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ट्रंप राज में भारत ने अमेरिका से खूब खरीदे हथियार, 2020 में आंकड़ा 3.4 अरब डॉलर पर
Wed, 09 Dec 2020 01:13 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 09 Dec 2020 01:13 PM IST
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नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PMO India
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भारत ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका से खूब हथियार खरीदे हैं। ट्रंप प्रशासन के अंतिम साल में तो इसमें और भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खरीदी का आंकड़ा 62 करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2020 में 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
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अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार भारत को अमेरिकी हथियारों की बिक्री में उछाल ऐसे समय में आया है, जबकि अमेरिका से दूसरे देशों को हथियारों की बिक्री घटी है। 2020 में यह घटकर 50.8 अरब डॉलर रह गई, जबकि 2019 में अमेरिका ने दूसरे देशों को कुल 55.7 अरब डॉलर के हथियार बेचे थे, इससे भी पहले यानी 2017 में यह आंकड़ा 41.9 अरब डॉलर था।
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आंकड़ों के मुताबिक 2020 में अमेरिकी हथियारों के प्रमुख खरीदार भारत (2019 के 62 करोड़ डॉलर के मुकाबले 2020 में 3.4 अरब डॉलर), मोरक्को (1.24 करोड़ डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर), पोलैंड (67.3 करोड़ डॉलर से बढ़कर 4.7 अरब डॉलर), सिंगापुर (13.7 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.3 अरब डॉलर), ताइवान (87.6 करोड़ डॉलर से बढ़कर 11.8 अरब डॉलर) और यूएई (1.1 अरब डॉलर से बढ़कर 3.6 अरब डॉलर) थे।
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इन देशों ने कम खरीदे
हालांकि, इस दौरान कई देशों ने अमेरिका से हथियारों की खरीद कम की है। इनमें सउदी अरब, अफगानिस्तान, बेल्जियम, इराक और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। अमेरिका की ‘हिस्टोरिकल सेल्स बुक’ के 2020 संस्करण के अनुसार भारत ने 2017 में 75.44 करोड़ डॉलर और 2018 में 28.2 करोड़ डॉलर के हथियार खरीदे थे।
आंकड़ों के मुताबिक 1950 और 2020 के बीच अमेरिका ने विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) के तहत भारत को 12.8 अरब अमरीकी डॉलर के हथियार बेचे। आंकड़ों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान को किसी भी तरह की सैन्य और सुरक्षा सहायता में रोक लगाने के बावजूद उसे एफएमएस के तहत हथियार बेचे गए। पाकिस्तान ने 2020 में अमेरिका से 14.6 करोड़ डॉलर के हथियार खरीदे।