डोनाल्ड ट्रंप ने फिर की भारत-पाक मध्यस्थता की बात, कहा- लेकिन दोनों देश हों तैयार तभी संभव
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाक मध्यस्थता की बात कही।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तान, भारत और उनकी बातचीत का सवाल है तो मैं मदद के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मैं मानता हूं कि वो एक तरह से मेरी मदद चाहेंगे। लेकिन उन्हें ये जाहिर करना होगा। उनके विचार बहुत अलग हैं और मैं इस बारे में चिंतित हूं।
US President Donald Trump: As long as Iran's menacing behavior continues sanctions will not be lifted, they will be tightened. For 40 years the world has listened to Iran's rulers as they lashed out to everyone else for the problems they alone have created. #UNGA pic.twitter.com/2KNhqcZNdM
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 24, 2019
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कठोर आव्रजन नीतियों का मजबूती से बचाव करते हुए अन्य देशों से कहा है कि उनके पास इस कानून का पालन करने का पूर्ण अधिकार है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को कहा कि अनियंत्रित आव्रजन और कमजोर सीमा नियंत्रण के कारण सभी देशों की संप्रभुता एवं सुरक्षा खतरे में है ।
उन्होंने दुनिया के अन्य नेताओं को चरमपंथियों के ‘बढ़ते कुटीर उद्योग’ के लिए चेताते हुए कहा कि वे खुली सीमा को बढ़ावा दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि जो लोग ऐसा करते हैं, वे सामाजिक न्याय की आड़ में मानव अधिकारों के लिए खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि ये नीतियां केवल गलत ही नहीं बल्कि ‘क्रूर और बुरी’ हैं ।
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे संयुक्त राष्ट्र में चीन को आगाह करते हुए एलान किया कि बीजिंग द्वारा व्यापार व्यवस्था में ‘गड़बड़ी’ किए जाने का समय खत्म हो गया है और उन्होंने उससे हांगकांग के ‘जनजीवन के लोकतांत्रिक तरीकों’ की रक्षा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, वर्षों तक व्यापार व्यवस्था में इन गड़बड़ियों को बर्दाश्त, नजरअंदाज या यहां तक कि प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि ‘वैश्विकता’ के कारण विश्व नेताओं ने अपने ही राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज किया। लेकिन जहां तक अमेरिका का संबंध है, वे दिन अब खत्म हो गए हैं।
ट्रंप ने कहा कि हांगकांग में संकट से जिस तरीके से चीन निपट रहा है उस पर उनका प्रशासन सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है। ट्रंप ने कहा, विश्व यह उम्मीद करता है कि चीन सरकार अपनी बाध्यकारी संधि का सम्मान करेगी और हांगकांग की आजादी और कानूनी व्यवस्था तथा जीवनशैली के लोकतांत्रिक तरीकों की रक्षा करेगी।