US: 'मैं ईरान पर हमला करना नहीं चाहता लेकिन यह जरूरी हुआ तो इसके लिए तैयार'; ट्रंप ने खामनेई को दी धमकी
ईरान-इस्राइल तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। इसके तहत ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन जरूरत पड़ी तो ईरान पर कार्रवाई को तैयार हैं। ट्रंप ने ईरान से परमाणु कार्यक्रम खत्म करने की अपील की और कहा कि अगला हफ्ता अहम होगा। साथ ही उन्होंने खामनेई को भी तंजभरे लहजे में शुभकामनाएं दीं।
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विस्तार
ईरान इस्राइल के बीच पिछले छह दिनों से जारी जंग हर बीतते दिन के साथ बढ़ती ही जा रही है। अमेरिका भी इस जंग में कूद चुका है। वहीं, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह ईरान पर हमला नहीं करना चाहते हैं, लेकिन यदि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए ऐसा करना आवश्यक हुआ तो वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा कि मैं युद्ध नहीं करना चाहता हूं। लेकिन यदि युद्ध और परमाणु हथियार रखने के बीच चुनाव करना हो, तो आप जानते हैं कि आपको क्या करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने में अभी भी देर नहीं हुई है।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मामले के परिचित लोगों के हवाले से बडी जानकारी दी है। उसने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान के लिए हमले की योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि उन्होंने यह देखने के लिए कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है कि क्या तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ देगा।
मैं ऐसा कर सकता हूं- ट्रंप
वहीं, ईरान की स्थिति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मेरे पास हर चीज के लिए एक योजना है, लेकिन हम देखेंगे कि क्या होता है। उन्हें सौदा करना चाहिए था। मेरे पास उनके लिए एक बढ़िया सौदा था। हमने 60 दिनों तक इस बारे में बात की और अंत में, उन्होंने इसे न करने का फैसला किया। अब वे चाहते हैं कि वे समझौता करते, लेकिन इसमें देर हो चुकी है। हालांकि वे (ईरान) मिलना चाहते हैं, और वे व्हाइट हाउस आना चाहते हैं। मैं ऐसा कर सकता हूं, कुछ भी हो सकता है। मेरा मतलब है, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करने जा रहा हूं। ट्रंप ने कहा कि जब तक कुछ खत्म नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी खत्म नहीं होता।, लेकिन अगला सप्ताह बहुत बड़ा होने वाला है। यह भयानक स्थिति है। मुझे इतनी मौतें और विनाश देखना पसंद नहीं है।
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खामनेई की इनकार पर कसा तंज
इस दौरान ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई द्वारा ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने के उनके आह्वान को मानने से इंकार करने पर भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैं खामनेई को शुभकामनाएं देता हूं।
अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को इस्राइल से निकाला
इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष में अमेरिका की सीधी भागीदारी की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने इस्राइल स्थित अपने दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों की निकासी शुरू कर दी है। मामले में अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि ऑथराइज्ड डिपार्चर की स्थिति के तहत अमेरिकी दूतावास के कुछ कर्मी अब इस्राइल छोड़ रहे हैं। इस योजना के तहत जो लोग जरूरी नहीं हैं, उन्हें सरकारी खर्चे पर देश से बाहर भेजा जा सकता है।
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अमेरिकी अधिकारियों ने दी जानकारी
इसके साथ ही दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को सरकारी विमान से कुछ राजनयिकों और उनके परिजनों को इस्राइल से निकाला गया, जिन्होंने स्वयं जाने की इच्छा जताई थी। इसके कुछ ही समय बाद इस्राइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि अमेरिकी नागरिकों के लिए भी विशेष फ्लाइट और जहाज की व्यवस्था की जा रही है।
हालांकि, यह नहीं बताया गया कि कुल कितने लोगों को अब तक निकाला गया है। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि मामला संवेदनशील है। यह कदम इस्राइल और ईरान के बीच लगातार बिगड़ते हालात और क्षेत्र में युद्ध के खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि ईरान अब अमेरिका से बातचीत करना चाहता है। हालांकि ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा, 'मैंने पहले ही कह दिया था कि अब बहुत देर हो चुकी है।' ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और इस्राइल के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका की भूमिका को लेकर दुनिया भर में अटकलें लगाई जा रही हैं।
खामनेई की अमेरिका को गंभीर चेतावनी, कहा-सरेंडर नहीं करेंगे
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिना शर्त सरेंडर की चेतावनी खारिज करते हुए ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामनेई ने धमकी दी कि अमेरिका युद्ध में कूदा, तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इस बीच, इस्राइली सेना ने तेहरान में यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज बनाने वाले संयंत्र एवं मिसाइल उपकरण की फैक्टरी को निशाना बनाया है। ईरान ने भी तेल अवीव व हाइफा समेत कई शहरों में मिसाइलें दागीं।
ईरान के सरकारी टीवी पर एंकर ने खामनेई के बयान को पढ़कर सुनाया, खुद सामने नहीं आए
शुक्रवार के बाद अपने पहले बयान में 86 वर्षीय खामनेई ने कहा, ईरान पर शांति या युद्ध थोपा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ईरानी राष्ट्र कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि किसी भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से उसे अपूरणीय क्षति उठानी होगी। खामनेई ने कहा, हमें आतंकी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देना होगा। हम यहूदियों पर कोई दया नहीं दिखाएंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि अगर अमेरिका हस्तक्षेप करता है तो क्षेत्र में व्यापक युद्ध छिड़ जाएगा।
इस्राइली विमानों ने रातभर बम गिराए
संघर्ष के छठे दिन इस्राइली वायुसेना ने केरमानशाह एयरबेस पर पांच ईरानी एएच-1 हेलिकॉप्टरों को तबाह कर दिया। इस्राइल के 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में 20 लक्ष्यों को निशाना बनाया। इसमें मिसाइलों के लिए कच्चे माल, उपकरण और विनिर्माण प्रणालियों का उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठान शामिल हैं।
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