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फ्रांस में जयशंकर: हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता का स्वागत किया, कहा- आपके मूल्य और प्रथाएं कम महत्वपूर्ण नहीं
Tue, 22 Feb 2022 04:50 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 22 Feb 2022 04:50 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को पेरिस में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर यूरोपीय संघ के मंत्रिस्तरीय मंच के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : twitter/DrSJaishankar
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विस्तार
तीन दिन की फ्रांस यात्रा पर गए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मंगलवार को हिंद-प्रशांत पर यूरोपीय संघ के मंत्रिस्तरीय मंच को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस और ईयू की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत भागीदारी, उपस्थिति और साझा हित हो सकते हैं।
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विदेश मंत्री ने आगे कहा कि फ्रांस और ईयू जिन मूल्यों का समर्थन करते हैं और जिन प्रथाओं का पालन करते हैं, वो कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र बहुध्रुवीयता और पुनर्संतुलन के केंद्र में है जो समकालीन परिवर्तनों की विशेषता है।
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शक्ति और क्षमताओं का उपयोग संयम से किया जाना जरूरी है
उन्होंने कहा कि साथ ही साथ यह भी बहुत जरूरी है कि अधिक शक्ति और क्षमताओं का उपयोग संयम के साथ किया जाए। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का और क्षेत्रीय अखंडता व संप्रभुता को सर्वोपरि रखते हुए इनका सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
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सामूहिक प्रयासों से सुनिश्चित कर सकते हैं महासागरों की सुरक्षा
जयशंकर ने कहा, 'हिंद-प्रशांत की सुरक्षा में योगदान के लिए हम यूरोपीय संघ की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं। इस सदी को आकार देने में यह क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा। हम अपने सामूहिक प्रयासों से महासागरों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित रख सकते हैं।'
सोमवार को विभिन्न देशों के अपने समकक्षों से मिले थे जयशंकर
इससे पहले जयशंकर ने बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, चेक गणराज्य और यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पारस्परिक हितों और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। वह रविवार को फ्रांस पहुंचे थे।
जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन से मुलाकात करने के बाद ट्वीट किया, यह मुलाकात अच्छी रही। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर यह बैठक हुई। दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए वर्ष 2021 अच्छा रहा, 2022 में इसे नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई।
सोमवार को जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चुंग एई-योंग से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की थी। जयशंकर ने कहा था कि हमने साझा चिंताओं के क्षेत्रीय विषयों पर भी विचार-विमर्श किया था।
जयशंकर ने रविवार को फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-यवेस ले द्रायां के साथ द्विपक्षीय सहयोग, हिंद-प्रशांत, अफगानिस्तान में हालात, ईरानी परमाणु समझौता और यूक्रेन संकट सहित क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर बातचीत की थी।
जयशंकर ने चेक गणराज्य के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद तस्वीर साझा की और लिखा, चेक गणराज्य के विदेश मंत्री जेन लीपावस्की से अच्छी मुलाकात हुई। उनके साथ ईयू से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने वैश्विक संबंधों पर यूरोपीय संघ (ईयू) के आयुक्त जुत्ता अर्पिलाइनेन व फ्रांसीसी रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली से भी मुलाकात की।