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West Asia: ट्रंप की ईरान को चेतावनी, कहा- अगर होर्मुज में किया जहाज पर हमला, तो उड़ा देंगे पुल या पावर प्लांट
Wed, 22 Jul 2026 06:50 PM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:50 PM IST
सार
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष के चलते तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिका ने लगातार 11वें दिन ईरान पर बमबारी की है। इसके जवाब में ईरान की ओर से पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही ईरान अन्य जगहों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को अंजाम दे रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी अमेरिकी जहाज पर हमला करने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर ईरान मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार का इस्तेमाल करके किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका ईरान के एक पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा। इस कार्रवाई में तेहरान शहर के निकट या भीतर स्थित संरचनाएं भी शामिल हो सकती हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, इन दोनों देशों के बीच टकराव का एक संभावित केंद्र बना हुआ है।
ये भी पढ़ें: Marco Rubio: मार्को रुबियो ने ईरान को बताया क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट, आसियान देशों के सामने क्या चेतावनी दी?
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क्या पश्चिम एशिया में और गहराएगा संकट?
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका ईरान की ओर से किसी भी प्रकार की आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा और उसके जवाब में कठोर कार्रवाई करेगा। इस चेतावनी का उद्देश्य ईरान को किसी भी प्रकार के सैन्य दुस्साहस से रोकना है, खासकर उस क्षेत्र में जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इस कड़े रुख से क्षेत्र में पहले से ही अस्थिरता का माहौल और बढ़ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस चेतावनी पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और क्या यह तनाव को कम करने में सहायक होता है या स्थिति को और अधिक जटिल बनाता है।
अब तक क्या हुआ?
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यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, इन दोनों देशों के बीच टकराव का एक संभावित केंद्र बना हुआ है।
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क्या पश्चिम एशिया में और गहराएगा संकट?
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका ईरान की ओर से किसी भी प्रकार की आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा और उसके जवाब में कठोर कार्रवाई करेगा। इस चेतावनी का उद्देश्य ईरान को किसी भी प्रकार के सैन्य दुस्साहस से रोकना है, खासकर उस क्षेत्र में जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इस कड़े रुख से क्षेत्र में पहले से ही अस्थिरता का माहौल और बढ़ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस चेतावनी पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और क्या यह तनाव को कम करने में सहायक होता है या स्थिति को और अधिक जटिल बनाता है।
अब तक क्या हुआ?
- अमेरिका ने लगातार 11वें दिन ईरान पर हमला किया है। इन हमलों में बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित लारक द्वीप के साथ-साथ तब्रीज और चाबहार में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
- ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया है।
- लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने उन तीन "पायलट क्षेत्रों" में से एक का दौरा किया। यहां सेना ने इस्राइल के साथ एक समझौते के तहत तैनाती की है और "दक्षिण में जीवन की वापसी" का वादा किया है।
- फिलीपींस में आसियान की बैठक में बोलते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को "क्षेत्र का उपद्रवी" कहा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नियंत्रण और टोल वसूलने की ईरान की मांग "एक बहुत ही खतरनाक मिसाल" कायम करेगी।