US: 'आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश पाकिस्तान', मुनीर को अमेरिका बुलाए जाने पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी रुबिन
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिका आमंत्रित किए जाने पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन ने अपनी राय रखी। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश बताया। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना भी की, और कहा कि उन्हें इतिहास की गहरी समझ नहीं है। रुबिन ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा चालाकी और धोखे से अपने फायदे के लिए काम करता है। वह अक्सर अमेरिका से दोस्ती का दिखावा करता है, ताकि खुद को बचा सके।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की। मुनीर को अमेरिका आमंत्रित किए जाने पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी और अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा चालाकी और धोखे से अपने फायदे के लिए काम करता है। यह एक ऐसा देश है जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है और डरता है कि एक दिन इसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अक्सर अमेरिका से दोस्ती का दिखावा करता है ताकि खुद को बचा सके और अमेरिका से करोड़ों, बल्कि अरबों डॉलर की मदद पा सके। मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं होगी अगर असीम मुनीर भी अब ऐसा ही कर रहे हों।
रुबिन ने आगे कहा कि पाकिस्तान की यह कूटनीतिक बयानबाजी है, वास्तविकता नहीं। हर कोई जानता है कि पाकिस्तान असल में कैसा है, शायद डोनाल्ड ट्रंप को छोड़कर। उन्होंने कहा कि ट्रंप और अमेरिका की सेना के कुछ अधिकारी पाकिस्तान से मीठी बातें करते हैं, लेकिन सिर्फ इसलिए कि उन्हें पाकिस्तान से कुछ चाहिए होता है।
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अमेरिका चाहता है ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ दे
रुबिन आगे कहते हैं कि जब राष्ट्रपति ट्रंप की बात आती है तो वे इस्राइल-ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान से संपर्क कर रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ दे, तो पाकिस्तान को इस पर कोई मदद नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है अमरिका को ईरान में सैन्य कार्रवाई करनी पड़े। युद्ध समाप्त होने के बाद ईरान की परमाणु सामग्री को कहीं और ले जाना पड़े तो इस बात पर चर्चा हो रही है कि वह शायद पाकिस्तान हो सकता है।
जनरलों से बहुत प्रभावित रहते हैं ट्रंप
रुबिन ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जनरलों से बहुत प्रभावित रहते हैं। हम उनके पहले कार्यकाल से ही यह जानते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान में असली ताकत प्रधानमंत्री के पास नहीं, बल्कि सेना प्रमुख असीम मुनीर के पास है। रुबिन ने कहा कि ट्रंप कूटनीतिक चमक के बिना वास्तविकता को दर्शा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दा यह है कि क्या ट्रंप ने असीम मुनीर से कहा है कि उनके कार्यों से एक गुप्त प्रतिक्रिया का जोखिम है। क्या डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को निजी तौर पर धमका रहे हैं, ताकि वह सार्वजनिक रूप से अपनी इज्जत बचा सके?
चीन का पिट्ठू बन चुका है पाकिस्तान
रुबिन ने आगे कहा कि चीन की असली चिंता यह है कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाला तेल, जिसमें से 44% चीन और एशिया में जाता है, कहीं बाधित न हो। अगर वहां कोई संघर्ष होता है, तो चीन को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। पाकिस्तान अब चीन का पिट्ठू बन चुका है, और यह मुमकिन है कि पाकिस्तान चीन के संदेश अमेरिका को और अमेरिका के संदेश चीन को पहुंचा रहा हो।
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ट्रंप को इतिहास की गहरी समझ नहीं
माइकल रुबिन ने डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप को इतिहास की गहरी समझ नहीं है। वे शांति पुरस्कार के चक्कर में असली राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज कर सकते हैं। पाकिस्तान को अमेरिका का दोस्त बताना सिर्फ एक बेमतलब की बयानबाजी है। अगर ट्रंप यह नहीं समझते कि सही और गलत में फर्क करना जरूरी है, तो भारत-पाकिस्तान या इस्राइल-ईरान के बीच टकराव और भी खराब हो सकता है।
पाकिस्तान को चेतावनी- आतंकवाद का समर्थन बंद कर दे
रुबिन ने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन बंद कर देना चाहिए। वो भले ही दुनिया के नेताओं को मूर्ख बना ले, लेकिन आखिरकार उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारत को अपनी सुरक्षा खुद तय करनी चाहिए और किसी बाहरी नेता के भरोसे नहीं रहना चाहिए। ट्रंप भले ही बातचीत का दिखावा करें, लेकिन भारत के हित में क्या है- यह तय करने का अधिकार सिर्फ भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को है।
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