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क्रिप्टोकरेंसी से कोविड कोष में दिए दान की 30 फीसदी घट गई कीमत
Fri, 14 May 2021 06:27 AM IST
Amit Mandal
अमर उजाला रिसर्च टीम
अमर उजाला रिसर्च टीम
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 14 May 2021 06:27 AM IST
सार
- वैटालिक ने पहले भी क्रिप्टो में दान किया है, इस बार उन्होंने यह दान भारत के तकनीकी उद्ममी संदीप नरवाल द्वारा बनाए गए क्रिप्टो कोष में दिया है
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Vitalik Buterin
- फोटो : social media
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विस्तार
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथिरिम के संस्थापक वैटालिक ब्यूटेरिन ने भारत में बने क्रिप्टो कोविड राहत कोष के लिए क्रिप्टोकरेंसी के रूप में करीब 7.30 हजार करोड़ रुपये दान किए हैं। इसमें प्रमुख तौर पर शिब टोकन हैं। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, दान के समय इनका कुल मूल्य 8.80 हजार करोड़ रुपये था, लेकिन बाद में शिब की कीमत में 30 फीसदी की गिरावट आ गई। इससे दान का मूल्य भी कम हो गया।
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वैटालिक ने पहले भी क्रिप्टो में दान किया है। इस बार उन्होंने यह दान भारत के तकनीकी उद्ममी संदीप नरवाल द्वारा बनाए गए क्रिप्टो कोष में दिया है। दावा किया जा रहा है कि इस कोष में अब तक 100 करोड़ डॉलर दान आ चुका है।
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इन क्रिप्टोटोकन के मौजूदा मूल्य के लिहाज से वैटालिक के दान को सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदान माना जा रहा है। 27 साल के वैटालिक केवल दो हफ्ते पहले ही विश्व से सबसे युवा क्रिप्टोकरेंसी अरबपति बने थे। उन्होंने 2015 में इथिरिम ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट बनाया था जो सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को टक्कर दे रहा है। उनकी कुल संपत्ति 3000 करोड़ डॉलर मानी जाती है।
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दान का वास्तविक मूल्य तय नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्रिप्टो कोष में आए दान का वास्तविक मूल्य विवादित है। क्रिप्टो करेंसी और खास तौर पर शिब जैसे मजाकिया टोकन की विश्वसनीयता नहीं होती है। इनकी कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इनकी कोई वास्तविक कीमत भी इस समय तय नहीं की जा सकती।
निवेशक हो रहे कम
शिब के दामों में बुधवार को करीब 30 फीसदी की कमी दर्ज की गई। भारत में क्रिप्टो कोविड राहत कोष ने सोशल मीडिया पर बताया कि क्रिप्टोकरेंसी को बेहद सोच-समझकर काम में लिया जाएगा ताकि कोविड-19 के लिए इसका अधिकतम उपयोग हो। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने बताया कि यह धीरे-धीरे अवमूल्यन का शिकार होकर शून्य पर जा सकती है। इसके निवेशक कम हो रहे हैं। शिब असल में एक जापानी नस्ल के कुत्ते शिबा इनु के नाम से शुरू की गई वैकल्पिक और मजाकिया क्रिप्टोकरेंसी है।