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मस्क ने ट्रंप की पार्टी को दिए 2500 करोड़ रुपये: बर्नी सैंडर्स भड़के; बोले- धनकुबेरों को रोको; बवाल क्यों?
Tue, 13 Oct 2026 08:30 AM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 13 Oct 2026 08:30 AM IST
सार
रिपब्लिकन पार्टी को 2,500 करोड़ रुपये का चंदा देकर एलन मस्क अमेरिकी राजनीति में फिर चर्चा में हैं। सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने निशाना साधते हुए कहा कि मस्क जैसे धनकुबेरों के राजनीतिक दबदबे को रोकना होगा।
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मस्क ने ट्रंप की पार्टी को दिए चंदे!
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अरबपति कारोबारी और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क इन दिनों दो देशों में अलग-अलग वजहों से चर्चा में हैं। भारत में उन्होंने स्टारलिंक की शुरुआत को लेकर मुकेश अंबानी पर तंज कसा था। अब अमेरिका में सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने मस्क के राजनीतिक चंदे को लेकर उन पर निशाना साधा है। सैंडर्स का आरोप है कि मस्क अपने पैसे के दम पर अमेरिकी राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मस्क को रोको, धनकुबेरों के वर्चस्व को रोको।'
अमेरिका में मस्क के चंदे पर क्यों उठे सवाल?
अमेरिका में बर्नी सैंडर्स ने मस्क के राजनीतिक चंदे को लेकर सवाल उठाए हैं। सैंडर्स के मुताबिक, मस्क ने 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए करीब 29 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके बाद मस्क की संपत्ति में 696 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और वह दुनिया के पहले खरबपति बन गए। संपत्ति में बढ़ोतरी से जुड़ा यह आंकड़ा सैंडर्स के दावे के रूप में सामने आया है।
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सैंडर्स ने अपनी पोस्ट में कहा कि अब मस्क अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने के लिए 36.6 करोड़ डॉलर खर्च कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने धनकुबेरों के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्क और ऐसे लोगों के वर्चस्व को रोकने की जरूरत है।
रिपब्लिकन पार्टी को कितना पैसा दिया?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की मदद के लिए जुलाई से अब तक 27.6 करोड़ डॉलर यानी करीब 2,500 करोड़ रुपये दिए हैं। 2025-26 के चुनाव चक्र में रिपब्लिकन समूहों को उनका कुल योगदान 36.6 करोड़ डॉलर यानी करीब 3,300 करोड़ रुपये बताया गया है।
मस्क ने रिपब्लिकन सीनेट लीडरशिप फंड को 15.8 करोड़ डॉलर दिए। इसके अलावा, रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय अमेरिका पीएसी को 7.6 करोड़ डॉलर और हाउस रिपब्लिकन के प्रमुख सुपर पीएसी को दो करोड़ डॉलर दिए। टेक्सास में सीनेट उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन वाले समूह को भी एक करोड़ डॉलर दिए गए। रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन को एक करोड़ डॉलर मिले।
भारत में अंबानी पर क्यों कसा था तंज?
मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसी बीच मस्क ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था कि भारत में कुछ बड़े कारोबारी अपने एकाधिकार को बचाने के लिए स्टारलिंक की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए पूछा था कि क्या वह भारत के असली ताकतवर व्यक्ति हैं। इसके बाद उन्होंने व्यंग्य में अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित किया।
भारत में मस्क ने अंबानी पर बाजार में एकाधिकार बनाए रखने का आरोप लगाया। अमेरिका में सैंडर्स उन पर राजनीतिक चंदे के जरिये सत्ता और संसद पर प्रभाव बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों मामलों में आर्थिक ताकत और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अमेरिका में राजनीतिक चंदा देना अपने आप में किसी सौदे या सरकारी लाभ का सबूत नहीं है।
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अमेरिका में मस्क के चंदे पर क्यों उठे सवाल?
अमेरिका में बर्नी सैंडर्स ने मस्क के राजनीतिक चंदे को लेकर सवाल उठाए हैं। सैंडर्स के मुताबिक, मस्क ने 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए करीब 29 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके बाद मस्क की संपत्ति में 696 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और वह दुनिया के पहले खरबपति बन गए। संपत्ति में बढ़ोतरी से जुड़ा यह आंकड़ा सैंडर्स के दावे के रूप में सामने आया है।
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सैंडर्स ने अपनी पोस्ट में कहा कि अब मस्क अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने के लिए 36.6 करोड़ डॉलर खर्च कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने धनकुबेरों के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्क और ऐसे लोगों के वर्चस्व को रोकने की जरूरत है।
Elon Musk spent $290 million to elect Trump. It paid off. Since his election, Musk got $696 billion richer & became the world’s 1st trillionaire. But that’s not enough. Now, Musk is spending $366 million to keep Republicans in control of Congress. STOP MUSK. STOP OLIGARCHY.
— Bernie Sanders (@BernieSanders) October 12, 2026
रिपब्लिकन पार्टी को कितना पैसा दिया?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की मदद के लिए जुलाई से अब तक 27.6 करोड़ डॉलर यानी करीब 2,500 करोड़ रुपये दिए हैं। 2025-26 के चुनाव चक्र में रिपब्लिकन समूहों को उनका कुल योगदान 36.6 करोड़ डॉलर यानी करीब 3,300 करोड़ रुपये बताया गया है।
मस्क ने रिपब्लिकन सीनेट लीडरशिप फंड को 15.8 करोड़ डॉलर दिए। इसके अलावा, रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय अमेरिका पीएसी को 7.6 करोड़ डॉलर और हाउस रिपब्लिकन के प्रमुख सुपर पीएसी को दो करोड़ डॉलर दिए। टेक्सास में सीनेट उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन वाले समूह को भी एक करोड़ डॉलर दिए गए। रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन को एक करोड़ डॉलर मिले।
भारत में अंबानी पर क्यों कसा था तंज?
मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसी बीच मस्क ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था कि भारत में कुछ बड़े कारोबारी अपने एकाधिकार को बचाने के लिए स्टारलिंक की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए पूछा था कि क्या वह भारत के असली ताकतवर व्यक्ति हैं। इसके बाद उन्होंने व्यंग्य में अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित किया।
भारत में मस्क ने अंबानी पर बाजार में एकाधिकार बनाए रखने का आरोप लगाया। अमेरिका में सैंडर्स उन पर राजनीतिक चंदे के जरिये सत्ता और संसद पर प्रभाव बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों मामलों में आर्थिक ताकत और उसके प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अमेरिका में राजनीतिक चंदा देना अपने आप में किसी सौदे या सरकारी लाभ का सबूत नहीं है।