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ट्रंप ने 66 लाख करोड़ रुपये के कोरोना राहत बिल पर किया हस्ताक्षर, अमेरिकी लोगों को मिलेगी आर्थिक मदद

Mon, 28 Dec 2020 09:08 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 28 Dec 2020 09:08 AM IST
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Donald Trump signs 900 billion dollar massive measure funding government Covid relief bill
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को 900 बिलियन डॉलर (करीब 66 लाख करोड़ रुपये) के कोविड-19 राहत बिल पर हस्ताक्षर किए। इस तरह उन्होंने कई दिनों से चली आ रही टालमटोल को समाप्त कर दिया। अमेरिका भर में व्यावसायों और लोगों की इसके लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस बिल से अमेरिका में कोरोना की वजह से रोजगार से हाथ धोने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 

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ट्रंप ने रविवार रात एक बयान में हस्ताक्षर करने की घोषणा की जिसमें कोविड-19 राहत के बारे में बात की गई थी। इस बिल में 2000 डॉलर के बजाय अधिकांश अमेरिकियों को 600 डॉलर की राहत दी गई है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस से मांग की थी कि राहत राशि को 2000 डॉलर किया जाए। 
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बयान में ट्रंप ने कहा, मैं कोविड-19 राहत बिल पर एक मजबूत संदेश के साथ हस्ताक्षर करूंगा, जो कांग्रेस को स्पष्ट करता है कि बेकार वस्तुओं को हटाने की आवश्यकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि वह कांग्रेस को 'नया संस्करण' भेजेंगे, जो कि बचाव प्रक्रिया के तहत हटाए जाएंगे। हालांकि, हस्ताक्षर किए गए बिल में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। 
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इससे पहले, ट्रंप ने कोविड-19 राहत विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए कहा था कि ज्यादातर अमेरिकियों के लिए 600 डॉलर की सहायता काफी नहीं है और उन्होंने संसद से इस राशि को बढ़ाकर 2,000 अमेरिकी डॉलर करने के लिए कहा।

ट्रंप ने मंगलवार रात ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा था कि इस विधेयक से विदेशों में बहुत अधिक धन पहुंचेगा, लेकिन अमेरिकियों को पर्याप्त राशि नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, कुछ महीने पहले कांग्रेस ने अमेरिकी लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए एक नए पैकेज पर बातचीत शुरू की थी। हालांकि, अब वे जिस विधेयक को मेरे पास भेजने की तैयारी कर रहे हैं, वह उम्मीद से काफी अलग है। यह वास्तव में एक अपमान है। 


गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी का सबसे अधिक प्रभाव अमेरिका पर ही देखने को मिला है, जहां संक्रमितों की संख्या दुनियाभर में सबसे अधिक है। अमेरिका में अब तक 1,95,73,847 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीं महामारी के चलते जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 3,41,138 है। 

गांधी-किंग पर अमेरिका में अध्ययन का रास्ता साफ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने गांधी और मार्टिन लूथर किंग पर अध्ययन के आदान-प्रदान पहल कानून पर भी हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब भारत और अमेरिका की सरकार दोनों एक ऐसे वैश्विक मंच की स्थापना कर सकेंगे, जिसमें छात्रों को महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के अहिंसा सिद्धांत पर अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। अधिनियम में भारत--अमेरिका गांधी-किंग फाउंडेशन की स्थापना का भी प्रावधान है। मानवाधिकार, समानता, न्याय और लोकतंत्र के लिए यह कानून महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए बनने वाले फाउंडेशन पर 2022 से 2025 तक 1.5 करोड डॉलर हर साल खर्च होंगे।
 

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