East Asia Summit: इंडोनेशिया में अपने रूसी समकक्ष से मिले एस जयशंकर, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
East Asia Summit: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन से इतर बुधवार को यहां अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की और जी-20 मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन से इतर बुधवार को यहां अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की और जी-20 मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
जयशंकर ने अपने ट्वीट में क्या कहा
उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा, जकार्ता में पूर्वी एशिया सम्मेलन के इतर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करके अच्छा लगा। हमारे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का उपयोगी जायजा लिया। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और जी-20 मुद्दों पर चर्चा की।
जोहान्सबर्ग में भी हुई थी दोनों नेताओं की मुलाकात
दोनों नेताओं ने इससे पहले अगस्त में जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी और ताजा वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की थी। नई दिल्ली में नौ और दस सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्रील लावरोव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से शामिल होंगे।
पुतिन ने जताई थी भारत आने में असमर्थता
राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत में भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता जताई थी।
विदेश मंत्री जयशंकर इंडोनेशियाई समकक्ष से भी करेंगे मुलाकात
आसियान शिखर सम्मेलन से संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे जयशंकर ने इंडोनेशिया के अपने समकक्ष रेटनो मारसुदी से भी मुलाकात की और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन तथा जी-20 शिखर सम्मेलन पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री भी लेंगे इन सम्मेलनों में हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी यहां 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इंडोनेशिया आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में अपनी क्षमता में शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
आसियान बैठक में चीन ने नए शीत युद्ध के खिलाफ चेताया
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भूराजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच इंडोनेशिया में विश्व नेता जुटे हैं। इस दौरान चीन के प्रीमियर (प्रधानमंत्री) ले कियांग ने कहा, देशों के संघर्ष से निपटते वक्त ‘नए शीत युद्ध’ से बचना महत्वपूर्ण है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) और चीन, जापान व दक्षिण कोरियाई सदस्यों के वार्षिक शिखर सम्मेलन में ली ने कहा, मतभेदों-विवादों को उचित तरीके से संभालना जरूरी है। ली ने बैठक में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और क्षेत्र के शीर्ष व्यापारिक भागीदार के रूप में चीन के महत्व को रेखांकित किया। शिखर सम्मेलन में न तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और न ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भाग ले रहे हैं।