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यूरोपीय केंद्रीय बैंक: महंगाई को काबू करने की कवायद, ईसीबी ने ब्याज दर रिकॉर्ड 0.75 प्रतिशत बढ़ाई

Thu, 08 Sep 2022 08:14 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Amit Mandal Updated Thu, 08 Sep 2022 08:14 PM IST
सार

यह फैसला इस लिहाज से काफी अहम है कि ईसीबी आमतौर पर नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत का ही बदलाव करता रहा है। बैंक ने 1999 में अपने गठन के बाद से अबतक कभी भी एकमुश्त 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं की थी।

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ECB Intensifies Inflation Fight With Historic Jumbo Hike
High Inflation - फोटो : Istock

विस्तार

यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत बैंक ने गुरुवार को नीतिगत ब्याज दर में अबतक की सबसे अधिक 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यूरोपीय संघ के 19 सदस्य देशों के लिए केंद्रीय बैंक के तौर पर काम करने वाले ईसीबी की संचालन परिषद की बैठक में ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया। 

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लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए उठाया अप्रत्याशित कदम
यह फैसला इस लिहाज से काफी अहम है कि ईसीबी आमतौर पर नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत का ही बदलाव करता रहा है। बैंक ने 1999 में अपने गठन के बाद से अबतक कभी भी एकमुश्त 0.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं की थी। ब्याज दर में यह भारी बढ़ोतरी करने का मकसद उपभोक्ताओं, कारोबार और सरकारों के लिए कर्ज लेना महंगा बनाना है ताकि खर्च और निवेश में गिरावट आए जिससे उपभोक्ता वस्तुओं के दाम में कटौती हो और लोगों को महंगाई से राहत मिले।
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मुद्रास्फीति अगस्त के महीने में रिकॉर्ड 9.1 प्रतिशत पर पहुंची 
विश्लेषकों का कहना है कि ईसीबी के इस सख्त कदम को केंद्रीय बैंक की विश्वसनीयता बहाल करने के तौर पर भी देखा जा सकता है। लगातार बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए ईसीबी की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर उस पर भी सवाल उठने लगे थे। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में मुद्रास्फीति अगस्त के महीने में रिकॉर्ड 9.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है और आने वाले महीनों में इसके दहाई अंक में भी जाने की आशंका है। यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध ने इस मुद्रास्फीति को बढ़ाने में काफी योगदान दिया है। रूस से सस्ती प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घटने से यूरोपीय देशों में गैस की कीमतें 10 गुना तक बढ़ चुकी हैं।
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रूस दबाव बनाने के लिए जानबूझकर गैस की आपूर्ति में कटौती कर रहा
यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि रूस उस पर दबाव बनाने के लिए जानबूझकर गैस की आपूर्ति में कटौती कर रहा है। वहीं रूस ने इसके लिए तकनीकी समस्याओं को जिम्मेदार ठहराने के साथ इस हफ्ते से गैस आपूर्ति पूरी तरह ठप करने की धमकी भी दी है। रूस ने कहा है कि अगर उसके प्राकृतिक गैस एवं तेल पर पश्चिमी देशों ने कीमत की सीमा तय कर दी तो वह यूरोप को आपूर्ति बंद कर देगा। बेरेनबर्ग बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री होल्गर श्मीडिंग ने कहा कि ईसीबी मुद्रास्फीति का मुकाबला करना चाहता है और वह इस दिशा में कदम उठाते हुए भी नजर आना चाहता है। 

 

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