Trump Chicago Plan: ट्रंप बोले- अपराध पर नकेल कसने का अगला मिशन शिकागो में..; शहर के अफसरों ने दिखाए बागी तेवर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि शिकागो उनका अगला मिशन होगा, जहां वे अपराध, बेघरी और अवैध प्रवास पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी की तरह शिकागो में भी सैनिक तैनात करने के संकेत दिए। उन्होंने शहर को गड़बड़ बताते हुए कहा कि वहां के लोग मदद के लिए बुला रहे हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो को लेकर बड़ा बयान दिया। जहां ट्रंप ने शिकागो को अपना अगाला मिशन बताते हुए कहा कि शिकागो उनका अगला मिशन होगा, जहां वे अपराध, बेघरी और अवैध प्रवास को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह वॉशिंगटन डीसी में उन्होंने 2,000 सैनिक तैनात किए हैं, वैसी ही सख्ती शिकागो में भी की जाएगी।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि मुझे लगता है, शिकागो अगला होगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि फिर हम न्यूयॉर्क में भी मदद करेंगे। ट्रंप के इस बयान के साथ ही पेंटागन ने वॉशिंगटन में तैनात सैनिकों को हथियार लेकर चलने के आदेश दिए हैं, हालांकि इस किसी भ सीधी धमकी की पुष्टि नहीं हुई है।
डेमोक्रेट शासित शहरों पर निशाना
बता दें कि ट्रंप ने बार-बार अमेरिका के बड़े शहरों को जो आमतौर पर डेमोक्रेट पार्टी द्वारा शासित होते हैं और जहां काले मेयर और अल्पसंख्यक आबादी अधिक होती है उसे गंदा और खतरनाक" बताया है। शुक्रवार को भी उन्होंने शिकागो को एक गड़बड़ शहर बताते हुए कहा कि वहां के लोग हमें बुला रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि वे कह रहे हैं कृपया राष्ट्रपति ट्रंप, शिकागो आइए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वहां की अफ्रीकी-अमेरिकी महिलाएं, जिनकी उन्होंने प्रशंसा की, उनसे अपील कर रही हैं कि वे वहां आएं और स्थिति को ठीक करें। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप वॉज राइट अबाउट एवरीथिंग वाली लाल टोपी पहने ट्रंप ने कहा कि लोग शिकागो में ऐसी ही लाल टोपी पहन रहे हैं।
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ट्रंप के बयान पर शिकागो के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
वहीं ट्रंप के इस बयान पर शिकागो के कई नेताओं ने आपत्ति जताई और आलोचना भी की। इस दौरान शिकागो के मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने ट्रंप की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारी टीम को ट्रंप प्रशासन से किसी भी सैन्य तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो यह गैरकानूनी और खतरनाक होगा। जॉनसन ने आगे कहा कि ट्रंप का यह कदम अव्यवस्थित, अनुचित और अस्थिर है और इससे समुदाय और पुलिस के बीच तनाव बढ़ेगा।
शिकागो के मेयर ने सुझाव दिया कि अगर ट्रंप वाकई मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें शहर से काटे गए $158 मिलियन के फंड को बहाल करना चाहिए, जो हिंसा-निरोधक कार्यक्रमों के लिए था। इसके साथ ही सीनेटर डिक डर्बिन ने भी ट्रंप की योजना को राजनीतिक नाटक बताया और कहा कि शिकागो एक सांस्कृतिक और विविधता भरा खूबसूरत शहर है।
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सीनेटर टैमी डकवर्थ ट्रंप पर लगाए आरोप
इसके साथ ही नेशनल गार्ड की पूर्व अमेरिकी सैनिक सीनेटर टैमी डकवर्थ ट्रंप पर सेना के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी शहरों में सेना भेजना लोगों को डराने जैसा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इलिनॉय की अध्यक्ष लिसा हर्नांडेज ने ट्रंप के बयानों को झूठा और अपमानजनक करार दिया और कहा कि यह शहरी अपराध को लेकर पुरानी नस्लवादी सोच को दोहराता है।
क्या कहते है शिकागो पुलिस के आंकड़े
वहीं बात ट्रंप के बयान और शिकागो पुलिस के आंकड़ों की करें तो पुलिक से आंकड़े बताते हैं कि 2025 की पहली छमाही में शहर में हिंसक अपराधों में 22% की गिरावट आई है, जबकि हत्याओं और गोलीबारी की घटनाओं में 30% की कमी दर्ज की गई है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है।
ट्रंप का शिकागो को लेकर रुख
गौरतलब है कि ट्रंप का शिकागो को लेकर रुख लंबे समय से नकारात्मक रहा है। 2017 में उन्होंने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो फेडरल फोर्स भेज दूंगा। उन्होंने कई बार शिकागो की तुलना अफगानिस्तान से की है। इसके साथ ही 2016 व 2024 के चुनावी अभियानों में भी शहर की छवि को लगातार निशाना बनाया है।