समझौता करना चाहता है ईरान: ट्रंप बोले- अमेरिकी अधिकारियों से जारी है बातचीत; AI से फैलाई जा रही फर्जी तस्वीरें
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्या समझौते की राह खुल रही है या दुष्प्रचार की नई जंग शुरू हो चुकी है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन साथ ही AI के जरिए फर्जी तस्वीरें और भ्रामक जानकारी भी फैला रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और उसके प्रतिनिधि अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लंबे समय से दुष्प्रचार पर आधारित रणनीति अपनाता रहा है और अब वह इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए हमेशा तैयार रहता है और वह हर पक्ष से संवाद करते हैं क्योंकि कई बार इससे सकारात्मक परिणाम निकलते हैं। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की ओर से असल नेतृत्व कौन कर रहा है।
उनका दावा है कि हालिया हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं, जिसके कारण यह तय करना मुश्किल हो गया है कि बातचीत किसके साथ की जाए। उन्होंने कहा कि पहले एक नेतृत्व समूह खत्म हुआ, फिर दूसरा बना और वह भी हमलों में खत्म हो गया। अब तीसरे समूह की बात सामने आ रही है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उसका नेतृत्व कौन कर रहा है।
#WATCH | On US Operations in Iran, US President Donald Trump says, "They (Iran) want to make a deal. They're talking to our people... Don't forget, they are a country that for years has been based on disinformation, and now they're using disinformation plus AI. That's a terrible… pic.twitter.com/9ZDOIYGIZA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 16, 2026
AI से फैलाई जा रही झूठी तस्वीरें: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से दुष्प्रचार के लिए जाना जाता है और अब उसने इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी जोड़ दिया है। उनके अनुसार, पिछले दो हफ्तों में सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई ऐसी तस्वीरें और वीडियो दिखाए गए जिनमें तेल अवीव, कतर और सऊदी अरब की इमारतों को जलते हुए दिखाया गया। ट्रंप ने कहा कि ये सभी दृश्य पूरी तरह से AI से बनाए गए हैं और वास्तविकता से उनका कोई संबंध नहीं है।
खामेनेई के घायल या मारे जाने पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि कई लोग कह रहे हैं कि खमनेई गंभीर रूप से घायल हैं, कुछ लोगों का दावा है कि उन्होंने एक पैर खो दिया है और उनकी हालत बहुत खराब है। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि वह अब जीवित नहीं हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि कोई नहीं कह रहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि खामेनेई ने लंबे समय से सार्वजनिक रूप से बोलना बंद कर दिया है, जबकि पहले वे किसी सिंहासन जैसे मंच से अपने भाषण देते थे। ट्रंप ने निष्कर्ष निकाला कि हम नहीं जानते कि वह जीवित हैं या नहीं। मैं इतना कह सकता हूं कि अब तक किसी ने उन्हें नहीं देखा, जो असामान्य है।
#WATCH | On Iranian Supreme Leader Mojtaba Khamenei, US President Donald Trump says, "A lot of people are saying that he's badly disfigured. They're saying that he lost one leg, and he's been hurt very badly. Other people are saying he's dead. Nobody's saying he's 100 per cent… pic.twitter.com/kux5ynuqs1
— ANI (@ANI) March 16, 2026
खर्ग आइलैंड पर हमले का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खर्ग आइलैंड पर हमला किया। ट्रंप के अनुसार, इस हमले में द्वीप पर मौजूद अधिकांश सैन्य ढांचे को नष्ट कर दिया गया, हालांकि तेल पाइपलाइन को जानबूझकर नहीं तोड़ा गया ताकि भविष्य में देश के पुनर्निर्माण की संभावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की रक्षा उद्योग क्षमता को तेजी से खत्म कर रहा है और मिसाइल तथा ड्रोन बनाने की उसकी क्षमता लगभग शून्य के करीब पहुंच रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की नौसैनिक ताकत को नुकसान
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की समुद्री गतिविधियों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के 30 से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकते थे। ट्रंप के मुताबिक, ये सभी जहाज अब समुद्र की गहराई में डूब चुके हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग
ट्रंप ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी बातचीत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई है। उन्होंने कहा कि मैक्रों सहयोग करने के लिए तैयार हैं, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसकी सैन्य शक्ति सबसे मजबूत है। ट्रंप ने ब्रिटेन के रुख पर भी नाराजगी जताई और कहा कि सहयोगी देशों को इस मुद्दे पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ।उन्होंने कहा कि NATO की सुरक्षा अमेरिका की वजह से बनी हुई है और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिका और उसकी सेना से डर लगता है, यूरोप से नहीं।
ओसामा बिन लादेन को लेकर पुराना दावा दोहराया
ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया कि उन्होंने एक साल पहले ही चेतावनी दी थी कि ओसामा बिन लादेन अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी एक किताब में भी यह बात लिखी थी और उस समय अमेरिका को सतर्क रहने की सलाह दी थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.