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Egg Shortage: जापान में मुर्गी के अंडों का संकट, रेस्तरां में नहीं मिल रहे एग बर्गर, इस कमी की वजह क्या है?
Sat, 11 Mar 2023 12:37 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 11 Mar 2023 12:37 PM IST
सार
जापान में 18 सूचीबद्ध रेस्तरां ने रविवार तक अंडे से संबंधित वस्तुओं को बनाने और बेचने पर रोक लगा दी है। फरवरी में थोक अंडे की कीमत एक साल पहले की तुलना में दोगुनी होकर 197 रुपये हो गई थी।
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जापान में अण्डों की कमी
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
पिछले दिनों ब्रिटेन, उत्तर कोरिया, फिलीपींस जैसे देशों में खाद्य संकट की खबरें आईं। ब्रिटेन में तो हालात ऐसे हो गए कि वहां के कई बड़े सुपर मार्केट्स ने कुछ फलों और सब्जियों में खरीद की सीमा तय कर दी गई। अब जापान में अंडों की भारी कमी हो गई है। जापान के मैकडॉनल्ड्स, 7-इलेवन और क्यूपाय जैसी कई बड़ी कंपनियों ने रविवार तक अंडे से बनने वाली खाद्य सामग्रियों की बिक्री रोक दी है।
जापान में क्या हुआ है? यहां अंडों की कमी का कारण क्या है? अंडों की कमी का प्रभाव क्या पड़ रहा है? सरकार क्या कर ही है? अंडों की कमी कब तक बनी रहेगी? आइये जानते हैं…
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जापान में क्या हुआ है? यहां अंडों की कमी का कारण क्या है? अंडों की कमी का प्रभाव क्या पड़ रहा है? सरकार क्या कर ही है? अंडों की कमी कब तक बनी रहेगी? आइये जानते हैं…
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
जापान में क्या हुआ है?
जापान में लोग इन दिनों अंडों की कमी से जूझ रहे हैं। इस कमी की वजह से खाद्य पदार्थ की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है। जापान टुडे के अनुसार, कुछ समय पहले जापान में अंडों के एक कार्टन बॉक्स की कीमत ¥200 (120 रुपये) थी। लेकिन फिलहाल मध्यम आकार के अंडों के एक कार्टन की कीमत ¥335 (201 रुपये) तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान में 18 सूचीबद्ध रेस्तरां ने रविवार तक अंडे से संबंधित वस्तुओं को बनाने और बेचने पर रोक लगा दी है। इनमें मैकडॉनल्ड्स, 7-इलेवन और क्यूपाय जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। वित्तीय अनुसंधान कंपनी टीकोकू डाटाबैंक के मुताबिक, फरवरी में थोक अंडे की कीमत एक साल पहले की तुलना में दोगुनी होकर 327 येन (197 रुपये) हो गई थी।
जापान में लोग इन दिनों अंडों की कमी से जूझ रहे हैं। इस कमी की वजह से खाद्य पदार्थ की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है। जापान टुडे के अनुसार, कुछ समय पहले जापान में अंडों के एक कार्टन बॉक्स की कीमत ¥200 (120 रुपये) थी। लेकिन फिलहाल मध्यम आकार के अंडों के एक कार्टन की कीमत ¥335 (201 रुपये) तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान में 18 सूचीबद्ध रेस्तरां ने रविवार तक अंडे से संबंधित वस्तुओं को बनाने और बेचने पर रोक लगा दी है। इनमें मैकडॉनल्ड्स, 7-इलेवन और क्यूपाय जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। वित्तीय अनुसंधान कंपनी टीकोकू डाटाबैंक के मुताबिक, फरवरी में थोक अंडे की कीमत एक साल पहले की तुलना में दोगुनी होकर 327 येन (197 रुपये) हो गई थी।
अंडों की कमी का प्रभाव क्या पड़ रहा है?
अंडों की कमी का सीधा असर आम लोगों के खाने पर पड़ रहा है। जापान में दिग्गज फास्ट फूड कंपनी मैकडॉनल्ड्स के फूड स्टोर्स में बर्गर मेनू में ही नहीं है। अंडे और सॉस से तैयार होने वाला ब्रेकफास्ट सैंडविच भी लोगों के लिए दूभर हो गया है। जबकि यह आमतौर पर बसंत के मौसम में लोगों का प्रिय नास्ता होता है। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति में रुकावट जारी रहती है तो यह अंडे वाले हैम्बर्गर की बिक्री को अस्थायी रूप से रोक सकती है।
7-इलेवन ने कहा है कि उसने लगभग 15 उत्पादों को निलंबित कर दिया है। उपायों के रूप में अब यह ट्यूना सैंडविच में अंडे की जगह सब्जियों का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, कोनबिनी फूड चेन ने एलान किया है कि वो अंडे से बने उत्पादों में कटौती करेगी।
मसाला बनाने वाली कंपनी केवपी और अजीनोमोटो ने कहा है कि वो अप्रैल से मेयोनीज और टैटार सॉस जैसे उत्पादों की कीमतें बढ़ाएंगे, क्योंकि उनकी एक प्रमुख सामग्री की लागत में वृद्धि हुई है।
अंडों की कमी का सीधा असर आम लोगों के खाने पर पड़ रहा है। जापान में दिग्गज फास्ट फूड कंपनी मैकडॉनल्ड्स के फूड स्टोर्स में बर्गर मेनू में ही नहीं है। अंडे और सॉस से तैयार होने वाला ब्रेकफास्ट सैंडविच भी लोगों के लिए दूभर हो गया है। जबकि यह आमतौर पर बसंत के मौसम में लोगों का प्रिय नास्ता होता है। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति में रुकावट जारी रहती है तो यह अंडे वाले हैम्बर्गर की बिक्री को अस्थायी रूप से रोक सकती है।
7-इलेवन ने कहा है कि उसने लगभग 15 उत्पादों को निलंबित कर दिया है। उपायों के रूप में अब यह ट्यूना सैंडविच में अंडे की जगह सब्जियों का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, कोनबिनी फूड चेन ने एलान किया है कि वो अंडे से बने उत्पादों में कटौती करेगी।
मसाला बनाने वाली कंपनी केवपी और अजीनोमोटो ने कहा है कि वो अप्रैल से मेयोनीज और टैटार सॉस जैसे उत्पादों की कीमतें बढ़ाएंगे, क्योंकि उनकी एक प्रमुख सामग्री की लागत में वृद्धि हुई है।
बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
अंडों की कमी का कारण क्या है?
जापान ऐसे कई देशों में से एक है जो टोरी-इन्फुरुएंजा के प्रकोप से जूझ रहा है। मुर्गे- मुर्गियों समेत पक्षियों और जीवों में फैलने वाले वायरस को बाकी दुनिया में बर्ड फ्लू कहा जाता है। जापान के कृषि मंत्रालय के अनुसार, अक्तूबर में देश में पहले मामले की पुष्टि हुई थी। मंत्रालय ने कहा कि बाद में यह बीमारी देश के आधे से अधिक प्रान्तों में फैल गई, जिसकी वजह से लगभग 1.5 करोड़ पक्षियों को मारना पड़ा।
अंडों की कमी और बढ़ती कीमतों का दूसरा मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है। युद्ध से पहले, यूक्रेन प्रमुख अनाज निर्यातक था। उसी अनाज को किसान मुर्गे के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं। संघर्ष के कारण अनाज की कीमतों में तेजी आई है। अब इसका प्रभाव अंडे की बढ़ती कीमतों में दिखाई देने लगा है।
जापान ऐसे कई देशों में से एक है जो टोरी-इन्फुरुएंजा के प्रकोप से जूझ रहा है। मुर्गे- मुर्गियों समेत पक्षियों और जीवों में फैलने वाले वायरस को बाकी दुनिया में बर्ड फ्लू कहा जाता है। जापान के कृषि मंत्रालय के अनुसार, अक्तूबर में देश में पहले मामले की पुष्टि हुई थी। मंत्रालय ने कहा कि बाद में यह बीमारी देश के आधे से अधिक प्रान्तों में फैल गई, जिसकी वजह से लगभग 1.5 करोड़ पक्षियों को मारना पड़ा।
अंडों की कमी और बढ़ती कीमतों का दूसरा मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है। युद्ध से पहले, यूक्रेन प्रमुख अनाज निर्यातक था। उसी अनाज को किसान मुर्गे के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं। संघर्ष के कारण अनाज की कीमतों में तेजी आई है। अब इसका प्रभाव अंडे की बढ़ती कीमतों में दिखाई देने लगा है।
आमतौर पर जापान में अंडे होते हैं सस्ते
अंडे की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, अन्य देशों की तुलना में अंडे अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। जापान अंडे के लिए दुनिया के शीर्ष 40 सबसे सस्ते देशों में है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक माना जाता है। इसके अलावा, अंडे जापानी आहार का एक प्रमुख हिस्सा हैं। कई कंपनियां लोकप्रिय व्यंजनों की अधिक मांग को पूरा करने के लिए अंडे का उत्पादन करती हैं।
अंडे की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, अन्य देशों की तुलना में अंडे अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। जापान अंडे के लिए दुनिया के शीर्ष 40 सबसे सस्ते देशों में है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक माना जाता है। इसके अलावा, अंडे जापानी आहार का एक प्रमुख हिस्सा हैं। कई कंपनियां लोकप्रिय व्यंजनों की अधिक मांग को पूरा करने के लिए अंडे का उत्पादन करती हैं।
फुमियो किशिदा
- फोटो : Social Media
सरकार क्या कर ही है?
संकट की सबसे बड़ी वजह बर्ड फ्लू मानी जा रही है, सरकार पूरा ध्यान वायरस के प्रसार को रोकने पर है। किसानों को निर्देश दिया गया है कि वो जंगली जानवरों को अपने मुर्गे-मुर्गियों से दूर रखने के उपाय करें, पक्षियों के संपर्क में आने से पहले जूतों और कपड़ों को कीटाणुरहित करें और अपने पक्षियों में किसी भी तरह की असामान्यता का पता चलने पर जल्द से जल्द रिपोर्ट करें।
किसानों को सलाह देने के लिए काउंटरमेशर्स और एक हॉटलाइन तैयार करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जापान पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष ईसाओ सुगिहारा ने संकट से निपटने के लिए पोल्ट्री किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया है। सुगिहारा ने कहा, 'एवियन इन्फ्लूएंजा का प्रकोप इस साल अभूतपूर्व रहा है और अंडे देने वाली प्रभावित मुर्गियों की संख्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।' उन्होंने कहा, 'अगर मौजूदा स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है, तो इससे अंडों की सुचारू आपूर्ति प्रभावित होगी।'
संकट की सबसे बड़ी वजह बर्ड फ्लू मानी जा रही है, सरकार पूरा ध्यान वायरस के प्रसार को रोकने पर है। किसानों को निर्देश दिया गया है कि वो जंगली जानवरों को अपने मुर्गे-मुर्गियों से दूर रखने के उपाय करें, पक्षियों के संपर्क में आने से पहले जूतों और कपड़ों को कीटाणुरहित करें और अपने पक्षियों में किसी भी तरह की असामान्यता का पता चलने पर जल्द से जल्द रिपोर्ट करें।
किसानों को सलाह देने के लिए काउंटरमेशर्स और एक हॉटलाइन तैयार करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जापान पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष ईसाओ सुगिहारा ने संकट से निपटने के लिए पोल्ट्री किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया है। सुगिहारा ने कहा, 'एवियन इन्फ्लूएंजा का प्रकोप इस साल अभूतपूर्व रहा है और अंडे देने वाली प्रभावित मुर्गियों की संख्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।' उन्होंने कहा, 'अगर मौजूदा स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है, तो इससे अंडों की सुचारू आपूर्ति प्रभावित होगी।'
रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला
अंडों की कमी कब तक बनी रहेगी ?
रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर भी अंडे की आपूर्ति पर पड़ा है। इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं, तो इस स्थिति में अंडे की कीमतें कम होने के आसार कम हैं। हालांकि, कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण पहले ही लोग कम अंडे खरीद रहे हैं। फिलहाल बेकरी, बाजार और अन्य दुकान मालिक अपनी कीमतें और भी अधिक बढ़ाने को सोच रहे हैं।
रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का असर भी अंडे की आपूर्ति पर पड़ा है। इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं, तो इस स्थिति में अंडे की कीमतें कम होने के आसार कम हैं। हालांकि, कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण पहले ही लोग कम अंडे खरीद रहे हैं। फिलहाल बेकरी, बाजार और अन्य दुकान मालिक अपनी कीमतें और भी अधिक बढ़ाने को सोच रहे हैं।