था। हालांकि, दो दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप के सपने के तौर पर देखे जा रहे उनके सरकारी खर्च से जुड़े विधेयक 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' की आलोचना कर दी थी। इस इंटरव्यू में उन्होंने ट्रंप के महत्वाकांक्षी विधेयक को सरकारी खर्च बढ़ाने वाला और डोज के लक्ष्यों के विपरीत करार दिया था। अपने इन बयानों के बाद से मस्क लगातार ट्रंप समर्थकों के निशाने पर रहे। 
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ट्रंप प्रशासन से एलन मस्क के बाहर होने के बाद यह जानना अहम है कि आखिर बीते एक साल में डोनाल्ड ट्रंप और उनके रिश्ते कैसे रहे हैं? ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से एलन मस्क की सरकार में कितनी भूमिका रही और उन्होंने सरकारी खर्चों में कटौती के वादों को कितना पूरा किया? इसके अलावा मस्क के सरकार में शामिल होने से उनके बिजनेस- टेस्ला, स्पेसएक्स और एक्स पर क्या असर पड़ा है? आइये जानते हैं...

 

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अब जानें- ट्रंप प्रशासन में मस्क की क्या भूमिका रही?
एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने के समय से ही अमेरिकी जनता से यह वादा किया था कि पूर्ववर्ती और मौजूदा अमेरिकी सरकारों ने फिजूलखर्ची काफी की है और अगर इनमें कटौती की जाए तो हर साल अमेरिकी जनता के दो ट्रिलियन डॉलर (दो लाख करोड़ डॉलर) तक बचाए जा सकते हैं। एलन मस्क के इन बयानों ने तब और सुर्खियां बटोरीं, जब उन्होंने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं, तो वे खर्च में कटौती करने के लिए भूमिका निभाने को तैयार हैं। 

ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के गठन का एलान कर दिया। हालांकि, इसे आधिकारिक सरकारी विभाग का दर्जा नहीं मिला, क्योंकि यह काम सिर्फ संसद ही कर सकती थी। इसकी जगह डोज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश से बनी सलाहकार संस्था की तरह काम करती रही। 

डोज का मिशन था कि वह सरकार में कामकाज की दक्षता बढ़ाएगी और इसके जरिए उसके खर्चों को कम करेगी। डोज की तरफ से अपने लक्ष्यों को पूरा करने की समयसीमा जुलाई 2026 तक रखी गई। इस दौरान मस्क ने सरकारी खर्च को दो लाख करोड़ तक कम करने के दावे किए।  

एलन मस्क ने अमेरिकी जनता से क्या-क्या वादे किए?
  • सरकार के खर्चों में कटौती का वादा
  • अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में कमी का वादा
  • संघीय तकनीक का आधुनिकीकरण
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मस्क के वादों का क्या हुआ?
एलन मस्क ने जिस एक वादे के जरिए डोनाल्ड ट्रंप के साथ डोज की शुरुआत की थी, उसमें सरकारी खर्च को घटाने का और अमेरिकी सरकार की दक्षता को बढ़ाने का वादा सबसे ऊपर था। मस्क ने यहां तक कहा था कि डोज का मिशन नौकरशाही की निरंकुशता को खत्म करना है, जिससे टैक्स देने वालों के पैसे बचेंगे और राष्ट्रीय कर्ज में कमी आएगी। गौरतलब है कि उस वक्त अमेरिका का कर्ज 36 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। 

अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए मस्क ने कुछ मानक निर्धारित किए। इनमें सरकारी एजेंसियों को बंद करना, कई सरकारी कार्यक्रमों की फंडिंग बंद करना और बड़े स्तर पर छंटनी जैसे कदम शामिल रहे। 

20 जनवरी 2025
डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से जब डोज का गठन किया गया तो माना जा रहा था कि एलन मस्क अक्तूबर 2024 में किए गए वादे के मुताबिक अपने कदमों से सरकारी खर्चों को हर साल दो लाख करोड़ डॉलर (1 ट्रिलियन डॉलर) तक कम करने में सफल होंगे। 

5 मार्च 2025
एलन मस्क ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जब तक वे डोज का नेतृत्व कर रहे हैं, तब तक उनका विभाग सरकारी खर्च में एक लाख करोड़ डॉलर की कटौती कर चुका होगा। 

दरअसल, इस दौर तक अमेरिकी सिस्टम की जटिलता और अलग-अलग अदालतों की तरफ से उनके कई फैसलों पर रोक लगा दी गई। 

10 अप्रैल 2025
मस्क ने एक बार फिर बजट में कटौती के गोलपोस्ट को बदल दिया और कहा कि उनका विभाग धोखाधड़ी और बेवजह के खर्चों को वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कम कर लेगा और 150 अरब डॉलर तक की सेविंग करने में सक्षम होगा।

27 मई 2025
सरकारी दक्षता विभाग की वेबसाइट पर 27 मई तक अपडेट हुए डाटा के मुताबिक, सरकारी खर्चों में कटौती अब तक 175 अरब डॉलर तक पहुंची है। यानी मस्क ने जो दो लाख करोड़ डॉलर बचाने का वादा किया था, उसका महज 8.5 फीसदी ही बचाने में सफल हो पाए।

मस्क पर खुद कैसे पड़ा ट्रंप प्रशासन में शामिल होने का असर?

1. राजनीतिक स्तर पर
एलन मस्क के ट्रंप प्रशासन से जुड़ने के बाद ही उनकी भूमिका को लेकर कई सवाल उठने लगे थे। न सिर्फ विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने, बल्कि रिपब्लिकन सरकार के कई मंत्रियों और अधिकारियों ने ही मस्क के फैसलों को लेकर तीखी बयानबाजी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक समय डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी नेता और रिपब्लिकन सरकार में विदेश मंत्री मार्को रूबियो और एलन मस्क के बीच विदेश मामलों पर टकराव की स्थिति बन गई थी। 

इसके अलावा मस्क जब अलग-अलग सरकारी विभागों में छंटनी करने के लिए कर्मचारियों से अपने काम की उपलब्धि बताने के लिए कह रहे थे, तब अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी- फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के प्रमुख कश पटेल ने अपने कर्मियों को डोज के ईमेल का जवाब न देने की सलाह दी। माना जाता है कि इसके जरिए पटेल ने मस्क को उनके दायरे में रहकर काम करने का संकेत दिया। 

2. बिजनेस के स्तर पर
एलन मस्क के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से जुड़े रहने का असर उनके बिजनेस पर भी पड़ता दिखा। खासकर टेस्ला को इससे काफी नुकसान हुआ। डोनाल्ड ट्रंप के शपथग्रहण के बाद से अगले तीन महीनों में टेस्ला के शेयर्स 45 फीसदी तक गिर गए थे। हालांकि, बीते कुछ दिनों में यह संभले और फिलहाल 10 फीसदी नीचे गिरकर कारोबार कर रहे हैं। 



इतना ही नहीं मस्क की सरकार में भूमिका से निवेशकों के बीच यह संदेश भी गया कि मस्क टेस्ला पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते टेस्ला के तिमाही लाभांश में 71 फीसदी तक की कमी देखी गई। इस दौरान ट्रंप सरकार में नीतियों को प्रभावित करने के लिए मस्क को रिपब्लिकन विरोधी जनता का भी विरोध झेलना पड़ा है और उनकी कारों की बिक्री में 13 प्रतिशत तक की कमी आई है। 

इस दौरान जनता ने अमेरिका और यूरोप में टेस्ला के विरोध में अभियान भी चलाए हैं और इनका बॉयकॉट कर दिया। इसका असर यह हुआ कि यूरोप में अप्रैल में टेस्ला की कारों की बिक्री चीनी कंपनी बीवाईडी (BYD) के मुकाबले पहली बार कम होगई है। जहां इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में टेस्ला ने अप्रैल में यूरोप में 7165 कारें बेचीं, वहीं बीवाईडी ने 7231 कारें बेचकर रिकॉर्ड स्थापित किया। 

ट्रंप के बिजनेस में सबसे प्राथमिक कंपनी टेस्ला को भले ही नुकसान हुआ हो, लेकिन उनकी दूसरी कंपनी स्पेसएक्स की वैल्यू अब 350 अरब डॉलर है। तुलना के लिए बता दें कि मस्क की तरफ से ट्रंप का समर्थन किए जाने के बाद से इसकी वैल्यू दोगुनी हो चुकी है। इसके अलावा मस्क की तीसरी कंपनी xAI होल्डिंग्स, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप एक्सएआई का मालिकाना हक रखती है, उसकी वैल्यू 113 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो कि एक साल पहले की वैल्यू से तीन गुना तक ज्यादा है। 

3. सार्वजनिक स्तर पर
एलन मस्क को लेकर जनता की राय भी नकारात्मक हुई है। प्यू सर्वे एजेंसी की तरफ से फरवरी में किए गए एक पोल में तब कहा गया था कि 54 फीसदी जनता उनकी भूमिका को नकारात्मकता के साथ देखती है। वहीं सिर्फ 37 फीसदी लोगों में उनकी छवि सकारात्मक है। 



4. पर एलन मस्क की नेटवर्थ में हुई बढ़ोतरी
एलन मस्क के ट्रंप प्रशासन में शामिल होने से भले ही उनकी कंपनी को नुकसान हुआ हो, लेकिन ट्रंप का समर्थन करने के बाद से अब तक उनकी नेटवर्थ 170 अरब डॉलर तक बढ़ चुकी है। मौजूदा समय में उनकी संपत्ति 419 अरब डॉलर बताई जाती है, जबकि बीते साल जुलाई में यह 250 अरब डॉलर से कुछ ही कम थी। 
 
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