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Hindi News ›   World ›   EAM Jaishankar Santo Domingo Visit, his first official visit of Dominican Republic

EAM Jaishankar: विदेश मंत्री जयशंकर पहुंचे सेंटो डोमिंगो, डोमिनिकन गणराज्य की पहली आधिकारिक यात्रा

Fri, 28 Apr 2023 08:20 PM IST
देव कश्यप एएनआई, सेंटो डोमिंगो (डोमिनिकन गणराज्य)।
एएनआई, सेंटो डोमिंगो (डोमिनिकन गणराज्य)। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 28 Apr 2023 08:20 PM IST
सार

सेंटो डोमिंगो पहुंचने पर विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए सेंटो डोमिंगो पहुंचा। गर्मजोशी से स्वागत के लिए उप मंत्री जोसे जूलियो गोमेज (Jose Julio Gomez) को धन्यवाद।

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EAM Jaishankar Santo Domingo Visit, his first official visit of Dominican Republic
सेंटो डोमिंगो पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर। - फोटो : Twitter@DrSJaishankar

विस्तार

भारत के विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर शुक्रवार को सेंटो डोमिंगो पहुंचे। डोमिनिकन गणराज्य देश की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए सेंटो डोमिंगो पहुंचा। गर्मजोशी से स्वागत के लिए उप मंत्री जोसे जूलियो गोमेज (Jose Julio Gomez) को धन्यवाद। डोमिनिकन गणराज्य में अपने कार्यक्रमों के लिए तत्पर हूं।

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इससे पहले जयशंकर ने गुरुवार को कोलंबिया में कहा, भारत लैटिन अमेरिका के साथ अपना व्यापार बढ़ाना चाहता है जो 50 अरब डॉलर के करीब पहुंच रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि खनन, ऊर्जा, कृषि और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश में अच्छी खासी ग्रोथ से इसे और बढ़ावा मिलेगा।
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कोलंबिया की राजधानी में भारत-कोलंबिया बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लैटिन अमेरिका के चार देशों की उनकी यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र के साथ भारत के सहयोग के स्तर को और अच्छा करना है। उन्होंने कहा कि आज यहां आने का हमारा उद्देश्य लैटिन अमेरिका में भारत की बढ़ती उपस्थिति को उजागर करना है। हमारे बीच व्यापार सालाना 50 अरब डालर तक पहुंच रहा है। हमारी कंपनियां ऊर्जा, खनन से लेकर कृषि व ऑटो क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां लैटिन अमेरिका में परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा, बिजली पारेषण और खनन शामिल हैं। साथ ही शिपिंग और विमानन क्षेत्र में भी उत्पाद वितरित कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा व्यापार का संबंध है। हम स्वाभाविक रूप से इसका विस्तार करना चाहते हैं। 

महामारी के दौरान भारत ने साबित किया कि यह दुनिया की फार्मेसी है: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने लगभग 100 देशों को टीके और 150 देशों सहित विकसित देशों को दवाओं की आपूर्ति करके सही मायने में स्थापित किया कि यह दुनिया की फार्मेसी है। उन्होंने कहा कि तथ्य यह है कि कोविड-19 ने हम सभी को स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनाया है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों के बारे में भी जागरूक किया है। लागत भी एक प्रासंगिक कारक है। यदि हम अधिक स्रोतों, क्षेत्रीय उत्पादन और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण को देख रहे हैं, तो मैं कोलम्बियाई दोस्तों  को सुझाव दूंगा कि भारतीय उद्योग आपका स्वाभाविक भागीदार है।


भारत और कोलंबिया के बीच जुड़ते संबंधों पर जयशंकर ने कहा कि भारत में एक पारंपरिक चिकित्सा और कल्याण प्रथा भी है, जिसके मजबूत व्यावसायिक प्रभाव हो सकते हैं। गौरतलब है, जयशंकर गुयाना, पनामा, कोलंबिया और डोमिनिकन गणराज्य की नौ दिवसीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री के रूप में इन लैटिन अमेरिकी देशों और कैरेबियाई देशों की उनकी पहली यात्रा है।

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