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EAM Jaishankar: 'जब आप देश के बाहर होते हैं तो राजनीति पीछे रह जाती है', विदेश मंत्री की राहुल गांधी को नसीहत
Sun, 04 Jun 2023 02:15 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 04 Jun 2023 02:15 AM IST
सार
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद केपटाउन में एक प्रवासी कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि वह अपने लिए बात कर सकते हैं और विदेश यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करते हैं।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि देश से बाहर कदम रखने पर कभी-कभी राजनीति से बड़ी चीजें होती हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका के सांता क्लारा में भारतीय अमेरिकियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया था और विभिन्न मोर्चों पर उनकी सरकार की नीतियों पर भी हमला किया।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद केपटाउन में एक प्रवासी कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि वह अपने लिए बात कर सकते हैं और विदेश यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करते हैं।
विदेश मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए भाषण पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर मैं विदेश की यात्रा पर हूं तो मैं वहां राजनीतिक नहीं करूंगा। बहस अपने देश में करूंगा। देश के बाहर कदम रखते ही ध्यान रखना चाहिए की राजनीति से और भी बड़ी चीजें होती हैं। साउथ अफ्रीका के केपटाउन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत करते हुए कहा, कुछ चीजें राजनीति से हटकर होती हैं।
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भारत कूटनीतिक वार्ताओं पर जोर दे रहा है
विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट करते हए कहा कि ब्रिक्स एफएमएम के बाद केपटाउन में रूसी विदेश मंत्री लावरोव से मिलकर अच्छा लगा। चर्चा में ब्रिक्स, जी-20 और एससीओ देश के नेता शामिल थे। भारत जुलाई में एससीओ और सितंबर में जी-20 शिखर सम्मलेन आयोजित करेगा। पिछले कुछ महीनों से भारत कच्चे तेल के कारण तनाव में है। हालांकि, भारत रूस से कच्चा तेल आयात करता है लेकिन यूक्रेन से युद्ध के बाद से तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। बता दें, भारत रूस से रियायती दरों में कच्चा तेल खरीद रहा है, इस वजह से दोनों देशों के बीच आर्थिक व्यापार में अधिक बढ़ोतरी हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने अब तक रूस की निंदा नहीं की है। भारत फिलहाल कूटनीतिक वार्ताओं के माध्यम से समाधान पर जोर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी।
जानिए, क्या होता है ब्रिक्स
ब्रिक्स पांच विकासशील देशों का एक समूह है। समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। समूह के देशों की आबादी वैश्विक आबादी का 41 प्रतिशत है। पांचों देश घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 16 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत-दक्षिण अफ्रीका के संबंध भावनात्मक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीन दशक पुराने संबंधों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बहुत ही भावनात्मक संबंध है। जयशंकर ने केप टाउन में प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान यह बात कही। वह ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं। अपने संबोधन से पहले विदेश मंत्री ने शुक्रवार शाम ओडिशा में हुए भीषण रेल हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
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ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद केपटाउन में एक प्रवासी कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि वह अपने लिए बात कर सकते हैं और विदेश यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करते हैं।
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विदेश मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए भाषण पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर मैं विदेश की यात्रा पर हूं तो मैं वहां राजनीतिक नहीं करूंगा। बहस अपने देश में करूंगा। देश के बाहर कदम रखते ही ध्यान रखना चाहिए की राजनीति से और भी बड़ी चीजें होती हैं। साउथ अफ्रीका के केपटाउन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत करते हुए कहा, कुछ चीजें राजनीति से हटकर होती हैं।
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भारत कूटनीतिक वार्ताओं पर जोर दे रहा है
विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट करते हए कहा कि ब्रिक्स एफएमएम के बाद केपटाउन में रूसी विदेश मंत्री लावरोव से मिलकर अच्छा लगा। चर्चा में ब्रिक्स, जी-20 और एससीओ देश के नेता शामिल थे। भारत जुलाई में एससीओ और सितंबर में जी-20 शिखर सम्मलेन आयोजित करेगा। पिछले कुछ महीनों से भारत कच्चे तेल के कारण तनाव में है। हालांकि, भारत रूस से कच्चा तेल आयात करता है लेकिन यूक्रेन से युद्ध के बाद से तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। बता दें, भारत रूस से रियायती दरों में कच्चा तेल खरीद रहा है, इस वजह से दोनों देशों के बीच आर्थिक व्यापार में अधिक बढ़ोतरी हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने अब तक रूस की निंदा नहीं की है। भारत फिलहाल कूटनीतिक वार्ताओं के माध्यम से समाधान पर जोर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी।
जानिए, क्या होता है ब्रिक्स
ब्रिक्स पांच विकासशील देशों का एक समूह है। समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। समूह के देशों की आबादी वैश्विक आबादी का 41 प्रतिशत है। पांचों देश घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 16 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत-दक्षिण अफ्रीका के संबंध भावनात्मक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीन दशक पुराने संबंधों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बहुत ही भावनात्मक संबंध है। जयशंकर ने केप टाउन में प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान यह बात कही। वह ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं। अपने संबोधन से पहले विदेश मंत्री ने शुक्रवार शाम ओडिशा में हुए भीषण रेल हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।